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क्रिकेट में अक्सर खिलाड़ियों को मैदान पर चोटिल होते देखा गया है, लेकिन इंग्लैंड के पूर्व विकेटकीपर ब्रूस फ़्रेंच के साथ लाहौर में जो हुआ, वह किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा लगता है। एक ही दोपहर के भीतर उनके साथ तीन अलग-अलग हादसे हुए, जिसने उन्हें “दुनिया के सबसे बदकिस्मत खिलाड़ी” का अनचाहा खिताब दिला दिया.
1987 के पाकिस्तान दौरे पर इंग्लैंड के विकेटकीपर एक दिन में हुए तीन बार घायल
नई दिल्ली. कहते है जब किस्मत कऱबा हो तो हाथी पर बैठे इंसान को कुत्ता भी काट जाता है ये बात इंग्लैंड के विकेटकीपर ब्रूस फ़्रेंच पर एकटम सटीक लागू होती है. 1987-88 के पाकिस्तान दौरे पर लाहौर में हुई यह घटना क्रिकेट इतिहास की सबसे अजीबोगरीब और ‘बदकिस्मत’ कहानियों में से एक मानी जाती है.
क्रिकेट में अक्सर खिलाड़ियों को मैदान पर चोटिल होते देखा गया है, लेकिन इंग्लैंड के पूर्व विकेटकीपर ब्रूस फ़्रेंच के साथ लाहौर में जो हुआ, वह किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा लगता है। एक ही दोपहर के भीतर उनके साथ तीन अलग-अलग हादसे हुए, जिसने उन्हें “दुनिया के सबसे बदकिस्मत खिलाड़ी” का अनचाहा खिताब दिला दिया.
1. नेट सेशन और दर्शक का ‘घातक’ थ्रो
कहानी शुरू होती है लाहौर के एक प्रैक्टिस सेशन से जहां ब्रूस फ़्रेंच नेट पर अभ्यास कर रहे थे. इसी दौरान एक गेंद स्टैंड्स में चली गई और एक उत्साही दर्शक ने गेंद वापस करने के लिए उसे मैदान की तरफ फेंका. बदकिस्मती से, ब्रूस का ध्यान उस ओर नहीं था और गेंद सीधे उनके सिर पर जा लगी और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ी.
2. अस्पताल के बाहर एक और ‘टक्कर’
चोट गंभीर लग रही थी, इसलिए उन्हें टैक्सी से पास के अस्पताल ले जाया गया अभी वह दर्द से उबर ही रहे थे कि अस्पताल के प्रवेश द्वार पर उतरते समय एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी हालांकि यह टक्कर बहुत भीषण नहीं थी, लेकिन इसने उनकी पहले से खराब स्थिति को और बिगाड़ दिया.
3. डॉक्टर का कमरा और आखिरी ‘वार’
दो हादसों के बाद, आखिरकार वह डॉक्टर के पास पहुँचे. उनके सिर पर टांके (Stitches) लगाए गए पर जैसे ही वह उपचार के बाद अपनी कुर्सी से उठने लगे, उनका सिर ऊपर लगे एक लाइट फिटिंग (लैंप) से जोर से टकरा गया. ब्रूस फ़्रेंच का वह ‘लाहौर दौरा’ आज भी क्रिकेट प्रेमियों के बीच ‘बैड लक’ की मिसाल के तौर पर याद किया जाता है.
फ्रेंच का करियर
ब्रूस फ़्रेंच को तकनीक के मामले में इंग्लैंड के सबसे बेहतरीन विकेटकीपरों में गिना जाता था. उनके बारे में कहा जाता था कि वह स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ विकेट के पीछे बहुत फुर्तीले थे. फ्रेंच ने इंग्लैंड के लिए 16 टेस्ट और 13 वनडे मैच खेले. एक ही टेस्ट में सबसे ज्यादा कैच का रिकॉर्ड1986 में भारत के खिलाफ ‘लॉर्ड्स’ के मैदान पर उन्होंने एक खास उपलब्धि हासिल की थी. उन्होंने उस मैच में कुल 7 कैच (पहली पारी में 4 और दूसरी में 3) लपके थे जो उस समय यह एक टेस्ट मैच में इंग्लैंड के किसी भी विकेटकीपर द्वारा लिए गए सबसे ज्यादा कैच के रिकॉर्ड की बराबरी थी.बल्लेबाजी में भी वह जरूरत पड़ने पर टिक कर खेलते थे उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ एक मैच में नाइटवॉचमैन के तौर पर उतरकर जुझारू पारी खेली थी और टीम को मुश्किल से निकाला था.
फ़्रेंच ने ‘नॉटिंघमशायर’ (Nottinghamshire) के लिए लंबे समय तक फर्स्ट-क्लास क्रिकेट खेला. उनके नाम 800 से ज्यादा शिकार (कैच और स्टंपिंग) दर्ज हैं, जो उनकी काबिलियत का सबूत है. क्रिकेट छोड़ने के बाद, उन्होंने एक बेहतरीन विकेटकीपिंग कोच के रूप में पहचान बनाई. उन्होंने इंग्लैंड के बड़े विकेटकीपरों जैसे मैट प्रायर, जोस बटलर, और जॉनी बेयरस्टो को कोचिंग दी और उनकी तकनीक सुधारने में बड़ी भूमिका निभाई.
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मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें


