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Vijay TVK party Kerala entry। तमिलनाडु में जिसके सपोर्ट से बने सीएम, केरल में उसी की बढ़ा दी टेंशन! कांग्रेस समझ ही नहीं पाई विजय का डबल गेम!

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चेन्नई/तिरुवनंतपुरम: राजनीति के बिसात पर कब कौन सा दोस्त किस सरहद पर टेंशन बन जाए, इसका ताजा और सबसे दिलचस्प उदाहरण दक्षिण भारत के चुनावी समंदर में देखने को मिल रहा है. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में 108 सीटें जीतकर सत्ता के शीर्ष पर पहुंचे सिनेमा के थलापति और सूबे के नए मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने अपनी सरकार को बहुमत के जादुई आंकड़े के पार ले जाने के लिए कांग्रेस का हाथ तो थाम लिया लेकिन पड़ोसी राज्य केरल की सीमा में घुसते ही उन्होंने राहुल गांधी की पार्टी की धड़कनें बढ़ा दी हैं. चेन्नई में जिस कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन की बैसाखी के दम पर विजय की तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) अपनी सत्ता को सुरक्षित कर फ्लोर टेस्ट पास कर रही है, उसी TVK ने अब केरल के वायनाड और पलक्कड़ में बैक-टू-बैक ‘अनौपचारिक बैठकें’ करके कांग्रेस के मजबूत गढ़ में सीधे सेंधमारी की तैयारी शुरू कर दी है.

पलक्कड़ और वायनाड में प्रशंसकों की बैठकें
डेक्कन हेराल्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले हफ्ते वायनाड में विजय के प्रशंसकों के एक समूह ने स्थानीय स्तर पर TVK की यूनिट बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं. इसके ठीक बाद रविवार को पलक्कड़ में भी तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय के प्रशंसकों की एक बड़ी बैठक आयोजित की गई. इन बैठकों में सबसे खास बात यह रही कि हिस्सा लेने वालों में भारी संख्या में युवा और महिलाएं शामिल थीं. केरल में विजय के प्रशंसकों का यह उत्साह इस बात का संकेत है कि पार्टी को वहां भी बड़ा जनसमर्थन मिल सकता है.

थलापति विजय मक्कल इयक्कम का बदला नाम
केरल में थलापति विजय का बहुत बड़ा फैन बेस है. वहां उनके सैकड़ों फैन एसोसिएशन हैं, जो लंबे समय से थलापति विजय मक्कल इयक्कम के बैनर तले कई सामाजिक और कल्याणकारी कार्य चला रहे हैं. अब इस संगठन का नाम बदलकर TVK कर दिया गया है. हालांकि, केरल के कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन को अभी तक राज्य में एक राजनीतिक दल के रूप में आधिकारिक तौर पर पंजीकृत नहीं किया गया है, क्योंकि वे तमिलनाडु में बैठे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व (TVK लीडर्स) के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं. जब विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब केरल के कई हिस्सों में उनके प्रशंसकों ने भारी जश्न मनाया था.

सोशल मीडिया पर ‘TVK केरल’ की धूम
द वीक (The Week) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आधिकारिक घोषणा न होने के बावजूद केरल के विभिन्न जिलों में TVK के अनौपचारिक समूहों ने सक्रियता बढ़ा दी है. सोशल मीडिया पर TVK केरल राज्य समिति और TVK केरल महिला समिति जैसे कई अनौपचारिक पेज और हैंडल सामने आए हैं, जिन्होंने पिछले वीकेंड में ही हजारों फॉलोअर्स जुटा लिए हैं. रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि केरल में कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री पद के चयन में हो रही देरी की वजह से भी वहां का एक बड़ा युवा वर्ग पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में थलापति विजय के नेतृत्व वाली नई और मजबूत लीडरशिप की तरफ आकर्षित हो रहा है.

सवाल-जवाब
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में थलापति विजय की पार्टी TVK का प्रदर्शन कैसा रहा?

साल 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में थलापति विजय की पार्टी TVK ने अपने पहले ही चुनावी डेब्यू में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीतीं और राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. इसके बाद TVK ने वामपंथी दलों (CPI, CPM), IUML और VCK के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई.

क्या केरल में आधिकारिक तौर पर TVK पार्टी लॉन्च हो चुकी है?

नहीं, केरल में अभी तक आधिकारिक तौर पर TVK के राजनीतिक दल के रूप में गठन या पंजीकरण की घोषणा नहीं हुई है. वर्तमान में वहां उनके पुराने संगठन ‘थलापति विजय मक्कल इयक्कम’ का नाम बदलकर TVK किया गया है और कार्यकर्ता तमिलनाडु नेतृत्व के अगले आदेश का इंतजार कर रहे हैं.

केरल के किन जिलों में TVK की राजनीतिक बैठकों की खबरें आई हैं?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केरल के वायनाड और पलक्कड़ जिलों में विजय के प्रशंसकों और TVK कार्यकर्ताओं की बैक-टू-बैक बैठकें हुई हैं, जिनमें युवाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है.



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