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Virat Kohli Records: विराट कोहली की आईपीएल में बादशाहत कायम है. आईपीएल में सर्वाधिक 9 शतकों और 14,000 टी20 रनों का सबसे तेज रिकॉर्ड बनाकर उन्होंने क्रिस गेल जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है. केकेआर के खिलाफ रायपुर में उनकी 105 रनों की ऐतिहासिक पारी और लक्ष्य का पीछा करते हुए 3 शतकों ने उन्हें ‘अल्टीमेट चेस मास्टर’ सिद्ध किया है. 21 प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कारों के साथ कोहली आज के दौर के सबसे महान क्रिकेटर बनकर उभरे हैं.
विराट कोहली (Virat Kohli) को हमेशा से ‘चेस मास्टर’ कहा जाता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में उन्होंने इस परिभाषा को और विस्तार दिया है. आईपीएल में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा शतक लगाने की सूची में वे जोस बटलर के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर पहुंच गए हैं. बटलर और कोहली दोनों के नाम अब लक्ष्य का पीछा करते हुए 3-3 शतक हैं. यह आंकड़ा केवल रनों के बारे में नहीं है, बल्कि उस मानसिक मजबूती के बारे में है जो विराट को दबाव की स्थितियों में दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बनाती है.

आरसीबी और केकेआर के बीच की प्रतिद्वंद्विता हमेशा से रोमांचक रही है. 2011 में जब क्रिस गेल ने केकेआर के खिलाफ नाबाद 102 रनों की पारी खेली थी, तब से यह सिलसिला जारी है. विराट ने 2019 में कोलकाता के मैदान पर अपना लोहा मनवाया था, लेकिन कहानी का सबसे नया और सुनहरा अध्याय 2026 में रायपुर के मैदान पर लिखा गया. वहां विराट ने 60 गेंदों में नाबाद 105 रनों की पारी खेलकर यह साबित कर दिया कि उम्र उनके खेल पर हावी नहीं हो सकती.

जब हम टी20 क्रिकेट के इतिहास की बात करते हैं, तो क्रिस गेल के 22 शतकों का पहाड़ सबसे ऊंचा नजर आता है. लेकिन विराट कोहली धीरे-धीरे उस शिखर की ओर बढ़ रहे हैं.अब विराट के नाम टी20 फॉर्मेट में 10 शतक हो चुके हैं, जो उन्हें डेविड वार्नर के बराबर खड़ा करता है. बाबर आजम (13 शतक) के बाद वे सक्रिय खिलाड़ियों में सबसे आगे निकलने की रेस में मजबूती से बने हुए हैं.
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आईपीएल के इतिहास में शतकों का बादशाह अगर किसी को कहा जा सकता है, तो वह केवल विराट कोहली हैं. उनके नाम अब इस लीग में 9 शतक दर्ज हैं, जो जोस बटलर (7), क्रिस गेल (6) और केएल राहुल (6) जैसे दिग्गजों से काफी आगे है. यह दर्शाता है कि विराट ने न केवल अपनी निरंतरता बनाए रखी है, बल्कि हर सीजन के साथ अपने खेल को और अधिक आक्रामक बनाया है.

मैदान पर विराट कोहली और रोहित शर्मा का प्रभाव एक जैसा रहा है. आईपीएल में सबसे ज्यादा ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ (भारतीय खिलाड़ी) जीतने का रिकॉर्ड अब इन दोनों दिग्गजों के बीच साझा है.विराट और रोहित दोनों ने 21-21 बार यह खिताब जीता है. उनके पीछे एमएस धोनी (18) और रवींद्र जडेजा (17) जैसे नाम हैं, जो यह बताता है कि भारतीय क्रिकेट को इस मुकाम तक लाने में कोहली और रोहित का योगदान सबसे बड़ा रहा है.

दुनिया का हर महान बल्लेबाज किसी न किसी टीम के खिलाफ ज्यादा घातक होता है। विराट ने आईपीएल में दो अलग-अलग टीमों के खिलाफ ‘मल्टीपल हंड्रेड्स’ (एक से ज्यादा शतक) जड़े हैं। उन्होंने गुजरात लायंस और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ दो-दो शतक लगाकर यह दिखाया है कि वे विपक्षी गेंदबाजों की रणनीति को कितनी जल्दी समझ लेते हैं. जोस बटलर भी इस सूची में उनके साथ शामिल हैं.

विराट कोहली की निरंतरता का सबसे बड़ा सबूत यह है कि उन्होंने आईपीएल की लगभग हर बड़ी टीम के खिलाफ 1100 से ज्यादा रन बनाए हैं. सीएसके के खिलाफ 1174 रन, दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 1172 रन, और पंजाब किंग्स के खिलाफ 1159 रन. हाल ही में उन्होंने केकेआर के खिलाफ भी 1126 रनों का आंकड़ा पार कर लिया है, जो किसी भी बल्लेबाज के लिए एक अविश्वसनीय उपलब्धि है.

टी20 क्रिकेट में 14000 रन बनाना धीरज और कौशल की परीक्षा है. लेकिन विराट ने इसे सबसे कम पारियों में हासिल कर दुनिया को हैरान कर दिया. उन्होंने केवल 409 पारियों में यह जादुई आंकड़ा छुआ, जबकि ‘यूनिवर्स बॉस’ क्रिस गेल को यहां तक पहुंचने के लिए 423 पारियां लगी थीं. डेविड वार्नर और जोस बटलर जैसे धाकड़ खिलाड़ी भी इस मामले में विराट की गति के सामने पीछे छूट गए हैं.

अगर हम आज के दौर के अन्य बल्लेबाजों जैसे रीजा हेंड्रिक्स, अभिषेक शर्मा या क्विंटन डी कॉक से तुलना करें, तो उनके पास भी टी20 में 9-9 शतक हैं. लेकिन विराट जिस स्तर पर और जिन दबाव वाली स्थितियों में खेल रहे हैं, वहां उनका रिकॉर्ड उन्हें एक अलग लीग में खड़ा करता है. वे न केवल रन बना रहे हैं, बल्कि अपनी टीम के लिए मैच विजेता पारियां भी खेल रहे हैं.

विराट कोहली के ये आंकड़े केवल संख्या नहीं हैं. ये उनके समर्पण, फिटनेस और खेल के प्रति जुनून की कहानी कहते हैं. चाहे वह रायपुर की गर्मी में नाबाद 105 रनों की पारी हो या चेन्नई के खिलाफ बनाया गया रनों का विशाल स्कोर, कोहली ने क्रिकेट को एक नया पैमाना दिया है. आने वाले समय में जब भी क्रिकेट का इतिहास लिखा जाएगा, 2026 का यह दौर ‘विराट युग’ के स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा.


