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रामपुर में फार्मर रजिस्ट्री अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है उप कृषि निदेशक रामकिशन सिंह ने बताया कि जिले में अब तक 2 लाख 86 हजार 300 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है. प्रदेश स्तर पर रामपुर इस समय दूसरे स्थान पर पहुंच गया है जो जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है. प्रशासन का लक्ष्य अगले 10 से 15 दिनों में सभी पात्र किसानों की रजिस्ट्री पूरी करना है.
रामपुरः खेती करने वालों के लिए अब फार्मर आईडी सिर्फ एक कागज नहीं बल्कि खेती से जुड़ी सरकारी सुविधाओं की चाबी बन गई है. खाद लेना हो, बीज खरीदना हो या किसी सरकारी योजना का फायदा लेना हो, अब यह आईडी जरूरी हो रही है. जिन किसानों ने अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है उनके लिए रामपुर प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है. अच्छी बात यह है कि प्रक्रिया आसान है और सिर्फ आधार कार्ड, खतौनी व मोबाइल नंबर से यह काम हो जाएगा.
रामपुर में फार्मर रजिस्ट्री अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है उप कृषि निदेशक रामकिशन सिंह ने बताया कि जिले में अब तक 2 लाख 86 हजार 300 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है. प्रदेश स्तर पर रामपुर इस समय दूसरे स्थान पर पहुंच गया है जो जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है. प्रशासन का लक्ष्य अगले 10 से 15 दिनों में सभी पात्र किसानों की रजिस्ट्री पूरी करना है.
खेती से जुड़ी योजनाओं के लिए फार्मर आईडी है जरूरी
उप कृषि निदेशक रामकिशन सिंह ने बताया कि रामपुर की तीन तहसील बिलासपुर, मिलक और टांडा तहसील में काम पूरा हो चुका है. अब सदर तहसील और शाहाबाद में अभियान तेजी से चल रहा है. यहां कुछ लोगों का डेटा मिसमैच हो रहा है क्योंकि कई बाहरी व्यक्तियों की जमीन दर्ज है. इस वजह से लेखपालों के माध्यम से रिकॉर्ड ठीक कराया जा रहा है और जल्द ही यहां भी लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा. साथ ही अब खेती से जुड़ी ज्यादातर योजनाओं में फार्मर आईडी जरूरी कर दी गई है. किसान चाहे सहकारी समिति से यूरिया या डीएपी लें गन्ना समिति से खरीदारी करें या प्राइवेट दुकान से खाद लें हर जगह फार्मर रजिस्ट्री मांगी जा रही है राजकीय कृषि बीज भंडार से बीज या दवा लेने में भी यही नियम लागू है.
आसान है फार्मर रजिस्ट्री
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में भी रामपुर अच्छा प्रदर्शन कर चुका है. पहले जिले को 2 लाख 45 हजार किसानों का लक्ष्य मिला था जिसे पूरा कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया गया. अब सरकार ने नया लक्ष्य 3 लाख 7 हजार कर दिया है, इसलिए नए किसानों को जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है. अब यह सिर्फ पीएम किसान लेने वालों तक सीमित नहीं है. जिनके पास कृषि भूमि है उन्हें फार्मर आईडी बनवानी होगी चाहे वह डॉक्टर हों, वकील, पेंशनर या सरकारी कर्मचारी अगर नाम जमीन में दर्ज है तो रजिस्ट्री जरूरी है. फार्मर आईडी के लिए किसान अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र पर भी यह काम करा सकते हैं. इसके लिए केवल आधार कार्ड, खतौनी और आधार से लिंक मोबाइल नंबर चाहिए.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें


