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गुजरात के खिलाफ जीत से पहले पंजाब किंग्स ने सात विकेट से रौंदा, और हार्दिक पांड्या मैदान के बीचोबीच खड़े थे, जैसे कोई उस इमारत का नक्शा ढूंढ रहा हो जो उसी ने बनाई थी और जिसमें अब दरारें दिखने लगी हैं. क्रिकेट में टीम हारती है किसी भी खिलाड़ी की व्यक्तिगत हार नहीं होती वैसे ही जीत भी टीम की होती है
गुजरात के खिलाफ मिली जीत हार्दिक पंड्या और टीम के लिए करेगी एकजुट करने का काम
नई दिल्ली. गुजरात के खिलाफ मिली जीत के बाद लोग वानखेड़े स्टेडियम को याद करने लगे होंगे क्योंकि इस मैदान की रातें गवाह हैं यहीं पाँच बार ट्रॉफ़ी उठी, यहीं लाखों दिलों ने जश्न मनाया लेकिन 2026 की तमाम रात कुछ और ही कह रही हैं. गुजरात के खिलाफ जीत से पहले पंजाब किंग्स ने सात विकेट से रौंदा, और हार्दिक पांड्या मैदान के बीचोबीच खड़े थे, जैसे कोई उस इमारत का नक्शा ढूंढ रहा हो जो उसी ने बनाई थी और जिसमें अब दरारें दिखने लगी हैं. क्रिकेट में टीम हारती है किसी भी खिलाड़ी की व्यक्तिगत हार नहीं होती वैसे ही जीत भी टीम की होती है. जीत सिर्फ तिलक वर्मा की नहीं हो सकती वैसे ही हार सिर्फ बुमराह के नाम लिखा सकता.
जीत से पहले उस हार को याद कीजिए जिस मैच के बाद हार्दिक ने माइक थामा तो जो निकला वो किसी कप्तान का बयान कम, किसी थके हुए इंसान का इक़बाल ज़्यादा था, “Difficult calls लेने पड़ सकते हैं। Ownership लेनी होगी।” किसकी ownership? किस पर difficult call? सवाल हवा में तैरते रहे, जवाब कोई नहीं आया.
क्या जीत दरारें भर देगी
गुजरात के खिलाफ बुमराह ने नई गेंद भी फेंका विकेट भी लिया पर इससे पहले,पंजाब के खिलाफ मैच के दौरान, X पर एक वीडियो वायरल हो रहा था. बुमराह गेंदबाज़ी कर रहे थे, और हार्दिक ने बीच में आकर field set करने और सुझाव देने की कोशिश की. बुमराह का चेहरा साफ़ बता रहा था कि यह दख़लअंदाज़ी उन्हें रास नहीं आई. कैमरे ने वो तनाव क़ैद कर लिया जो शायद ड्रेसिंग रूम की दीवारें छुपा लेती हैं. गुजरात के खिलाफ मैच से पहले बुमराह इस पूरे सीज़न में एक भी विकेट नहीं ले पाए थे. दुनिया का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ जब ख़ाली हाथ लौटे, बार-बार, तो सोचना पड़ता है कि यह सूखा सिर्फ क़िस्मत का नहीं, किसी गहरी बेचैनी का भी है.
मुंबई की पहचान थी टीम स्प्रिट
रोहित की शांति, बुमराह की आग, और एक ऐसा ड्रेसिंग रूम जो दबाव में भी एक आवाज़ में बोलता था. आज वो एकता जब टेलीविज़न के कैमरे पर ही सवालों में आ जाए, तो समझ लीजिए कि मामला प्लेइंग XI बदलने से नहीं सुलझेगा. IPL लंबा टूर्नामेंट है वापसी हमेशा मुमकिन है और मुंबई के पास match-winners की कमी नहीं. लेकिन पहले वो दरार भरनी होगी, जो स्कोरकार्ड पर नहीं दिखती, सिर्फ आँखों में दिखती है, कप्तान की भी, और बुमराह की भी. अब जीत के बाद मुंबई कितना एकजुट है ये देखना खासा दिलचस्प होगा.


