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साल 2012 में वेस्टइंडीज के विकेटकीपर दिनेश रामदीन ने किया था मैदान पर पहला पर्ची कांड. श्रृंखला के शुरुआती मैचों में लगातार खराब फॉर्म से जूझने के बाद महान क्रिकेटर सर विवियन रिचर्ड्स ने रामदीन की विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी की तीखी आलोचना की थी. विव रिचर्ड्स का कहना था कि रामदीन का खेल काफी गिर चुका है. रामदीन ने इस आलोचना को दिल पर ले लिया और इसका जवाब देने के लिए एक बेहद आक्रामक और अनोखा तरीका चुना.
IPL से पहले टेस्ट क्रिकेट में हो चुका है पर्ची कांड
नई दिल्ली. IPL में अभिषेक शर्मा ने पिछले साल जब शतक लगाने के बाद जेब से पर्ची निकाल कर लहराया तो दुनिया भर में इसकी चर्चा हुई. इस सीजन में अब उर्विल पटेल, रघु और आकाश सिंह पर्ची कांड कर चुके है. क्रिकेट में अपनी जेब में रणनीतियों और आंकड़ों की पर्ची रखना कोई नया चलन नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा वाकया भी हुआ था जब पर्ची का इस्तेमाल रणनीतियों के लिए नहीं बल्कि एक दिग्गज खिलाड़ी को सरेआम जवाब देने के लिए किया गया था.
वेस्टइंडीज के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश रामदीन ने साल 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट के दौरान एक ऐसा ही ‘पर्ची कांड’ किया था, जिसने पूरे विश्व क्रिकेट को हैरान कर दिया था. क्रिकेट के मैदान पर खिलाड़ियों के बीच नोकझोंक और स्लेजिंग आम बात है, लेकिन जब कोई खिलाड़ी अपने ही देश के महानतम दिग्गज के खिलाफ मोर्चा खोल दे, तो वह इतिहास बन जाता है.
आलोचना का अनोखा जवाब
साल 2012 में वेस्टइंडीज के विकेटकीपर दिनेश रामदीन ने किया था मैदान पर पहला पर्ची कांड. श्रृंखला के शुरुआती मैचों में लगातार खराब फॉर्म से जूझने के बाद महान क्रिकेटर सर विवियन रिचर्ड्स ने रामदीन की विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी की तीखी आलोचना की थी. विव रिचर्ड्स का कहना था कि रामदीन का खेल काफी गिर चुका है. रामदीन ने इस आलोचना को दिल पर ले लिया और इसका जवाब देने के लिए एक बेहद आक्रामक और अनोखा तरीका चुना.
मैदान पर पलटवार और ‘पर्ची कांड’
एजबेस्टन में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन दिनेश रामदीन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने टेस्ट करियर का दूसरा शतक (107 रन) जड़ा. शतक पूरा करते ही उन्होंने जो किया, उसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी. रामदीन ने अपनी जेब से पहले से लिखकर रखी हुई एक सफेद कागज की पर्ची निकाली और उसे मीडिया कैमरों और दर्शकों के सामने लहरा दिया. उस पर्ची पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था: “YEA VIV, TALK NAH” (हां विव, अब बोलो ना). यह सीधे तौर पर सर विव रिचर्ड्स के लिए एक खुली चुनौती और पलटवार था. उस समय विव रिचर्ड्स बीबीसी रेडियो के लिए कमेंट्री बॉक्स में ही मौजूद थे.
आईसीसी (ICC) की कार्रवाई और जुर्माना
भले ही रामदीन ने बल्ले से खुद को साबित कर दिया था, लेकिन खेल के मैदान पर एक महान पूर्व कप्तान का इस तरह सरेआम मजाक उड़ाना खेल भावना के विपरीत माना गया. आईसीसी (ICC) ने रामदीन के इस व्यवहार को गंभीरता से लिया. मैच रेफरी रोशन महानामा ने इसे ‘लेवल 1’ का अपराध और खेल भावना के खिलाफ आचरण माना. नतीजतन, आईसीसी ने सजा के तौर पर दिनेश रामदीन की मैच फीस का 20% हिस्सा काट लिया.
बाद में हुआ गलती का अहसास
इस घटना के कुछ समय बाद दिनेश रामदीन को अपनी इस बचकानी और आक्रामक हरकत पर पछतावा हुआ उन्होंने मीडिया के सामने स्वीकार किया कि वह बेहद भावुक हो गए थे और उन्हें क्रिकेट के इतने बड़े दिग्गज के खिलाफ ऐसा अमर्यादित व्यवहार नहीं करना चाहिए था. सालों बाद एक इंटरव्यू में रामदीन ने कहा था कि उम्र और अनुभव के साथ उन्हें समझ आया कि वह हरकत गलत थी और अब उनके और विव रिचर्ड्स के बीच संबंध पूरी तरह सामान्य और अच्छे हैं
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मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें


