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भारतीय टीम के स्टार संजू सैमसन ने आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन कर भारत के ट्रॉफी जीतने में अहम भूमिका निभाई. शुरुआती मुकाबलों में ईशान किशन की वजह से उनको प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी. इसे लेकर अब संजू ने खुलकर बात की है.
ईशान किशन के टीम में वापस आने के बाद डर गए थे संजू सैमसन
नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से शानदार पारी खेलकर रहे संजू सैमसन ने टीम के प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखने में अहम भूमिका निभाई है. टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन से बाहर होने के बाद वो डर गए थे. उनकी जगह पर ईशान किशन को मौका दिया गया था. इसे लेकर संजू ने पहली बार खुलकर बात की है. उन्होंने बताया कि वो ऐसा स्थिति में थे जहां कोई भी असुरक्षित महसूस करेगा.
सैमसन को टी20 वर्ल्ड कप टीम में आखिरी समय में शामिल किया गया था. ईशान को घरेलू टूर्नामेंट में अच्छे प्रदर्शन का इनाम शुभमन गिल को बाहर कर टीम में जगह देकर दिया था. वर्ल्ड कप की घोषणा से लगभग तीन महीने पहले सैमसन टीम में अपनी जगह खो चुके थे. जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में वापसी के बाद उन्हें फिर मौका मिला. लगातार फ्लॉप होने के बाद ईशान को वापसी का मौका मिला था.
सैमसन ने सीएसके पॉडकास्ट में अभिनव मुकुंद के साथ कहा, “सच कहूं तो, ईशान किशन अचानक ही टीम में आ गए. उन्होंने मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया, झारखंड के लिए चैंपियनशिप जीती और उनकी वापसी हो गई.”
सैमसन ने आगे कहा, “हम सिर्फ खुद को ही देखते हैं, है ना? मुझे लगता है कि मैंने दिन-रात मेहनत की है. हाल ही में मुझे महसूस हुआ कि ईशान ने भी वही किया है. पिछले दो सालों में जो उनके साथ हुआ था, वह सिस्टम से बाहर थे, उन्होंने घरेलू क्रिकेट में कड़ी मेहनत की और वापसी की. रन बनाना शुरू कर दिया था और मैं कैमरे पर स्वीकार कर सकता हूं कि मुझे लग रहा था कि वह मेरी जगह लेने आ रहे हैं,”
सैमसन ने बताया सबकुछ ईशान के त्रिवेंद्रम में शतक लगाने से बदल गया. संजू ने कहा, “त्रिवेंद्रम में जब उसने शतक लगाया, तो मैं सोच रहा था, ‘संजू, अब इसे उसे दे दो, बॉस. वह तुमसे ज्यादा इसका हकदार है. तुम्हें मौके मिले, तुम रन नहीं बना सके. कोई है जो जबरदस्त फॉर्म में है.’ वह मुश्ताक अली ट्रॉफी से आया, वहां सब कुछ सही किया और फिर वर्ल्ड कप से ठीक पहले शतक लगाया. मुझे लगा जगह छोड़ना बेहत है’”
सैमसन ने बदली किस्मत
सैमसन वर्ल्ड कप के ज्यादातर मुकाबले में बेंच पर रहे. टीम मैनेजमेंट ने उन्हें मौका नहीं दिया. जब विरोधी टीमों ने भारत की ऑफ स्पिन के खिलाफ कमजोरी उजागर की. दाएं हाथ के बल्लेबाज ने न सिर्फ उस कमजोरी को दूर किया, बल्कि मौके का पूरा फायदा उठाते हुए सिर्फ पांच पारियों में 320 से ज्यादा रन बनाए. सेमीफाइनल और फाइनल दोनों में अर्धशतकीय पारी खेली. सैमसन को उनके प्रदर्शन के लिए टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया, जिससे भारत ने ट्रॉफी बरकरार रखी.
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विप्लव कुमार 2022 से न्यूज18 के साथ काम कर रहे हैं. रीडर्स के लिए दिन की शुरुआत अच्छी हो इसकी खास जिम्मेदारी उनके कंधे पर होती है. सुबह की शिफ्ट में आकर पिछले दिन हुई रोचक घटना से लेकर पूरे दिन होने वाली गतिविध…और पढ़ें


