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West Bangal Assembly Election: किसान नेता राकेश टिकैत ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा अगर जीतेगी तो बेईमानी से जीतेगी, नहीं तो ममता बनर्जी सरकार की जीत तय है.अब टिकैत का यह बयान सियासी गलियारों में हलचल मचाए हुए है.
बंगाल चुनाव को लेकर बोले राकेश टिकैत.
बुलंदशहर: किसान नेता राकेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर स्थित अपने निवास पर मीडिया से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया. टिकैत ने दावा किया कि अगर चुनाव में बेईमानी न हुई तो पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की जीत तय है और वह ठीक-ठाक तरीके से चुनाव जीतेंगी. टिकैत ने कहा कि बंगाल का मतदाता लगातार जागरूक हो रहा है और वहां लगभग 90% मतदान हो रहा है, जिसे उन्होंने ममता बनर्जी के पक्ष में जाता हुआ जनादेश बताया. उनके अनुसार, इतने अधिक मतदान का मतलब है कि जनता सक्रिय रूप से अपना मत दे रही है और यह ममता के पक्ष में माहौल बनाता है.
भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए टिकैत ने कहा कि पार्टी पहले से बने हुए विधायक और सांसदों को तोड़कर अपने साथ शामिल कर लेती है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अब देश में चुनाव की क्या जरूरत रह गई है? जिसके 10 एमपी थे, उसी के 7 तोड़ लिए. 10 दिन पहले उसके यहां छापा और 10 दिन बाद वही भाजपा में शामिल. चुनाव कोई भी जीते, जाएगा इन्हीं के पास ही.” टिकैत ने आरोप लगाया कि भाजपा बेईमानी करके भी सरकार बना सकती है.
उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल में जो लोग बाहर रहकर नौकरी या काम करते हैं, वे भी मतदान के लिए जागरूक हो रहे हैं और अपनी ड्यूटी के साथ-साथ वोट डालने पर जोर दे रहे हैं, ताकि वोटर लिस्ट से उनका नाम न कटे. टिकैत का मानना है कि इस बढ़ती जागरूकता का लाभ ममता बनर्जी को मिलेगा, बशर्ते चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की धांधली न हो.
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और एनडीए गठबंधन को लेकर दिए गए इकरा हसन के बयान पर भी टिकैत ने प्रतिक्रिया दी. इकरा हसन ने कहा था कि 2027 यूपी चुनाव में एनडीए गठबंधन में लोकदल को 50 सीटें मिलनी चाहिए. इस पर टिकैत ने सहमति जताते हुए कहा, “मिलनी चाहिए, लोकदल कोई छोटी पार्टी नहीं है, लोकदल एक बड़ी पार्टी है. चुनाव में जब समझौता हो, तो ठीक-ठाक ही हो.” उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकदल जैसी पार्टी के साथ सम्मानजनक समझौता होना चाहिए.
भाजपा की राजनीति पर कटाक्ष करते हुए टिकैत ने कहा कि यह लोग डराकर, छापे डालकर नेताओं को अपने साथ शामिल करते हैं, फिर वही लोग उनके लिए ठीक हो जाते हैं. पूरा काम ही यह है कि पहले डराओ, फिर अपने में शामिल करो. एक अन्य सवाल के जवाब में टिकैत ने सेब की खेती का उदाहरण देते हुए कहा कि जो ड्राई क्षेत्र वाला सेब आ रहा है, उसकी क्वालिटी पहाड़ के असली सेब जैसी नहीं होती. हालांकि उसी वैरायटी को नीचे के इलाकों में भी उगाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि मेरठ में भी ऐसी वैरायटी के सेब लगाए गए हैं और उन्होंने खुद भी अपने घर पर पौधे लगाए हैं. टिकैत ने इस उदाहरण के माध्यम से इशारा किया कि जैसे असली और नकली क्वालिटी में फर्क होता है, वैसे ही राजनीति में भी असली जनसमर्थन और दबाव/डर के जरिए जुटाए गए समर्थन में फर्क होता है.
कुल मिलाकर, राकेश टिकैत ने अपने बयान में यह स्पष्ट किया कि उनकी नजर में बंगाल का चुनावी माहौल ममता बनर्जी के पक्ष में है, लेकिन उन्होंने आशंका जताई कि अगर सिस्टम में गड़बड़ी या बेईमानी हुई, तो तस्वीर बदल सकती है. वहीं, उन्होंने भाजपा की राजनीतिक कार्यप्रणाली और देश में चुनावों की उपयोगिता पर भी सवाल खड़े किए.
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अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…और पढ़ें


