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unbreakable cricket records: भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर टेस्ट क्रिकेट में 10000 रन तक पहुंचने वाले पहले क्रिकेटर बने. लेकिन क्या आप जानते हैं कि टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 10000 रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड किस खिलाड़ी के नाम है? इस कीर्तिमान पर संयुक्त रूप से तीन बल्लेबाजों का कब्जा है. इन तीनों ने ही सबसे कम पारियां खेलकर इतिहास रचा.
सबसे तेज 10000 टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाज.
नई दिल्ली. क्रिकेट के सबसे कड़े फॉर्मेट यानी टेस्ट क्रिकेट में 10000 रन बनाना पहाड़ चढ़ने जैसा है. कई दिग्गज आए, लेकिन यहां तक नहीं पहुंच सके. हालांकि, कुछ ऐसे ‘रन-मशीन’ भी हुए जिन्होंने गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए इस आंकड़े को सबसे तेज रफ्तार से छू लिया. क्या आप जानते हैं कि टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 10000 रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड किस खिलाड़ी के नाम है? क्रिकेट इतिहास में वैसे तो कई बल्लेबाजों ने इस क्लब में एंट्री की है, लेकिन वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा, भारत के सचिन तेंदुलकर और श्रीलंका के कुमार संगकारा ने महज 195 पारियों में यहां पहुंचकर एक ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया है, जिसे तोड़ना आज के दौर के बल्लेबाजों के लिए भी एक बहुत बड़ी चुनौती है.
ब्रायन लारा ने रचा इतिहास
त्रिनिदाद और टोबैगो के ‘प्रिंस’ ब्रायन लारा ने सबसे पहले इस रिकॉर्ड को कायम किया. साल 2004 में जब वेस्टइंडीज की टीम इंग्लैंड के दौरे पर थी, तब मैनचेस्टर के ऐतिहासिक ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर लारा ने अपने जीवन की 195वीं पारी खेली. 6 दिसंबर 1990 को पाकिस्तान के खिलाफ डेब्यू करने वाले लारा ने इसके लिए 13 साल और 250 दिन का सफर तय किया. यह उनका 111वां टेस्ट मैच था. वह पारियों के लिहाज से टेस्ट इतिहास में सबसे तेज 10000 रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बने. लारा की यह उपलब्धि इसलिए भी खास थी क्योंकि उन्होंने ढलते हुए वेस्टइंडीज क्रिकेट के दौर में अकेले अपने दम पर टीम की बल्लेबाजी का बोझ उठाया था.
सचिन तेंदुलकर ने दोहराया
लारा के इस रिकॉर्ड बनाने के सालभर के अंदर भारत के ईडन गार्डन्स मैदान पर इतिहास रचा गया. तारीख थी 16 मार्च 2005, और सामने थी चिर-प्रतिद्वंद्वी टीम पाकिस्तान. ये कारनामा किसी और ने नहीं, बल्कि 15 नवंबर 1989 को महज 16 साल की उम्र में पाकिस्तान के ही खिलाफ डेब्यू करने वाले सचिन तेंदुलकर ने किया. वह अपने करियर के 122वें टेस्ट मैच में उतरे थे. यह उनकी 195वीं पारी थी. जब पूरा कोलकाता ‘सचिन-सचिन’ के नारों से गूंज रहा था, तब मास्टर ब्लास्टर ने टेस्ट क्रिकेट के इस माउंट एवरेस्ट यानी सबसे तेज 10000 रन के आंकड़े को छू लिया. डेब्यू से लेकर इस मुकाम तक पहुंचने में सचिन को 15 साल और 121 दिन का समय लगा. इस ऐतिहासिक पल ने लारा के रिकॉर्ड की बराबरी की और साबित किया कि क्यों उन्हें दुनिया ‘क्रिकेट का भगवान’ कहती है.
कुमार संगाकारा तीसरा नाम
साल 2012 के बॉक्सिंग डे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर श्रीलंका के बाएं हाथ के स्टाइलिश बल्लेबाज कुमार संगाकारा इतिहास रचने के इरादे से उतरे. 20 जुलाई 2000 को डेब्यू करने वाले संगाकारा ने केवल 12 साल और 159 दिन में यह मुकाम हासिल किया, जो लारा और सचिन के मुकाबले समय के लिहाज से सबसे तेज था. अपने 115वें टेस्ट की 195वीं पारी में जैसे ही संगकारा ने 10000 रनों का आंकड़ा पार किया, उन्होंने लारा और सचिन के साथ अपना नाम भी जोड़ लिया.
पारियों के लिहाज से आज भी यह टेस्ट क्रिकेट का संयुक्त रूप से सबसे तेज 10000 रन का रिकॉर्ड है. कोई भी खिलाड़ी 195 पारियों से पहले 10000 रन नहीं बना सका. अगर डेब्यू से लेकर रिकॉर्ड बनाने के समय को देखा जाए, तो कुमार संगकारा ने सबसे कम समय (12 साल 159 दिन) में यह कारनामा किया.
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शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें


