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1 से लेकर 11 तक… हर नंबर पर बैटिंग करने वाला इकलौता भारतीय क्रिकेटर, भारत की पहली टेस्ट जीत के बने हीरो

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1 से लेकर 11 तक… हर नंबर पर बैटिंग करने वाला इकलौता भारतीय क्रिकेटर

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Vinoo Mankad Unique Record: वीनू मांकड़ को भारतीय क्रिकेट इतिहास का श्रेष्ठ ऑलराउंडर माना जाता है. टेस्ट फॉर्मेट में भारतीय टीम के लिए उनका योगदान असाधारण रहा है. मांकड़ भारतीय टीम की पहली टेस्ट विजय के हीरो रहे थे. वीनू मांकड़ भारत के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने एक से लेकर ग्यारह नंबर तक बल्लेबाजी की है.

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वीनू मांकड़ एक से 11 नंबर तक हर पोजीशन पर बल्लेबाजी करते उतरे थे.

नई दिल्ली. इंटरनेशनल क्रिकेट की दुनिया में ऐसे गिने-चुने ही खिलाड़ी हैं, जो एक से 11 तक हर नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे हैं. भारतीय क्रिकेट टीम के लिए रवि शास्त्री और फारूख इंजीनियर ने 1 से 10 नंबर तक बल्लेबाजी की है, लेकिन एक दिग्गज ऐसा भी रहा, जिसने 11 नंबर तक बल्लेबाजी की है. इस दिग्गज को भारतीय क्रिकेट इतिहास के बेस्ट ऑलराउंडर्स में से एक माना जाता है. यहां हम उस स्टार की बात कर रहे हैं, जिसने भारत को टेस्ट क्रिकेट में अपनी पहली जीत दर्ज कराने में बड़ा योगदान दिया. दरअसल, यहां जिसका जिक्र हो रहा है वो और कोई नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट में असाधारण योगदान देने वाले वीनू मांकड़ हैं. वीनू मांकड़ के नाम एक से लेकर ग्यारह नंबर तक बल्लेबाजी करने का भारत के एकमात्र खिलाड़ी के रूप में अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है.

भारत को पहली टेस्ट जीत दिलाई
मांकड़ भारतीय टीम की पहली टेस्ट विजय के हीरो रहे थे. वीनू मांकड़ का जन्म 12 अप्रैल 1917 को जामनगर, गुजरात में हुआ था. उनका पूरा नाम मुलवंतराय हिम्मतलाल ‘वीनू’ मांकड़ था. दाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ के स्पिनर मांकड़ ने जून 1946 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट खेला था. भारतीय टीम ने अपना पहला टेस्ट 1932 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था. टेस्ट में पहली जीत हासिल करने में टीम इंडिया को 20 साल लग गए. 1952 में भारतीय टीम ने अपनी पहली टेस्ट जीत हासिल की थी और इसके हीरो वीनू मांकड़ रहे थे.

वीनू मांकड़ एक से 11 नंबर तक हर पोजीशन पर बल्लेबाजी करते उतरे थे.

चेन्नई में खेले गए इस मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और पहली पारी में 266 रन बनाए. वीनू मांकड़ ने 8 विकेट झटके थे. भारतीय टीम ने पहली पारी में 9 विकेट पर 457 रन बनाकर पारी घोषित की. भारतीय टीम को 191 रन की बढ़त मिली थी. दूसरी पारी में इंग्लैंड महज 183 रन पर सिमट गई. वीनू मांकड़ ने 4 विकेट लिए थे. भारत पारी और 8 रन से मैच जीता. मैच में वीनू मांकड़ ने कुल 12 विकेट लेकर देश के टेस्ट क्रिकेट में पहली जीत की स्वर्णिम कहानी लिखी.

ऐसा रहा इंटरनेशनल करियर
1946 से 1959 के बीच मांकड़ ने भारत के लिए 44 टेस्ट खेले. 72 पारियों में 5 शतक और 6 अर्धशतक लगाते हुए 2109 रन बनाए. सर्वाधिक स्कोर 231 रन रहा, वहीं 162 विकेट भी उनके नाम हैं. इस दौरान पारी में 8 बार उन्होंने 5 विकेट लेने की उपलब्धि हासिल की. मांकड़ ने महाराष्ट्र, गुजरात, बंगाल, सौराष्ट्र और मुंबई और राजस्थान के लिए घरेलू क्रिकेट खेला. इस दौरान 233 प्रथम श्रेणी मैचों में 26 शतक लगाते हुए 11591 रन बनाने के साथ ही 782 विकेट लिए.

वीनू मांकड़ के नाम पर ‘मांकड़िंग’ की शुरुआत
वीनू मांकड़ के नाम पर ही ‘मांकड़िंग’ की शुरुआत हुई. 1947 में वीनू ने ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज बिल ब्राउन को रनआउट कर दिया था. वीनू बॉलिंग कर रहे थे, जैसे ही ब्राउन क्रीज से बाहर निकले, वीनू ने उन्हें रनआउट कर दिया. हालांकि, वीनू ने ब्राउन को रनआउट करने से पहले चेतावनी दी थी. वीनू ने ब्राउन को दो बार इसी तरह आउट किया था. लंबे समय तक इस तरह का बल्लेबाजों को रन आउट किया जाना ‘मांकड़िंग’ के रूप में चर्चित रहा. वीनू मांकड़ को भारत सरकार की ओर से 1973 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया. उनके नाम पर बीसीसीआई राष्ट्रीय स्तर का अंडर-19 आयु वर्ग का एक दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन भी होता है. 61 साल की उम्र में वीनू मांकड़ का निधन हो गया था.

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Shivam Upadhyay

नवंबर 2025 से नेटवर्क 18 ग्रुप में सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 3 साल का अनुभव. जी न्यूज से खेल पत्रकारिता में डेब्यू किया. क्रिकेट के साथ-साथ हॉकी और बैडमिंटन के बारे में भी लिखने में दिलचस्पी. मा…और पढ़ें



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