10.1 C
Munich

IPL इतिहास के 19 साल में सिर्फ 4 खिलाड़ी, जिनको मिले दाम, उन्होंने दिखाया अपना काम, महंगी नीलामी का कड़वा सच

Must read


होमखेलक्रिकेट

IPL इतिहास के 19 साल में सिर्फ 4 खिलाड़ी, जिनको मिले दाम, वो दिखा गए अपना काम

Last Updated:

2008 से 2026 तक के IPL इतिहास में सिर्फ 4 बार ही सबसे महंगे खिलाड़ी अपनी कीमत के साथ न्याय कर पाए हैं. बाकी मौकों पर ये ‘नीलामी के महाराजा’ अक्सर उम्मीदों के बोझ तले दबते नजर आए हैं.

Zoom

आईपीएल इतिहास के 4 ऐसे खिलाड़ी जिन्होंने बड़े दाम के मुताबिक काम किया

नई दिल्ली. जब IPL की नीलामी में हथौड़ा गिरता है और किसी खिलाड़ी पर 20-25 करोड़ रुपये दांव पर लगते हैं, तो सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं खरीदा जाता खरीदी जाती है उम्मीद, दबाव और करोड़ों फैंस की नजरें. हर फ्रेंचाइज़ी चाहती है कि उसका सबसे महंगा खिलाड़ी मैदान पर ‘गेम चेंजर’ साबित हो, लेकिन आंकड़े एक चौंकाने वाली हकीकत बयान करते हैं. 2008 से 2026 तक के IPL इतिहास में सिर्फ 4 बार ही सबसे महंगे खिलाड़ी अपनी कीमत के साथ न्याय कर पाए हैं. बाकी मौकों पर ये ‘नीलामी के महाराजा’ अक्सर उम्मीदों के बोझ तले दबते नजर आए हैं.

IPL का इतिहास साफ बताता है कि महंगे खिलाड़ी ब्रांड जरूर बेचते हैं, लेकिन ट्रॉफी हमेशा टीमवर्क, संतुलन और फॉर्म से जीती जाती है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या कैमरन ग्रीन इस सीजन में वापसी कर धोनी या स्टार्क की तरह कहानी पलटेंगे, या फिर वह भी उन खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो जाएंगे, जिनकी कीमत ज्यादा थी, लेकिन असर कम? IPL की असली कहानी यही है यहां नाम नहीं, खेल बोलता है.

नीलामी के ‘महाराजा’ जो सच में बने मैच विनर

कुछ खिलाड़ी ऐसे रहे, जिन्होंने कीमत को दबाव नहीं बनने दिया, बल्कि उसे अपनी ताकत में बदला.2008 में एमएस धोनी (₹9.5 करोड़)में बिके और उनका प्रदर्शन बेहद सानदार रहा , बल्लेबाजी में 414 रन बनाए औसत 41.40 और शानदार कप्तानी से चेन्नई सुपर किंग्स को नई पहचान दी. 2010 में मुंबई इंडियंस ने केरॉन पोलार्ड (₹4.8 करोड़) में खरीदा 273 रन और 15 विकेट के साथ ऑलराउंड प्रदर्शन किया और कई मुकाबले अकेले दम पर जिताए. 2017 में बेन स्टोक्स (₹14.5 करोड़)में पुणे सुपर जायंट्स ने खरीदा और उस साल इस ऑलराउंडर ने 316 रन बनाए और 12 विकेट लेकर वो पूरे सीजन में सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी बने. 2024: मिचेल स्टार्क (₹24.75 करोड़) में कोलकाता ने खरीदा और वो 17 विकेट लेने में कामयाब रहे.स्टार्क सबसे अहम प्लेऑफ व फाइनल में मैच विनर बने.

जब कीमत बनी ‘दबाव’, और प्रदर्शन रह गया फीका
ज्यादातर मामलों में सबसे महंगे खिलाड़ी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए. 2009: केविन पीटरसन & एंड्रयू फ्लिंटॉफ बड़ी कीमत पर खरीदे गए. उस सीजन में पीटरसन सिर्फ 93 रन, जबकि फ्लिंटॉफ चोट के कारण लगभग बाहर. 2013 में सबसे महंगे ग्लेन मैक्सवेल बिके पर वो मुंबई के लिए सिर्फ 36 रन ही बना पाए यानि पूरी तरह फ्लॉप. 2015 में युवराज सिंह ₹16 करोड़ की कीमत में बिके , लेकिन औसत सिर्फ 19.07 का रहा. 2019में जयदेव उनादकट & वरुण चक्रवर्ती दोनों ही प्रदर्शन में बुरी तरह संघर्ष करते नजर आए. 2021 में क्रिस मॉरिस ने 15 विकेट जरूर, लेकिन बेहद महंगे साबित हुए. 2025 में ऋषभ पंत के बैट से आए सिर्फ 269 रन,नजर आई निरंतरता की भारी कमी.

कैमरन ग्रीन (2026): क्या कहानी दोहराई जा रही है?

2026 में कोलकाता ने कैमरन ग्रीन पर ₹25.20 करोड़ खर्च किए एक बड़ा दांव लेकिन 19 अप्रैल 2026 तक के आंकड़े चिंता बढ़ाते हैं. 6 मैच 135 रन सिर्फ 1 विकेट शुरुआती प्रदर्शन यह संकेत देता है कि ग्रीन भी कहीं उसी पुराने ट्रेंड का हिस्सा तो नहीं बन रहे, जहां ‘महंगे खिलाड़ी’ अक्सर उम्मीदों से पीछे रह जाते हैं.

नीलामी का गणित vs मैदान की हकीकत

कोई बोले या ना बोले खिलाड़ियों पर कीमत का बोझ होता ही है. ईशान किशन (2022) और सैम करन (2023) जैसे खिलाड़ी भी भारी कीमत के कारण दबाव में दिखे. कई बार टीमें खिलाड़ी की उपयोगिता से ज्यादा उसकी ब्रांड वैल्यू या विरोधी टीम को रोकने के लिए बोली बढ़ा देती हैंऔर इसका असर प्रदर्शन पर पड़ता है.



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article