आ गई खुशखबरी: रेलवे ट्रैक के दूसरी तरफ हैं आपके खेत तो लाइन पार करने की नहीं होगी जरूरत, जानें सरकार का प्‍लान

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रेलवे ट्रैक के दूसरी तरफ हैं आपके खेत तो लाइन पार करने की नहीं होगी जरूरत

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अगर आपके खेत या बच्‍चों के स्‍कूल रेलवे ट्रैक के पार हैं, लाइन पर कर दूसरी ओर जाने में ट्रेन आने की चिंता रहती है तो अब आपके लिए राहतभरी खबर है. यह परेशानी अब ज्‍यादादिन रहने वाली नहीं है. जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार करने की जरूरत नहीं होगी.

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रेलवे ट्रैक पार करने की नहीं होगी जरूरत. (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)

नई दिल्‍ली. अगर आपके खेत या बच्‍चों के स्‍कूल रेलवे ट्रैक के पार हैं, लाइन पर कर दूसरी ओर जाने में ट्रेन आने की चिंता रहती है तो अब आपके लिए राहतभरी खबर है. यह परेशानी अब ज्‍यादादिन रहने वाली नहीं है. जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार करने की जरूरत नहीं होगी. भारतीय रेलवे ने लोगों की इस परेशानी को ध्‍यान में रखते हुए ऐसे स्‍थानों पर सबवे बनाने का फैसला किया है. यह घोषणा आज रेलमंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने की है.

मंत्रालय के अनुसार रेल पटरी पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं को अब रेलवे मिशन मोड में रोकेगा. इस तरह की परेशानी से निकालने के लिए सबवे बनाए जाएंगे. इस संबंध में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज नई दिल्ली में संबंधित अधिकारियों की एक वर्कशॉप में जानकारी दी.

जहां रेलवे ट्रैक पर एक तरफ बस्ती है और दूसरी तरफ़ खेत, विद्यालय, श्मशान या अन्य उपयोगी व महत्वपूर्ण स्थान हैं. ऐसे स्थानों पर सबवे बनाए जाएंगे. रेल मंत्री ने देशभर में सबवे बनाने का निर्देश दिए, जहां लोगों को रोजमर्रा के जीवन में रेलवे ट्रैक पार करना होता है. रेल मंत्री ने अधिकारियों को एक ऐसी सुविधाजनक सबवे बनाने को कहा जो पटरी पार करने वाले लोगों के लिए एक जीवनदायिनी विकल्प के रूप में उभरे.

इन रेल सबवे को बनाते समय यह ध्यान रखा जाएगा कि एक आम आदमी साइकिल, मोटर साइकिल तथा कामकाज से जुड़ी अन्य चीजों को भी अपने साथ ले जा सके. इससे देशभर में ट्रैक पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी. देश की एक बड़ी आबादी के लिए भारतीय ये सबवे वरदान साबित होंगी.

रेल मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश किया कि इस बड़ी समस्या से अगले 5-6 वर्षों में निजात दिला दी जाए. ये सबवे इस प्रकार से बनाई जाएंगे, जिससे ट्रैक के आरपार इनका निर्माण मात्र 12 घंटे में किया जा सके. रेल मंत्री ने कहा कि डिज़ाइन इस प्रकार की हो, जिससे लोगों को इसके इस्तेमाल करने में कोई हिचक न हो. जल भराव से सबव प्रभावित न हो. सबवे बनाने का यह महत्वपूर्ण निर्णय पिछले कई दिनों से अधिकारियों के साथ चली आ रही विचार विमर्श का परिणाम है.



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