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2024 में जनगणना क्‍यों नहीं शुरू कराई- डिंपल यादव का संसद में सरकार से सवाल

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Mahila Aarakshan Bill Dimple Yadav Speech : डिंपल यादव ने कहा कि आधी आबादी में बंटवार करने की कोशिश की जा रही है. इसके जरिये सरकार महिलाओं का नहीं, बल्कि खुद का सशक्तिकरण करने में लगी है. उन्‍होंने कहा कि हम महिला आरक्षण के पक्ष में हैं.

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महिला आरक्षण बिल पर डिंपल यादव ने संसद में भाषण दिया.

Women Reservation Bill : महिला आरक्षण विधेयक को लेकर अखिलेश यादव के बाद समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भी केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं उन्‍होंने सवाल उठाया कि 2024 में जनगणना क्‍यों नहीं शुरु कराई गई? सरकार संविधान को कमजोर कर रही है. आधी आबादी में बंटवार करने की कोशिश की जा रही है. इसके जरिये सरकार महिलाओं का नहीं, बल्कि खुद का सशक्तिकरण करने में लगी है. उन्‍होंने कहा कि हम महिला आरक्षण के पक्ष में हैं.

सपा सांसद डिंपल यादव ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कहा कि सरकार इस संशोधन के जरिए वास्तविक महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि खुद के सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने याद दिलाया कि जब 2023 में यह विधेयक लाया गया था, तब स्पष्ट रूप से जनगणना और उसके बाद जातिगत जनगणना, फिर परिसीमन और अंत में आरक्षण लागू करने की बात कही गई थी. समाजवादी पार्टी का भी यही पक्ष था कि पहले जातिगत जनगणना होनी चाहिए.

सरकार अब अचानक जल्दबाजी दिखा रही
उन्होंने सवाल उठाया कि 2024 में सरकार बनने के बाद जनगणना तुरंत क्यों नहीं कराई गई? पिछले ढाई साल में केवल घरों की गिनती तक ही प्रक्रिया सीमित क्यों रही? यदि समय पर जनगणना हो जाती, तो आज देश परिसीमन के चरण में होता और 2029 तक महिला आरक्षण लागू हो सकता था. डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि सरकार अब अचानक जल्दबाजी दिखा रही है, जबकि उसका असली उद्देश्य परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया को एक राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करना है, ताकि सत्ता में अपनी पकड़ मजबूत रखी जा सके. उन्होंने यह भी कहा कि असम जैसे उदाहरणों में परिसीमन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं, जहां पुराने आंकड़ों के आधार पर कार्य किया गया.

उन्होंने कहा कि यदि सरकार सच में महिलाओं के हित में काम करना चाहती है, तो उसे ओबीसी और अल्पसंख्यक महिलाओं को भी आरक्षण देना चाहिए. समाजवादी पार्टी की मांग है कि आरक्षण में सभी वर्गों एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक महिलाओं की बराबर भागीदारी सुनिश्चित की जाए.

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह जातिगत जनगणना से बचना चाहती है, क्योंकि इससे सभी वर्गों की वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित हो जाएगी. साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार महिलाओं के हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, पोषण और सम्मान के मुद्दों पर पर्याप्त काम नहीं हुआ है. डिंपल यादव ने शहीद जवानों को ‘शहीद’ का दर्जा और उनके परिवारों को पेंशन देने की मांग उठाई. साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय बढ़ाने और महिलाओं की शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बताई.

अंत में उन्होंने कहा कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर एक मुखौटा पहनकर आई है, जबकि उसका असली मकसद सत्ता में बने रहना है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नहीं चाहती कि जातिगत जनगणना हो और दलित, पिछड़े व अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं को उनका वास्तविक हक मिले.

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Sandeep KumarSenior Assistant Editor

Senior Assistant Editor in News18 Hindi with the responsibility of Regional Head (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Bihar, Jharkhand, Rajasthan, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Himachal Pradesh, Haryana). Active in jou…और पढ़ें





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