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इंडो-पैसिफिक में ‘एयर डॉमिनेंस’ की जंग, ड्रैगन के लिए खतरे की घंटी, भारत-अमेरिका गठजोड़ से चीन बेचैन

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इंडो-पैसिफिक में ड्रैगन के लिए खतरे की घंटी, भारत-अमेरिका गठजोड़ से चीन बेचैन

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जनरल केविन श्नाइडर ने भारतीय रक्षा अधिकारियों के साथ बहुत गहरी और लंबी बातचीत की. उन्होंने एयरफोर्स के अफसरों के साथ आगे के ऑपरेशन पर बहुत अहम चर्चा की. अमेरिका और भारत के सैन्य संबंध अब पहले से कई गुना ज्यादा मजबूत हुए हैं. अब यह डिफेंस पार्टनरशिप सिर्फ जमीन और हवा तक बिल्कुल सीमित नहीं है. दोनों देश स्पेस, साइबर और समंदर में भी एक साथ मिलकर खतरनाक ऑपरेशन करेंगे.

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कमांडर केविन श्नाइडर ने इंडो-पैसिफिक में भारत को अमेरिका का सबसे अहम साझेदार बताया.

नई दिल्ली. यूएस पैसिफिक एयर फोर्सेज के कमांडर केविन श्नाइडर ने 19 से 25 अप्रैल तक भारत का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने भारत के साथ रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और गहरा करने तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता के लिए साझे प्रयास को आगे बढ़ाने पर जोर दिया. भारत में यूएस दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने एक बयान जारी कर दौरे से जुड़े तथ्यों पर प्रकाश डाला.

बयान के अनुसार, अपने दौरे के दौरान जनरल श्नाइडर ने भारतीय वायु सेना सहित भारत के वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ व्यापक बातचीत की. इन चर्चाओं का उद्देश्य दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य संबंधों को मजबूत करना और परिचालन सहयोग के नए अवसरों की तलाश करना था. यह दौरा इस बात को दर्शाता है कि अमेरिका-भारत रक्षा सहयोग अब वायु, थल, समुद्र, अंतरिक्ष और साइबर जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अधिक व्यापक और जटिल हो गया है.

भारतीय वायुसेना के साथ बढ़ती साझेदारी के तहत हाल के वर्षों में संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और उच्च स्तरीय संवाद में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. इससे दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल और संयुक्त रूप से कार्य करने की क्षमता में सुधार हुआ है.

दौरे का एक प्रमुख फोकस लॉजिस्टिक्स सहयोग को मजबूत करना रहा. बेहतर लॉजिस्टिक ढांचे और समझौतों से दोनों देशों के बीच समन्वय अधिक सुचारू होता है, जिससे मानवीय सहायता और आपदा राहत जैसी परिस्थितियों में तेज और प्रभावी प्रतिक्रिया संभव हो पाती है. यह सहयोग इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दोनों देशों की परिचालन क्षमता को भी सुदृढ़ करता है.

बयान के मुताबिक, जनरल श्नाइडर ने विभिन्न ऑपरेशनल और प्रशिक्षण केंद्रों का भी दौरा किया, जो दोनों देशों की सेनाओं के बीच बढ़ते भरोसे और एकीकरण को दर्शाता है. ये प्रयास आधुनिक सैन्य क्षमताओं के विकास और उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की तैयारी को मजबूत करते हैं.

अमेरिका ने भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा देने वाला एक अहम साझेदार बताया. यह दौरा ‘यूएस-इंडिया मेजर डिफेंस पार्टनरशिप’ की मजबूती को दोहराता है और बदलती वैश्विक व क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच रक्षा सहयोग को और विस्तार देने के संकेत देता है.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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