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Anupama Chaudhary Life Story: मेरठ के रोहटा की रहने वालीं अनुपमा चौधरी आजकल काफी चर्चाओं में हैं. उनके सामने मौत खड़ी थी, पर उन्हें अपने साथ ही 6 और जिंदगियों की चिंता थी. उन्होंने मुश्किल घड़ी में भी हौसला नहीं खोया. सभी की जिंदगी बचा ली. आइए जानते हैं उनके बारे में.
मेरठ की बेटी ने बचाई थी जिंदगी.
मेरठ: उत्तराखंड के टिहरी जनपद में मां सुरकंडा देवी मंदिर के चरणों में बसे सकलाना क्षेत्र के नौगांव में बुधवार सुबह एक बड़ी खबर सामने आई थी. इसने हर किसी को हैरान कर दिया था. दरअसल, बदरीनाथ से यात्रियों को लेकर देहरादून जा रहा ट्रांस भारत एविएशन कंपनी का एक हेलीकॉप्टर सकलाना क्षेत्र अंतर्गत सत्यो-नौगांव के ऊपर बड़ा हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गया था. हेलीकॉप्टर उड़ान के दौरान घरेलू आपूर्ति वाली बिजली लाइन की चपेट में आ गया, जिससे उसमें अफरा-तफरी मच गई. हालांकि महिला पायलट अनुपमा चौधरी की सूझबूझ और साहस से सभी छह यात्रियों की जान बच गई. आज हम इसी जाबांज महिला के बारे में आपको बताने जा रहे हैं.
यह है मामला
मेरठ के रोहटा इलाके में गांव अट्टा की रहने वाली अनुपमा चौधरी हीरो की तरह बनकर आईं और 6 लोगों को बचा लिया. घटना के बाद हर तरफ अनुपमा चौधरी की चर्चा हो रही है. पायलट अनुपमा चौधरी के अनुसार हेलीकॉप्टर को मूल रूप से गुप्तकाशी होकर देहरादून पहुंचना था, लेकिन उनको सीधे देहरादून जाने का संदेश मिलने के बाद निर्धारित रूट बदलना पड़ा. नए रूट से चंबा-आराकोट क्षेत्र के ऊपर उड़ान भरते समय सुबह करीब साढ़े 9 बजे अचानक हेलीकॉप्टर के पिछले रोटर में बिजली लाइन का तार फंस गया. प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के मुताबिक तार फंसते ही हेलीकॉप्टर हवा में बुरी तरह हिचकोले खाने लगा और अनियंत्रित होकर नीचे आने लगा. स्थिति बेहद भयावह हो गई थी, लेकिन पायलट अनुपमा चौधरी ने धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए हेलीकॉप्टर को नियंत्रित रखा और फंसे हुए तार के साथ ही उसे सुरक्षित रूप से सत्यो-सकलाना के खेतों में इमरजेंसी लैंडिंग करा दी.
कौन हैं अनुपमा चौधरी?
अनुपमा चौधरी की इस साहस को लेकर हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है. वह केवल एक कुशल पायलट ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी भी रह चुकी हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी की बेस्ट बास्केटबॉल प्लेयर और स्पोर्ट्स प्रेसिडेंट रहीं अनुपमा ने पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई मुरादाबाद के स्प्रिंग स्कूल से और ग्रेजुएशन दिल्ली के गार्गी कॉलेज से किया.
- साल 2009 में उनका सेलेक्शन भारतीय वायु सेना में हुआ.
- इसके बाद उन्होंने उधमपुर में ट्रेनिंग ली.
- फिर हिंडन, जामनगर, अंबाला और लेह जैसे अहम एयरफोर्स स्टेशनों पर सेवाएं दीं.
- कैडेट से फ्लाइंग अफसर और फिर विंग कमांडर तक का अपना सफर मेहनत के दम पर तय किया.
- साल 2024 में उन्होंने विंग कमांडर पद से वीआरएस ले लिया.
- इसके बाद उन्होंने एमबीए किया.
- डीजीसीए की परीक्षा पास कर कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल किया.
- फिलहाल वह ट्रांस भारत एविएशन कंपनी में कैप्टन हैं.
- चारधाम यात्रा में सेवाएं दे रही हैं.
अनुपमा के पिता-पति भी अफसर
अनुपमा का परिवार भी देश सेवा से जुड़ा रहा है. उनके पिता जंग बहादुर आरएएफ से रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर हैं. वहीं, उनके पति अमित कुमार एयरफोर्स में विंग कमांडर हैं और फाइटर प्लेन जगुआर उड़ाते हैं. छोटी बहन शिखा इंजीनियर हैं. परिवार ने हमेशा अनुपमा का हौसला बढ़ाया और शायद यही वजह है कि कठिन हालात में भी वह घबराईं नहीं. घटना के बाद जब हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग की खबर आई तो परिवार की चिंता बढ़ गई. रिश्तेदारों और परिचितों के फोन लगातार आने लगे. इसी बीच अनुपमा ने अपनी मां इंद्रा देवी को फोन कर कहा मम्मी, सब सुरक्षित हैं, मैं भी ठीक हूं, आप घबराना मत. बेटी की आवाज सुनते ही परिवार ने राहत की सांस ली. शाम को वह देहरादून स्थित घर पहुंचीं और अगले दिन की उड़ान की तैयारी में जुट गईं. जब रात में परिजनों ने उनसे बात की तो उन्होंने बेहद सामान्य अंदाज में कहा कि जो हुआ उसे पीछे छोड़कर अब अगली सुबह की तैयारी करनी है.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें


