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रायपुर में एक और कोहली का शतक देखने को मिला लेकिन यह शतक खास था दो शून्य के बाद, सवालों और फुसफुसाहटों के बीच, जो उम्रदराज़ महान खिलाड़ियों का पीछा करती हैं और फिर, लगभग दो दशकों से जैसा करते आए हैं, कोहली ने अपने जवाब बल्ले से दिए उन्होंने एक बार फिर सभी को हैरान कर दिया
रायपुर के मैदान पर विराट कोहली के बैट से निकले दो छक्के किसी अजूबे से कम नहीं थे
नई दिल्ली. एक पुरानी कहानी है महान बॉक्सर मुहम्मद अली के करियर के आखिरी दिनों की जब उनसे पूछा गया कि उन्हें आगे बढ़ते रहने की ताकत क्या देती है, तो उनका जवाब था चैंपियन भरोसे से रिटायर नहीं होते,वे तब रिटायर होते हैं जब भरोसा उन्हें छोड़ देता है. बुधवार रात रायपुर में विराट कोहली ने जिस तरह बल्लेबाज़ी की, वह एक ऐसे खिलाड़ी की कहानी थी, जिसे अब भी यकीन है कि दुनिया का हर रन-चेज़ उसी का है.
रायपुर में एक और कोहली का शतक देखने को मिला लेकिन यह शतक खास था दो शून्य के बाद, सवालों और फुसफुसाहटों के बीच, जो उम्रदराज़ महान खिलाड़ियों का पीछा करती हैं और फिर, लगभग दो दशकों से जैसा करते आए हैं, कोहली ने अपने जवाब बल्ले से दिए उन्होंने एक बार फिर सभी को हैरान कर दिया. 60 गेंदों पर नाबाद 105 रन. 193 का लक्ष्य बेहद आसान लगने लगा। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु फिर से IPL 2026 की अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई. और इन सबके बीच एक और याद दिलाने वाला पल जब दबाव आज भी विराट कोहली के अंदर कुछ खतरनाक जगा देता है.
वो दो शॉट जैसे समय पीछे लौट गया हो
एक चैलेंजिंग विकेट पर वैसे तो विराट ने क्लास बल्लेबाजी की पर दो शॉट ऐसे थे जिन्होंने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया एक बाएं हाथ के स्पिनर अनुकूल राय के खिलाफ और दूसरा कार्तिक त्यागी के खिलाफ दोनों ही लाजवाब. 17वें ओवर में स्पिनर की एक परफेक्ट लेंथ गेंद को कोहली ने जिस खूबसूरती से सीधे मैदान के ऊपर चिप किया, वह देखने लायक था यह शॉट बताता है कि टाइमिंग कैसे किसी भी शॉट को खास बना सकती है. अगले ही ओवर में त्यागी की गेंद पर हल्के से कलाई का इस्तेमाल कर मिडविकेट के ऊपर खेला गया शॉट भी कमाल का था. एक अच्छी गेंद को जैसे विराट ने अपने बॉटम हैंड के इस्तेमाल से मैदान के बाहर भेजा वो रायपुर के दर्शको को हमेशा याद रहेगा. शतक एक सिंगल के साथ पूरा हुआ। न कोई बड़ा जश्न, न कोई उछाल बस एक मुस्कान, बल्ला उठाना और रिकॉर्ड बुक में एक और एंट्री एक ऐसी किताब, जिस पर अब लगभग पूरी तरह कोहली का ही नाम लिखा है.
अलग नजर आए कोहली
पहला रन लेने के बाद उनकी प्रतिक्रिया ही सब कुछ कह रही थी. दो बार शून्य पर आउट होने के बाद कोहली धीरे-धीरे शुरुआत करने के मूड में नहीं थे। यही सबसे सकारात्मक बात थी. जहां कोई भी खिलाड़ी थोड़ा समय लेना चाहता, वहीं कोहली ने तुरंत आक्रमण शुरू कर दिया. उन्होंने वैभव अरोड़ा के एक ओवर में चार चौके जड़ दिए. मिडविकेट के ऊपर खेला गया फ्लिक तो उनका ट्रेडमार्क था, लेकिन बैकफुट पर जाकर कवर के ऊपर खेला गया शॉट सबसे खास रहा. वह एक ऐसे बल्लेबाज़ की झलक थी जो पूरी तरह आत्मविश्वास से भरा हुआ था.
कोहली का कैलकुलेशन
कोहली ने 32 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और उसके बाद मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी. देवदत्त पड्डीकल और रजत पाटीदार के आउट होने के बाद भी उन्होंने मैच को नियंत्रण में रखा. एक समय RCB को आखिरी 6 ओवर में 60 रन चाहिए थे, लेकिन कहीं भी घबराहट नहीं दिखी. कॉमेंटेटर्स को भी पता था कि अगर कोहली आउट हो जाते तो मुकाबला रोमांचक हो सकता था। लेकिन ऐसा हुआ नहीं. कोहली ने कमजोर गेंदबाजों को निशाना बनाया और डेथ ओवर्स में फिर से अरोड़ा पर हमला बोला. विराट कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया फॉर्म अस्थायी होती है, लेकिन क्लास और भरोसा हमेशा कायम रहता है.
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मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें


