नई दिल्ली. वनडे क्रिकेट के इतिहास में यूं तो कई ऐसे रिकॉर्ड बने हैं, जिनका तोड़ पाना बेहद मुश्किल है. लेकिन 50 ओवर के इस प्रारूप में कुछ अनोखे रिकॉर्ड भी दर्ज हैं, जिन्हें हासिल करना अपने आप में किसी भी खिलाड़ी के लिए खास है. वनडे मैच में आपने कई तूफानी अर्धशतकीय पारियां या फिर 5 विकेट हॉल तो जरूर देखे होंगे, लेकिन एक ही खिलाड़ी द्वारा मैच में ये दोनों उपलब्धियां हासिल करने का कारनामा गिने-चुने क्रिकेटर्स से ही देखने को मिला है. यह एक ऐसा स्पेशल क्लब है, जिसमें अब तक केवल 25 बार ही किसी खिलाड़ी ने एक ही मैच में अर्धशतक (या शतक) लगाने और 5 विकेट चटकाने का डबल धमाका किया है.
इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड की शुरुआत सबसे पहले 1987 में महान विव रिचर्ड्स ने की थी. इस खास लिस्ट में भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों का भी जबरदस्त दबदबा रहा है. जहां तीन भारतीय दिग्गजों ने इस एलीट क्लब में अपनी जगह बनाई है, वहीं पाकिस्तान के एक इकलौते खिलाड़ी ने अकेले ही तीन बार यह हैरतअंगेज कारनामा कर इतिहास रच दिया. ये पाकिस्तानी और कोई नहीं, बल्कि शाहिद अफरीदी हैं.
भारत के लिए पहले खिलाड़ी बने श्रीकांत
भारतीय टीम के पूर्व आक्रामक ओपनर और पार्ट-टाइम स्पिनर के. श्रीकांत इस क्लब में शामिल होने वाले पहले भारतीय थे. उन्होंने 10 दिसंबर 1988 को विशाखापत्तनम में न्यूजीलैंड के खिलाफ यह कारनामा किया था. श्रीकांत ने पहले गेंद से कीवियों को घुटने टेकने पर मजबूर करते हुए महज 27 रन देकर 5 विकेट चटकाए. इसके बाद उन्होंने बल्लेबाजी में 70 अहम रनों का योगदान देकर भारत को जीत दिलाई.
सौरव गांगुली
‘दादा’ यानी सौरव गांगुली ने अपनी कप्तानी के दौर में 11 दिसंबर 2000 को कानपुर में जिम्बाब्वे के खिलाफ गेंद और बल्ले दोनों से मैच पलट दिया था. गांगुली ने पहले जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को अपनी मीडियम पेस से छकाया और 34 रन देकर 5 विकेट झटके. इसके बाद लक्ष्य का पीछा करते हुए नाबाद 71 रनों* की कप्तानी पारी खेलकर भारत को एकतरफा जीत दिलाई. गांगुली के साथ ओपनिंग करने उतरे सचिन तेंदुलकर ने 62 रन की पारी खेली थी.
युवराज सिंह
भारत के सबसे बड़े मैच विनर में से एक युवराज सिंह ने 6 मार्च 2011 को बेंगलुरु में आयरलैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप के दौरान यह जादुई प्रदर्शन किया था. युवराज ने घातक स्पिन गेंदबाजी करते हुए 31 रन देकर 5 विकेट चटकाए, जिससे आयरलैंड बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच सकी. इसके बाद रन चेज में लड़खड़ाई भारतीय पारी को संभालते हुए युवी ने नाबाद 50 रनों* की मैच जिताऊ अर्धशतकीय पारी खेली.
3 बार यह कारनामा करने वाले इकलौता खिलाड़ी
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी के नाम वनडे क्रिकेट का एक ऐसा अटूट रिकॉर्ड दर्ज है, जिसे तोड़ पाना किसी भी ऑलराउंडर के लिए एक सपना है. अफरीदी दुनिया के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने 3 अलग-अलग वनडे मैचों में अर्धशतक और 5 विकेट का डबल कारनामा किया है. पहली बार अफरीदी ने 27 अक्टूबर 2000 को लाहौर के अपने घरेलू मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ पहली बार यह जलवा बिखेरा. उन्होंने बल्ले से 61 रनों की तूफानी पारी खेली और लेग स्पिन से इंग्लिश बल्लेबाजी को ध्वस्त करते हुए 40 रन देकर 5 विकेट चटकाए.
दूसरी बार करीब 11 साल बाद, 20 नवंबर 2011 को शारजाह के मैदान पर अफरीदी ने श्रीलंका के खिलाफ इसे दोहराया. इस मैच में उन्होंने पहले 75 रनों की धुआंधार पारी खेली और कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 35 रन देकर 5 विकेट अपने नाम किए. तीसरी बार अफरीदी ने अपना सबसे खतरनाक ऑलराउंड प्रदर्शन 14 जुलाई 2013 को प्रोविडेंस में वेस्टइंडीज के खिलाफ किया. उन्होंने पहले बल्ले से ताबड़तोड़ 76 रन कूटे और फिर जब गेंदबाजी की बारी आई, तो कैरेबियाई टीम को अकेले दम पर तहस-नहस कर दिया. अफरीदी ने इस मैच में सिर्फ 12 रन देकर 7 विकेट चटकाए, जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है.
क्रिकेट इतिहास के इस ‘स्पेशल 25’ क्लब में विव रिचर्ड्स, मार्क वॉ, सनथ जयसूर्या, पॉल कॉलिंगवुड, क्रिस गेल, लांस क्लूजनर, शाकिब अल हसन और बास डी लीडे जैसे दुनिया के चुनिंदा ऑलराउंडर ही जगह बना पाए हैं, जो इस रिकॉर्ड की अहमियत को बयां करता है.


