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इटावा में बदलेगा पुलिसकर्मियों का ठिकाना, 4 एकड़ जमीन पर बन रही 12 मंजिला बैरक, 14 करोड़ रुपए आएगा खर्च

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Etawah Latest News: इटावा में पुलिस जवानों के लिए रहने की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. शहर के धर्मनगर क्षेत्र में स्थित पुरानी चांदमारी की जमीन पर 12 मंजिला बैरक का निर्माण शुरू हो गया है. वर्षों से खाली पड़ी इस जमीन को अब नए रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे पुलिसकर्मियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी.

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लंबे समय से पुलिस विभाग को जवानों के बैरक की कमी का सामना करना पड़ रहा था.

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा में पुलिस जवानों को नई सौगात मिली है. पुरानी चांदमारी की चार एकड़ जमीन पर 200 ट्रेनी पुलिसकर्मियों की क्षमता वाली बैरक बनाई जाएगी. इटावा के एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस पुलिस भवन का निर्माण 12 मंजिला (G+11) फार्मूले पर किया जाएगा. एक अनुमान के मुताबिक इस इमारत के निर्माण में करीब 13–14 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा. इस महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम द्वारा कराया जा रहा है.

इटावा मुख्यालय के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित धर्मनगर के पास 200 ट्रेनी पुलिस जवानों के लिए इस बैरक का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है. पुलिस विभाग में लंबे समय से जवानों के आवास की कमी बनी हुई थी, जिसे दूर करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है. धर्मनगर में टीवी अस्पताल कॉलोनी के पीछे स्थित चार एकड़ से अधिक पुरानी जमीन पर पहले फायरिंग प्रशिक्षण स्थल (चांदमारी) हुआ करता था. आसपास आबादी बढ़ने के कारण इस चांदमारी को बढ़पुरा क्षेत्र के अबारी में स्थानांतरित कर दिया गया था, जिसके बाद यह भूमि लंबे समय से खाली पड़ी थी.

अब इस भूमि पर पुलिस जवानों के लिए 200 क्षमता की बैरक का निर्माण शुरू किया गया है. हालांकि, बीते वर्षों में इस जमीन पर कुछ अतिक्रमण भी हो गया था. एसएसपी ने अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने और जमीन के समतलीकरण के निर्देश दिए. इसके बाद पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी और हाइड्रा मशीनों से जमीन को समतल करने का कार्य शुरू किया गया. इस दौरान अस्थायी ढांचों और अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई भी की गई. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग की जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि जल्द से जल्द जमीन को पूरी तरह खाली कराकर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से प्रस्तावित यह परियोजना अब धरातल पर उतर चुकी है. करीब चार एकड़ से अधिक भूमि पर 200 पुलिसकर्मियों के लिए बैरक बनाई जाएगी, जिससे उन्हें बेहतर आवासीय सुविधा मिल सकेगी. उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम के ठेकेदार प्रवीण कुमार शर्मा ने बताया कि G+11 फार्मूले के तहत इस बैरक का निर्माण किया जा रहा है. ग्राउंड फ्लोर पर कैंटीन बनाई जाएगी, जबकि ऊपर की 11 मंजिलों पर पुलिसकर्मियों के रहने की व्यवस्था होगी. प्रत्येक फ्लोर पर करीब 20 ट्रेनी पुलिसकर्मियों के रहने की क्षमता होगी.

उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और बड़ी मात्रा में निर्माण सामग्री स्थल पर पहुंचा दी गई है. मजदूर तेजी से काम में जुटे हुए हैं. अनुमान है कि लगभग 18 महीनों में यह भवन तैयार हो जाएगा. प्रवीण कुमार शर्मा ने यह भी बताया कि इस परियोजना का निर्माण उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम द्वारा स्वीकृत डिजाइन के अनुसार ही किया जाएगा.

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Abhijeet Chauhan

न्‍यूज18 हिंदी डिजिटल में कार्यरत. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल और हरियाणा की पॉलिटिक्स और क्राइम खबरों में रुचि. वेब स्‍टोरी और AI आधारित कंटेंट में रूचि. राजनीति, क्राइम, मनोरंजन से जुड़ी खबरों को लिखने मे…और पढ़ें



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