18.8 C
Munich

यूपी में इस बार कम बरसेंगे बदरा! मानसून पर अल नीनो का साया, IMD ने जारी किया बड़ा अपडेट

Must read


Last Updated:

UP Rain Forecast Update: उत्तर प्रदेश में इस साल मानसून को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है. 2026 में ‘अल नीनो’ के असर के चलते प्रदेश में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है, जिससे खेती-किसानी पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं. जून में तो शुरुआत अच्छी रहेगी, लेकिन जुलाई से सितंबर के बीच बारिश में भारी कमी आ सकती है. मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को कम पानी वाली फसलें उगाने और सिंचाई के वैकल्पिक इंतजाम रखने की सलाह दी है.

Zoom

उत्तर प्रदेश मानसून अपडेट 2026

लखनऊ: आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के मौसम को लेकर मौसम विभाग ने एक ऐसी खबर साझा की है जो थोड़ी चिंता बढ़ा सकती है. अगर आप इस साल झमाझम और भरपूर बारिश की उम्मीद कर रहे हैं, तो अब आपको थोड़ा संभालना होगा. दरअसल भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, साल 2026 में उत्तर प्रदेश में मानसून सामान्य से कम रहने वाला है. यानी इस बार बारिश उतनी नहीं होगी जितनी अक्सर हुआ करती है. इसका असर साफ तौर पर खेती पर देखने को मिल सकता है.

आखिर क्या है बारिश कम होने की वजह
इस सूखे मानसून के पीछे सबसे बड़ा कारण अल नीनो (El Nino) को माना जा रहा है. वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रशांत महासागर में हो रहे बदलावों की वजह से अल नीनो सक्रिय हो रहा है, जो भारतीय मानसून की हवाओं को कमजोर कर देता है. इसके अलावा, उत्तरी गोलार्द्ध और यूरेशिया में इस बार बर्फबारी भी कम हुई है, जिससे मानसून का दबाव सही से नहीं बन पा रहा है. हालांकि हिंद महासागर का पॉजिटिव IOD कुछ मदद जरूर करेगा, लेकिन वह अल नीनो के असर को पूरी तरह खत्म नहीं कर पाएगा.

महीनों के हिसाब से कैसा रहेगा हाल?
स्काईमेट के आंकड़ों को देखें तो इस बार बारिश का ग्राफ कुछ इस तरह ऊपर-नीचे होगा

  • जून महीना: शुरुआत अच्छी रहने की उम्मीद है. इस माह में करीब 70% संभावना है कि सामान्य बारिश हो, जिससे खेती के शुरुआती काम आसानी से निपट जाएंगे.
  • जुलाई महीना: मानसून का मुख्य महीना थोड़ा सुस्त पड़ सकता है. इस महीने में 40% संभावना कम बारिश की है, जिससे कुछ इलाकों में सूखे जैसे हालात बन सकते हैं.
  • अगस्त महीना: यह महीना सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण होगा. क्योंकि इस माह में 60% संभावना है कि बारिश बहुत कम हो. जिसके चलते धान और गन्ने जैसी फसलों के लिए यह समय मुश्किल भरा हो सकता है.
  • सितंबर माह: सीजन के अंत में मानसून की विदाई जल्दी हो सकती है. इस दौरान करीब 70% संभावना है कि इस दौरान नाममात्र की बारिश हो.

उत्तर प्रदेश में मौजूदा मौसम के हाल
फिलहाल यूपी के मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश बढ़ गई है और पारा 40 डिग्री के आसपास घूम रहा है. लेकिन 16 और 17 अप्रैल को एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय हो जाने से कुछ जिलों में बादल छा सकते हैं और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है. इससे तापमान में 2-3 डिग्री की मामूली गिरावट आएगी, लेकिन मई और जून में भीषण लू (Heatwave) चलने की पूरी आशंका है.

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए सलाह
उत्तर प्रदेश में खेती पूरी तरह मानसूनी बारिश पर टिकी होती है. धान, मक्का और गन्ने जैसी मुख्य खरीफ फसलों को सही समय पर और भरपूर पानी की जरूरत होती है, लेकिन मौसम विभाग के ताजा अनुमानों ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं. जानकारों का मानना है कि अगर इस बार बादल कम बरसते हैं, तो किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए निजी संसाधनों जैसे ट्यूबवेल और नहरों का सहारा लेना पड़ेगा.

इससे न केवल मेहनत बढ़ेगी, बल्कि डीजल और बिजली के भारी खर्च के कारण खेती की लागत भी काफी ज्यादा हो जाएगी. इसे देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसान अब ऐसी फसलों को प्राथमिकता दें जिन्हें कम पानी की जरूरत होती है. साथ ही, सिंचाई की आधुनिक तकनीकों को अपनाकर इस मुश्किल समय में होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है.

About the Author

authorimg

Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article