रामपुर: रामपुर के थाना अजीमनगर के किसान गोविंद इन दिनों अपनी खेती से अच्छी कमाई कर रहे हैं. उन्होंने 15 बीघा जमीन में VNR आकाश वैरायटी का करेला लगाया है, जो कम समय में ज्यादा उत्पादन देने के लिए जानी जाती है. खास बात यह है कि उन्होंने करेले के साथ-साथ उसी खेत में बींस की भी खेती की है, जिससे उनकी कमाई और बढ़ गई है.
VNR आकाश किस्म की सबसे बड़ी खासियत
गोविंद बताते हैं कि VNR आकाश किस्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी जल्दी तैयार होने की क्षमता है. बुवाई के करीब 50 से 55 दिन में पहली तुड़ाई शुरू हो जाती है. इसके फल गहरे हरे रंग के होते हैं, जिन पर हल्के नुकीले कांटे होते हैं, जो बाजार में ग्राहकों को काफी पसंद आते हैं. फल का आकार भी करीब 20 से 25 सेंटीमीटर लंबा होता है, जिससे इसकी मांग बनी रहती है.
इस फसल की एक और खास बात यह है कि इसके फल काफी मजबूत होते हैं, जिससे इन्हें दूर के बाजारों तक भेजना आसान रहता है और ये जल्दी खराब भी नहीं होते. गोविंद बताते हैं कि इस किस्म में लगातार फल लगते रहते हैं, इसलिए हर 4 से 5 दिन में तुड़ाई करनी पड़ती है और लंबे समय तक आमदनी मिलती रहती है.
कौनसी विधि से करते हैं खेती
खेती के तरीके की बात करें तो गोविंद ने मचान विधि अपनाई है. इसमें लकड़ी और प्लास्टिक के तारों से जाल बनाकर बेलों को ऊपर चढ़ा दिया जाता है. इससे फसल जमीन से ऊपर रहती है और उत्पादन भी लगभग दोगुना हो जाता है. प्रति बीघा 15 से 20 क्विंटल तक पैदावार मिल रही है और यह फसल करीब 4 से 6 महीने तक चलती है.
गोविंद ने बताया कि बीज लगाने से पहले उसे कपड़े या रुई में बांधकर अंकुरित किया जाता है. फिर पॉलीहाउस में नर्सरी तैयार की जाती है. करीब एक महीने में पौधे तैयार हो जाते हैं, जिसके बाद खेत में रोपाई कर दी जाती है. पंक्ति से पंक्ति की दूरी 4 से 5 फीट रखी जाती है.
लागत की बात करें तो प्रति बीघा करीब 6 से 7 हजार रुपये खर्च आता है, जिसमें मचान बनाने का खर्च भी शामिल है. लेकिन कमाई इसके मुकाबले काफी अच्छी हो रही है. करेला 30 से 35 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है और इससे प्रति बीघा करीब 20 हजार रुपये तक की बचत हो रही है.
करेले के साथ ही बींस की फसल
सबसे खास बात यह है कि गोविंद ने खाली जमीन को भी खाली नहीं छोड़ा. उन्होंने करेले के साथ ही बींस की फसल भी लगा दी. बींस को करेले से करीब 15 दिन पहले लगाया गया, जिससे उसकी फसल जल्दी तैयार हो गई. बींस का उत्पादन करीब 12 क्विंटल प्रति बीघा मिल रहा है और इसे 50 रुपये प्रति किलो तक बेचा गया. इस तरह 15 बीघा से 180 क्विंटल तक उत्पादन मिल रहा है.
दोनों फसलों में लागत लगभग एक ही लगती है
गोविंद बताते हैं कि दोनों फसलों में लागत लगभग एक ही लगती है. जैसे सिंचाई या खाद दी जाती है, तो दोनों फसलों को फायदा मिल जाता है. ऐसे में एक ही खर्च में दो फसलों से कमाई हो रही है. इस तरीके से खेती करके किसान गोविंद हर सीजन में लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं, क्योंकि एक ही खेत से दो फसलें निकाल रहे हैं.


