6 C
Munich

लारा के 4 महारिकॉर्ड जिनका टूटना नामुमकिन, 20 साल बाद भी कोई छू नहीं पाया, कप्तान के तौर पर खेल चुके है सबसे बड़ी पारी

Must read


नई दिल्ली. क्रिकेट की दुनिया में कई बल्लेबाज आए और गए, लेकिन वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन चार्ल्स लारा का नाम इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों से दर्ज है. आज लारा को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिए करीब दो दशक होने को आए हैं, लेकिन उनके बनाए कुछ कीर्तिमान आज भी टेस्ट क्रिकेट के शिखर पर अडिग हैं.

आधुनिक युग में टी20 लीग और आक्रामक बल्लेबाजी के बावजूद दुनिया का कोई भी बल्लेबाज लारा के इन महारिकॉर्ड्स के आसपास भी नहीं पहुंच सका है.  रिटायरमेंट के 20 बाद भी ब्रायन लारा के 4 अविश्वसनीय रिकॉर्ड्स पर जो आज भी अटूट हैं.

1. एक पारी में बतौर कप्तान सबसे बड़ा स्कोर (400 रन)

साल 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ एंटीगुआ टेस्ट में ब्रायन लारा ने बतौर कप्तान इतिहास रचा था.  उन्होंने अकेले मैच की एक पारी में नाबाद 400 रन ठोक दिए थे.  क्रिकेट के 145 से अधिक वर्षों के इतिहास में यह आज भी किसी कप्तान द्वारा बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है.  कप्तानी के दबाव के साथ इतनी लंबी और मैराथन पारी खेलना लारा की मानसिक मजबूती को दर्शाता है.

2. टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 10,000 रन

टेस्ट क्रिकेट में 10 हजार रनों का आंकड़ा छूना हर बल्लेबाज का सपना होता है. लारा ने इस मुकाम को सिर्फ रिकॉर्ड बुक में दर्ज नहीं किया, बल्कि इसे सबसे तेज गति से हासिल किया.  उन्होंने महज 111 मैचों (195 पारियों) में 10,000 टेस्ट रन पूरे कर लिए थे.  उनके इस रिकॉर्ड की बराबरी बाद में सचिन तेंदुलकर और कुमार संगकारा ने जरूर की, लेकिन कोई भी खिलाड़ी उनसे कम मैचों में इस आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया.

3. टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी (400*)

यह केवल एक कप्तान का रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है.  लारा ने इंग्लैंड के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए 400 रनों की जो पारी खेली थी, उसने ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन (380 रन) के रिकॉर्ड को तोड़ा था. आज क्रिकेट इतना तेज हो चुका है कि खिलाड़ियों के लिए तिहरा शतक लगाना भी मुश्किल होता है, ऐसे में लारा का यह ‘चौका’ आज भी सुरक्षित है.

4. हारने वाली टीम की ओर से एक मैच में सर्वाधिक रन (351 रन)

यह रिकॉर्ड लारा के संघर्ष और उनकी बेबसी दोनों की कहानी बयां करता है.  साल 2001 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में लारा ने एक ही मैच में कुल 351 रन (पहली पारी में 221 और दूसरी पारी में 130 रन) बनाए थे.  वेस्टइंडीज की पूरी टीम श्रीलंकाई स्पिनर मुथैया मुरलीधरन के सामने सरेंडर कर चुकी थी, लेकिन लारा अकेले दीवार बनकर खड़े रहे.  विडंबना यह रही कि लारा के इस सुपरह्यूमन प्रदर्शन के बाद भी वेस्टइंडीज यह मैच हार गया.  हारने वाली टीम की तरफ से एक टेस्ट मैच में इतने रन आज तक किसी खिलाड़ी ने नहीं बनाए हैं.

ब्रायन लारा सिर्फ रन बनाने वाले मशीन नहीं थे, बल्कि वह बड़े स्कोर बनाने के फनकार थे. आज के दौर में जब क्रिकेट के नियम बल्लेबाजों के काफी अनुकूल हैं और बाउंड्री छोटी हो चुकी हैं, तब भी लारा के इन रिकॉर्ड्स का न टूटना यह साबित करता है कि वह अपने दौर से बहुत आगे के खिलाड़ी थे.



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article