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वो जो करते थे फॉलो करता था, आज उनके कमरे में चला जाता हूं…संजू सैमसन को बनना था महेंद्र सिंह धोनी जैसा

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संजू सैमसन को बनना था महेंद्र सिंह धोनी जैसा, सपने जैसा लगता है साथ बैठना

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संजू सैमसन ने चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ खेलने को लेकर दिल की बात सबसे सामने रखी, उन्होंने बताया कि कैसे जब छोटे थे तो उनको खेलते देखा था. तब उनको आदर्श मानते थे और ड्रेसिंग रूम में एक साथ रहते हैं. यह अनुभव हद से ज्यादा कमाल का है.

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संजू सैमसन को बनना था महेंद्र सिंह धोनी जैसा, सपने जैसा लगता है साथ बैठना

नई दिल्ली. संजू सैमसन ने चेन्नई सुपर किंग्स में महेंद्र सिंह धोनी के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने के अपने बचपन के सपने के पूरे होने को लेकर खुलकर बात की. बताया कि कैसे बचपन से ही वह इस दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज के फैन रहे हैं. सुपर किंग्स पॉडकास्ट के ताजा एपिसोड में सैमसन ने याद किया कि पहली बार उन्होंने धोनी को भारत के लिए बल्लेबाजी करते हुए देखा था और कैसे वह उनके आदर्श बन गए थे. केरल के इस बल्लेबाज ने बताया कि जब धोनी ने अपने लंबे बालों और बेखौफ बल्लेबाजी के अंदाज के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था, तब वह स्कूल में ही थे.

संजू सैमसन ने कहा, “मैं चौथी या पांचवीं क्लास में था, बहुत छोटा था. मुझे याद है कि मैंने एक लंबे बालों वाले लड़के को भारत के लिए बल्लेबाजी करने जाते हुए देखा. वह कुछ मैचों में जल्दी आउट हो जाते थे, फिर अचानक पाकिस्तान के खिलाफ शतक जड़ दिया. उन्होंने 183 रन बनाए, फिर उसके बाद लगातार बड़े स्कोर करने लगे. उसी पल से मैं उनका बड़ा फैन बन गया,”

एमएस धोनी की पाकिस्तान के खिलाफ यादगार पारी. श्रीलंका के खिलाफ 183 रन की पारी ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का बड़ा सितारा बना दिया था. सैमसन ने माना कि वह धोनी से जुड़ी हर चीज को फॉलो करते थे. “उसके बाद वह हर जगह पोस्टर, मीडिया, विज्ञापन में फॉलो करते थे. वह बूस्ट के विज्ञापनों में भी आते थे. घर में हम बूस्ट पीते थे और उसकी बोतल पर एक स्टीकर होता था. मुझे याद है कि मैंने उस पोस्टर से माही का चेहरा काटकर अपनी डायरी में चिपका लिया था.”

सालों बाद बचपन की वही दीवानगी अब CSK में एक करीबी गुरु-शिष्य के रिश्ते में बदल गई है. “उस पल से लेकर आज जहां मैं हूं, क्या कहूं? मैं उनके साथ बैठता हूं, बात करता हूं, उनके साथ खेलता हूं. उनके कमरे में जाता हूं और जो भी पूछना होता है, पूछ लेता हूं. वह मुझे सलाह भी देते हैं. यह एक सपना रहा है, बल्कि सपने से भी बढ़कर. मुझे लगता है कि हर बच्चा इसका सपना देखता है और मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि यहां हूं,”

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Viplove Kumarchief sub editor

विप्लव कुमार 2022 से न्यूज18 के साथ काम कर रहे हैं. रीडर्स के लिए दिन की शुरुआत अच्छी हो इसकी खास जिम्मेदारी उनके कंधे पर होती है. सुबह की शिफ्ट में आकर पिछले दिन हुई रोचक घटना से लेकर पूरे दिन होने वाली गतिविध…और पढ़ें



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