Fire in Bus: कर्नाटक के हासन जिले में शुक्रवार आधी रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बेंगलुरु से मंगलुरु जा रही एक प्राइवेट स्लीपर बस अचानक आग की लपटों में घिर गई. नेशनल हाईवे-75 पर शांतिग्राम के पास दौड़ रही बस कुछ ही मिनटों में आग का गोला बन गई. राहत की बात यह रही कि ड्राइवर की सूझबूझ और यात्रियों की तेजी के कारण बस में सवार सभी 36 लोगों की जान बच गई. हालांकि, यात्रियों का सामान, बैग और कई जरूरी दस्तावेज जलकर राख हो गए. इस घटना ने एक बार फिर देशभर में चल रही निजी बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. लगातार सामने आ रही बसों में आग लगने की घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि तकनीकी जांच, फिटनेस और हाईवे सुरक्षा नियमों में अब और सख्ती की जरूरत है.
डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार बस मंगलुरु की तरफ बढ़ रही थी, तभी अचानक एक टायर फट गया. इसके बाद बस के अंदर धुआं भरने लगा. शुरुआत में यात्रियों को लगा कि शायद सामान्य तकनीकी दिक्कत होगी, लेकिन कुछ ही सेकंड में आग तेजी से फैल गई. ड्राइवर ने तुरंत बस को सड़क किनारे रोका और यात्रियों को नीचे उतरने के लिए कहा. कई यात्री नींद में थे, इसलिए स्थिति और खतरनाक हो सकती थी. लेकिन चालक और स्टाफ ने तेजी दिखाई. लोग अपने हैंडबैग लेकर किसी तरह बाहर निकले. देखते ही देखते पूरी बस धू-धू कर जलने लगी. फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बस पूरी तरह खाक हो चुकी थी. शांतिग्राम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
टायर फटते ही फैल गया धुआं, फिर लगी भीषण आग
पुलिस के अनुसार हादसे की शुरुआती वजह टायर फटना मानी जा रही है. टायर फटने के बाद घर्षण और गर्मी बढ़ी, जिससे बस के निचले हिस्से में आग लग गई. कुछ ही देर में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया. चूंकि बस स्लीपर कोच थी, इसलिए अंदर फोम, पर्दे और लकड़ी जैसे ज्वलनशील सामान मौजूद थे. इसी कारण आग तेजी से फैल गई. यात्रियों ने बताया कि अगर ड्राइवर कुछ मिनट भी देर करता तो बड़ा हादसा हो सकता था. कई लोगों ने बस से निकलते वक्त चीख-पुकार और भगदड़ का मंजर देखा.
घटना के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया. स्थानीय लोग भी मदद के लिए मौके पर पहुंचे. कई यात्रियों के मोबाइल फोन, कपड़े और कैश जल गई. पुलिस ने यात्रियों को दूसरी गाड़ियों से उनके गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था की. अधिकारियों का कहना है कि बस की फिटनेस, वायरिंग और टायरों की स्थिति की जांच की जाएगी. शुरुआती जांच में ओवरहीटिंग और तकनीकी खराबी की आशंका भी जताई जा रही है.
क्यों लगती है चलती बसों में आग?
बसों में आग लगने के पीछे कई कारण होते हैं. सबसे बड़ा कारण खराब वायरिंग और ओवरहीटिंग है. लंबे रूट पर लगातार चलने वाली बसों में इंजन और टायर काफी गर्म हो जाते हैं. अगर समय पर मेंटेनेंस न हो तो आग लगने का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा डीजल लीकेज, शॉर्ट सर्किट, ब्रेक सिस्टम की खराबी और पुराने टायर भी बड़े कारण माने जाते हैं. स्लीपर बसों में इस्तेमाल होने वाला फोम और इंटीरियर सामग्री आग को तेजी से फैलाती है. कई निजी ऑपरेटर लागत बचाने के लिए नियमित तकनीकी जांच नहीं कराते, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ जाती है.
लगातार बढ़ रही हैं बसों में आग की घटनाएं
अक्टूबर 2025 में राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर रूट पर एक AC स्लीपर बस में आग लगने से करीब 20-26 लोग जिंदा जल गए. जबकि कुछ ही दिनों बाद आंध्र प्रदेश के कुरनूल में हैदराबाद-बेंगलुरु जा रही स्लीपर बस मोटरसाइकिल से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गई, जिसमें 20-25 यात्रियों की मौत हो गई. मार्च 2026 में आंध्र प्रदेश के मार्कापुरम के पास एक प्राइवेट बस का टिपर ट्रक से टकराव होने के बाद भीषण आग लगी, जिसमें 14 लोग जलकर मारे गए. इन घटनाओं में ज्यादातर स्लीपर बसें शामिल रही हैं, जिनमें आग तेजी से फैलने, दरवाजे जाम होने और इमरजेंसी निकास की कमी जैसे मुद्दे बार-बार उजागर हुए हैं.
यात्रियों की जान बचाने में ड्राइवर बना हीरो
हासन वाले हादसे में सबसे बड़ी राहत यह रही कि ड्राइवर ने समय रहते खतरे को भांप लिया. यात्रियों ने बताया कि बस रुकते ही ड्राइवर और हेल्पर ने जोर-जोर से लोगों को नीचे उतरने के लिए कहा. कई यात्री गहरी नींद में थे. ऐसे में अगर कुछ मिनट की भी देरी होती तो हालात भयावह हो सकते थे. पुलिस अधिकारियों ने भी चालक की सतर्कता की तारीफ की है. फिलहाल प्रशासन यात्रियों के नुकसान का आकलन कर रहा है.
कर्नाटक में बस में आग कैसे लगी?
प्रारंभिक जांच के मुताबिक बस का एक टायर फट गया था. इसके बाद धुआं फैलने लगा और फिर आग लग गई. पुलिस का मानना है कि टायर फटने के बाद गर्मी और तकनीकी खराबी ने आग को बढ़ाया. हालांकि, पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही असली कारण स्पष्ट होगा.
क्या सभी यात्री सुरक्षित बच गए?
हां, बस में सवार सभी 36 यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए. ड्राइवर ने तुरंत बस रोकी और यात्रियों को नीचे उतरने के लिए कहा. हालांकि, कई यात्रियों का सामान, कपड़े और जरूरी दस्तावेज जल गए. किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
बसों में आग की घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं?
खराब मेंटेनेंस, पुराने टायर, वायरिंग में खराबी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी इसके बड़े कारण हैं. कई निजी बस ऑपरेटर समय पर फिटनेस जांच नहीं कराते. लंबे रूट और गर्म मौसम में इंजन और टायर पर दबाव बढ़ता है, जिससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है.


