नई दिल्ली. पंजाब किंग्स के बल्लेबाजों पर दबाव रहेगा कि वे अपनी गिरती फॉर्म को रोकें जब वे यहां बुधवार को इंडियन प्रीमियर लीग में आत्मविश्वास से भरी सनराइजर्स हैदराबाद से भिड़ेंगे. पंजाब, जिसने लगातार छह मैच जीतकर सबको चौंका दिया था, पिछले दो मैच हार गया और इन हारों ने उनकी कमजोरियां उजागर कर दीं जिन्हें वे जल्दी सुधारना चाहेंगे. हालांकि पंजाब 9 मैचों में 13 अंकों के साथ टॉप पर है, लेकिन अब गलती की गुंजाइश बहुत कम है क्योंकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, सनराइजर्स हैदराबाद, राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस सिर्फ एक अंक पीछे हैं.
पंजाब की हालिया गिरावट का बड़ा कारण लय का टूटना है. उनकी धमाकेदार बल्लेबाजी ने सीजन में ज्यादातर समय कमजोर गेंदबाजी को छुपा दिया था, लेकिन अब कमियां दिखने लगी हैं. टॉप ऑर्डर, जिसने शुरुआत में लय बनाई थी, अब लड़खड़ा गया है. प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह और कूपर कॉनॉली की युवा तिकड़ी का आक्रामक अंदाज अब लापरवाही में बदल गया है, जिससे टीम को शुरुआत में ही झटके लग रहे हैं और मिडिल ऑर्डर पर दबाव आ रहा है.
गेंदबाजी हो रही है एक्सपोज
गेंदबाजी पंजाब की कमजोर कड़ी रही है और इसमें भी कोई खास सुधार नहीं दिखा. जीत के मैचों में भी गेंदबाजों ने विपक्षी बल्लेबाजों को रन बनाने दिए और अहम मौकों पर अनुशासन की कमी से ओवर खत्म करना मुश्किल हो गया. टूर्नामेंट के इस अहम पड़ाव पर पंजाब को अपनी रणनीति और बेहतर बनानी होगी, खासकर SRH की मजबूत बल्लेबाजी के सामने, जो राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर खेलेगी. अर्शदीप सिंह, मार्को येंसन चहल सभी रनों का बहाव रोकने में फेल रहे है.
हैदराबाद के बल्लेबाजों का हल्लाबोल
तीसरे नंबर पर मौजूद सनराइजर्स हैदराबाद पिछली हार से उबरना चाहेगी, जब कोलकाता नाइट राइडर्स ने उनकी पांच मैचों की जीत की लय तोड़ी थी. इस हार से पैट कमिंस की टीम टॉप पर पहुंचने का मौका भी गंवा बैठी. उस मैच में ट्रैविस हेड और ईशान किशन को छोड़कर बाकी बल्लेबाज नहीं चल पाए. हेड ने हाल के मैचों में लगातार अर्धशतक लगाकर फॉर्म में वापसी की है. अभिषेक शर्मा भी रन बना रहे हैं और हेनरिच क्लासेन पूरे सीजन में लगातार अच्छा खेल रहे हैं.
मलिंगा बने एक्स फैक्टर
गेंदबाजी में हैदराबाद की टीम संतुलित नजर आती है. कप्तान कमिंस की वापसी से अटैक में धार आई है. तेज गेंदबाजों ने खासकर डेथ ओवर्स में अच्छी गेंदबाजी की है. ईशान मलिंगा, प्रफुल हिंजे और साकिब हुसैन जैसे गेंदबाजों ने आखिरी ओवरों में सटीक गेंदबाजी की है, जिससे हैदराबाद पारी खत्म करने में सबसे असरदार टीमों में से एक बन गई है. मलिंगा ने खास तौर पर शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे टीम की गहराई नजर आई है और टीम किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं रही.
सनराइजर्स हैदराबाद: पैट कमिंस (कप्तान), सलील अरोड़ा (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिच क्लासेन (विकेटकीपर), ट्रैविस हेड, रविचंद्रन अश्विन, अनिकेत वर्मा, अभिषेक शर्मा, हर्ष दुबे, क्रेन्स फुलेत्रा, लियम लिविंगस्टोन, कमिंदु मेंडिस, नितीश कुमार रेड्डी, हर्षल पटेल, शिवम मावी, शिवांग कुमार, अमित कुमार, जेराल्ड कोएत्जी, प्रफुल हिंजे, साकिब हुसैन, दिलशन मदुशंका, ईशान मलिंगा, ओंकार तर्नाले, जयदेव उनादकट, जीशान अंसारी.
पंजाब किंग्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, हरनूर सिंह, प्रभसिमरन सिंह, मिचेल ओवेन, निहाल वढेरा, अजमतुल्लाह उमरजई, मार्को जैनसन, मुशीर खान, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, सूर्यांश शेडगे, अर्शदीप सिंह, जेवियर बार्टलेट, युजवेंद्र चहल, लॉकी फर्ग्यूसन, हरप्रीत बरार, विजयकुमार वैश्याक, यश ठाकुर, कूपर कॉनॉली, बेन ड्वार्शुइस, प्रवीण दुबे, विशाल निशाद, पायला अविनाश, विष्णु विनोद


