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sai sudharsan equals Virender sehwag records: गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ लगातार पांचवां अर्धशतक जड़कर इतिहास रच दिया. इस ऐतिहासिक पारी के साथ ही उन्होंने वीरेंद्र सहवाग के 14 साल पुराने महारिकॉर्ड (लगातार पांच 50 प्लस स्कोर) की बराबरी कर ली है. साल 2024 में 527 रन और 2025 में 759 रन बनाने वाले सुदर्शन इस सीजन में भी 600 से अधिक रन बनाकर ‘मिस्टर कंसिस्टेंट’ साबित हुए हैं.
साई सुदर्शन ने की सहवाग की बराबरी.
नई दिल्ली. गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच की जंग नहीं था, बल्कि यह गवाह बना आईपीएल इतिहास के एक बेहद सुनहरे और ऐतिहासिक पल का. गुजरात टाइटंस के बाएं हाथ के स्टाइलिश और भरोसेमंद बल्लेबाज साई सुदर्शन ने चेन्नई सुपर किंग्स के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए जैसे ही अपना अर्धशतक पूरा किया, पूरा नरेंद्र मोदी स्टेडियम खड़े होकर तालियां बजाने लगा. यह कोई आम अर्धशतक नहीं था, बल्कि यह सुदर्शन के बल्ले से निकला लगातार पांचवां 50 प्लस का स्कोर था. इस जादुई पारी के साथ ही साई सुदर्शन ने भारत के महानतम बल्लेबाजों में से एक, वीरेंद्र सहवाग के 14 साल पुराने उस ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली, जिसे छूना अब तक कई दिग्गजों के लिए एक ख्वाब बना हुआ था. साई सुदर्शन लगातार पांच अर्धशतक बनाने वाले दूसरे भारतीय क्रिकेटर बन गए हैं.
साल 2012 में दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) की तरफ से खेलते हुए वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) ने लगातार पांच मैचों में 50 या उससे अधिक रन बनाकर तहलका मचाया था. सहवाग का वह रिकॉर्ड गेंदबाजों के मन में खौफ पैदा करने वाली आक्रामक बल्लेबाजी का प्रतीक था. उसके बाद साल 2018 में जोस बटलर और साल 2019 में डेविड वॉर्नर ने इस कारनामे को दोहराया. लेकिन 2026 में आकर इस एलीट क्लब में शामिल होने वाले साई सुदर्शन (Sai Sudharsan) ने सहवाग की बराबरी करके भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को झूमने का एक और मौका दे दिया है.
सहवाग अपनी बेखौफ और आक्रामक शैली के लिए जाने जाते थे
जहां सहवाग अपनी बेखौफ और आक्रामक शैली के लिए जाने जाते थे, वहीं साई सुदर्शन ने आधुनिक टी-20 क्रिकेट में ‘क्लासिक’ और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है. बिना किसी हड़बड़ाहट के, मैदानी शॉट्स और गैप ढूंढने की अपनी अद्भुत कला के दम पर उन्होंने इस नामुमकिन से दिखने वाले रिकॉर्ड को मुमकिन कर दिखाया है. सहवाग के इस बड़े कीर्तिमान की बराबरी करना यह साबित करता है कि सुदर्शन अब आईपीएल के महानतम बल्लेबाजों की लीग में शामिल हो चुके हैं.
पंजाब से शुरू हुआ सफर चेन्नई के खिलाफ भी जारी है
साई सुदर्शन का यह अविश्वसनीय सफर किसी सपने जैसा रहा है. विरोधी टीमें बदलती रहीं, पिचें बदलती रहीं, लेकिन नहीं बदला तो सुदर्शन के बल्ले से रनों का निकलना. इस ऐतिहासिक सिलसिले की शुरुआत हुई पंजाब किंग्स के खिलाफ, जहां उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों को रिमांड पर लेते हुए एक बेहतरीन अर्धशतक जड़ा. इसके बाद उनका अगला शिकार बनी राजस्थान रॉयल्स की टीम, जिनके मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के सामने सुदर्शन ने बेहद सधी हुई और मैच जिताऊ पारी खेली.
सिलसिला यहीं नहीं रुका. सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ हुए अगले मुकाबले में भी सुदर्शन का बल्ला जमकर गरजा और उन्होंने लगातार तीसरा 50 प्लस का स्कोर बनाया. इसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स के स्पिन और पेस के मिश्रण को धता बताते हुए सुदर्शन ने लगातार चौथा अर्धशतक ठोककर सहवाग के रिकॉर्ड के बेहद करीब कदम बढ़ा दिए थे. आखिरकार, चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ घरेलू मैदान पर दबाव के क्षणों में उन्होंने न सिर्फ अपनी टीम को संभाला, बल्कि अपनी लगातार पांचवीं फिफ्टी पूरी कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों से दर्ज करा लिया.
ग्राफ जो हर साल सिर्फ ऊपर की ओर बढ़ा है
साई सुदर्शन को यूं ही ‘मिस्टर कंसिस्टेंट’ नहीं कहा जाता. उनका आईपीएल करियर ग्राफ इस बात का गवाह है कि वह हर सीजन के साथ और अधिक परिपक्व और खतरनाक होते जा रहे हैं. साल 2024 के आईपीएल सीजन में उन्होंने 527 रन बनाकर अपनी प्रतिभा की पहली बड़ी धमक दिखाई थी. इसके बाद साल 2025 में उन्होंने अपने खेल को एक अलग ही स्तर पर पहुंचा दिया और पूरे सीजन में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 759 रन कूट डाले. करियर का यह स्वर्णिम दौर आईपीएल 2026 में भी बदस्तूर जारी है. मौजूदा सीजन में वह 600 से अधिक रन बना चुके हैं और अभी भी उनका नाबाद और अजेय सफर जारी है. यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सुदर्शन सिर्फ एक सीजन के चमकने वाले सितारे नहीं हैं, बल्कि वह लंबी रेस के घोड़े हैं जो हर मैच के साथ अपनी टीम के लिए सबसे बड़े संकटमोचक बनकर उभरते हैं.
भविष्य का चमकता सितारा
नरेंद्र मोदी स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ खेली गई यह पारी सिर्फ गुजरात टाइटंस के लिए नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिहाज से भी एक बड़ा संकेत है. वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गज की बराबरी करना किसी भी युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास को आसमान पर पहुंचा सकता है. साई सुदर्शन ने यह दिखा दिया है कि टी-20 क्रिकेट का मतलब सिर्फ अंधाधुंध शॉट लगाना नहीं, बल्कि निरंतरता और समझदारी से मैच को आगे बढ़ाना भी है. आईपीएल 2026 की यह कहानी सुदर्शन के करियर का टर्निंग पॉइंट कही जाएगी, जिसने उन्हें एक प्रतिभावान खिलाड़ी से उठाकर ‘आईपीएल लेजेंड’ की कतार में खड़ा कर दिया है.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें


