नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट इतिहास में आशीष नेहरा का नाम एक ऐसे जांबाज खिलाड़ी के रूप में दर्ज है, जिसने अपने करियर में 12 बड़ी सर्जरी और अनगिनत चोटों के बावजूद कभी हार नहीं मानी. मैदान पर उनकी आग उगलती गेंदों ने दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों के स्टंप्स उखाड़े हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि खुद ‘नेहरा जी’ किस गुगली पर क्लीन बोल्ड हुए थे? आशीष नेहरा की लव स्टोरी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. यह कहानी शुरू होती है इंग्लैंड के ऐतिहासिक ओवल मैदान से, जहां पहली नजर के प्यार ने महज 15 मिनट में शादी का फैसला करवा दिया.नेहरा और रुश्मा की इस दिलचस्प दास्तां के हर अनकहे पहलू के बारे में आइए जानते हैं.
साल 2002 का समय था. भारतीय टीम इंग्लैंड के दौरे पर थी. ओवल के मैदान पर मैच चल रहा था और चारों तरफ दर्शकों का शोर था. इसी भीड़ के बीच एक चेहरा ऐसा था, जिसने आशीष नेहरा (Ashish Nehra) का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. वह चेहरा था रुश्मा (Rushma) का, जो मूल रूप से गुजरात की रहने वाली थीं और उस वक्त लंदन में थीं. नेहरा के लिए यह ‘पहली नजर का प्यार’ था. मैच के बाद दोनों की मुलाकात हुई, बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई. नेहरा जहां अपनी सादगी और दिल्ली वाली जिंदादिली के लिए जाने जाते थे, वहीं रुश्मा एक आर्टिस्ट थीं और क्रिकेट की गहरी समझ रखती थीं.
क्रिकेटर आशीष नेहरा की लव स्टोरी.
सात साल का ‘सीक्रेट’ रोमांस और अचानक आया शादी का विचार
नेहरा और रुश्मा का रिश्ता कोई चंद महीनों का नहीं था. दोनों ने करीब सात साल तक एक-दूसरे को डेट किया. इस दौरान नेहरा भारतीय टीम के मुख्य गेंदबाज बने रहे, चोटों से जूझते रहे और वापसी करते रहे, लेकिन उन्होंने अपने निजी जीवन को मीडिया की चकाचौंध से पूरी तरह दूर रखा. शादी का फैसला भी उतना ही दिलचस्प था जितना उनका रिश्ता. मार्च 2009 की एक शाम, आशीष अपने दोस्तों के साथ मस्ती-मजाक में बैठे थे. अचानक उनके मन में ख्याल आया कि अब इस रिश्ते को एक नाम देने का वक्त आ गया है. उन्होंने बिना किसी तामझाम के रुश्मा को प्रपोज करने का मन बना लिया.
मजाक को हकीकत बनने में लगे 24 घंटे
जब नेहरा ने पहली बार रुश्मा के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, तो रुश्मा को लगा कि आशीष मजाक कर रहे हैं. उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया और हंसकर टाल दिया. लेकिन आशीष नेहरा हार मानने वालों में से नहीं थे (जैसा कि हमने मैदान पर भी देखा है). अगले दिन उन्होंने फिर से रुश्मा से वही सवाल किया. इस बार उनके लहजे में वह गंभीरता थी, जिसने रुश्मा को हैरान कर दिया. रुश्मा ने महसूस किया कि आशीष वाकई उनके साथ जीवन बिताना चाहते हैं. उन्होंने मुस्कुराते हुए ‘हां’ कह दी और यहीं से शुरू हुआ शादी का वह ‘सुपरफास्ट’ दौर. नेहरा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि शादी का पूरा प्लान महज 15 मिनट में बना और प्रपोजल के ठीक 10 दिन बाद हम पति-पत्नी बन गए.
15 मिनट की प्लानिंग और 10 दिन में शादी
आशीष नेहरा अपनी सादगी के लिए मशहूर हैं, और उनकी शादी इसका सबसे बड़ा प्रमाण है. शादी की पूरी योजना महज 15 मिनट के भीतर तैयार कर ली गई. प्रपोजल स्वीकार होने के बाद, तैयारियों के लिए वक्त बहुत कम था. 2 अप्रैल 2009 को दोनों ने बेहद निजी समारोह में सात फेरे लिए. यह आज के दौर की ‘बिग फैट इंडियन वेडिंग्स’ से बिल्कुल उलट एक सादा लेकिन बेहद खूबसूरत मिलन था.
गोवा की हरियाली और परिवार
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद आशीष नेहरा ने भागदौड़ भरी जिंदगी को पीछे छोड़ दिया. वर्तमान में वह अपनी पत्नी रुश्मा और दो बच्चों बेटी एरियाना और बेटे आरुष के साथ गोवा में रहते हैं. नेचर के करीब और शांतिपूर्ण जीवन जीना इस परिवार की प्राथमिकता है. रुश्मा, जो लंबे समय तक सोशल मीडिया से दूर रहीं, अब इंस्टाग्राम पर सक्रिय हैं और अक्सर परिवार की खुशहाल तस्वीरें साझा करती हैं. वहीं नेहरा आज भी किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नहीं हैं, जो उनकी ‘ओल्ड स्कूल’ पर्सनैलिटी को दर्शाता है.
चोटों पर जीत और शानदार करियर
नेहरा का करियर उतार-चढ़ाव की एक ऐसी कहानी है जो प्रेरणा देती है. करियर में 12 बार गंभीर चोटें और सर्जरी झेलने के बाद भी उन्होंने मैदान पर वापसी की. उन्होंने टेस्ट में 12 मैचों में 44 विकेट लिए वहीं 120 वनडे में नेहरा के नाम 157 विकेट दर्ज हैं. 27 टी20 इंटरनेशनल में नेहरा ने 34 विकेट निकाले. आज आशीष नेहरा गुजरात टाइटंस के बॉलिंग कोच के रूप में नई पीढ़ी को तैयार कर रहे हैं. उनकी कोचिंग का अंदाज भी उनकी गेंदबाजी जैसा ही बेबाक और प्रभावी है.
सच्चा प्यार शोर नहीं मचाता
आशीष नेहरा और रुश्मा की कहानी हमें सिखाती है कि सच्चा प्यार शोर नहीं मचाता. ओवल की स्टैंड्स से शुरू हुई यह प्रेम कहानी आज भी उतनी ही ताजा और सादगी भरी है. चाहे क्रिकेट का मैदान हो या जिंदगी का सफर, नेहरा ने साबित किया है कि अगर इरादे पक्के हों, तो जीत और प्यार दोनों हासिल किए जा सकते हैं.


