Aaj Ka Mausam Live: मार्च में पूरे देश में मौसम का अजीब दौर देखने को मिला. शुरूआत इसकी गर्मी से हुई और अंत बारिश और तूफान से हो रही है. मार्च का अंत आते-आते मौसम ने ऐसा तेवर दिखाया है मानो मानसून ने समय से पहले दस्तक दे दी हो. देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ बारिश, बिजली और तूफान का तांडव देखने को मिल रहा है. कहीं तेज हवाएं पेड़ों को झुका रही हैं, तो कहीं आसमान से गिरती बिजली डर पैदा कर रही है. पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में आंधी-बारिश का ये कॉम्बिनेशन सामान्य नहीं है. मौसम का यह बदला हुआ मिजाज साफ संकेत दे रहा है कि अगले कुछ दिन बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं और जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है. मौसम विभाग (IMD) ने भी इस असामान्य मौसम को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है. अगले 72 घंटों के दौरान करीब 12 राज्यों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है. पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिणी हवाओं के असर से बना यह सिस्टम कई इलाकों में अचानक मौसम बदल रहा है.
इस बदलाव के पीछे मुख्य वजह सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है. इसके साथ दक्षिणी हवाओं का असर भी जुड़ गया है. यही कारण है कि पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम एक साथ बिगड़ा हुआ है. कहीं तेज हवाएं चल रही हैं. कहीं ओले गिर रहे हैं. कई इलाकों में बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है. यही वजह है कि मौसम विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है. आने वाले तीन दिन राहत और खतरे दोनों का मिश्रण लेकर आएंगे.
बिहार में मौसम का मिजाज काफी उग्र नजर आ रहा है. (PTI)
- पिछले कुछ दिनों से देश के कई हिस्सों में मौसम बदलने के संकेत मिलने लगे थे. बादलों की आवाजाही तेज हो गई थी. तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी. अब यह बदलाव पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है. उत्तर भारत में जहां हल्की बारिश राहत पहुंचा रही है, वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर में भी बारिश और तूफान का असर दिख रहा है.
- इस समय सबसे ज्यादा असर उन राज्यों पर है जहां रबी की फसल तैयार खड़ी है. तेज हवाएं और ओलावृष्टि किसानों के लिए चिंता का विषय बन चुकी है. इसके अलावा बिजली गिरने की घटनाएं भी लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रही हैं. ऐसे में हर किसी को मौसम अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है.
दिल्ली-NCR में बदला मौसम का मिजाज
यूपी में आंधी-बारिश का अलर्ट
- उत्तर प्रदेश में मौसम का असर व्यापक रूप से दिख रहा है और आने वाले 72 घंटे काफी अहम माने जा रहे हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक बादलों की आवाजाही तेज हो चुकी है. 27 से 29 मार्च के बीच कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो सामान्य से काफी ज्यादा है.
- इस दौरान आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं. कई जिलों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है, इससे हालात और गंभीर हो सकते हैं. खासतौर पर खेतों में खड़ी रबी की फसल पर इसका सीधा असर पड़ेगा. गेहूं और सरसों जैसी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और सुरक्षित जगहों पर ही ठहरें.
राजस्थान में भी मौसम ने अपना रंग बदलना शुरू कर दिया है. (PTI)
बिहार में ठनका और आंधी का खतरा
- बिहार में मौसम का मिजाज काफी उग्र नजर आ रहा है. कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है. सीतामढ़ी, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार और आसपास के इलाकों में विशेष अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार 27 से 30 मार्च तक यह स्थिति बनी रह सकती है.
- ठनका यानी आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं इस दौरान ज्यादा हो सकती हैं, जो जान-माल के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं. किसानों को खास तौर पर सतर्क रहने को कहा गया है क्योंकि तेज हवाएं और बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और खेतों में जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें.
उत्तराखंड में बर्फबारी और बारिश
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम ने खतरनाक रूप ले लिया है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बारिश के साथ बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है. रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में विशेष अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे ठंड एक बार फिर बढ़ गई है. बर्फबारी के कारण सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं और कई जगहों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है. पर्यटन स्थलों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है. प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. इसके अलावा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है, जो हालात को और चुनौतीपूर्ण बना सकता है.
हिमाचल में बढ़ेगा असर
- हिमाचल प्रदेश में भी मौसम तेजी से बदल रहा है और आने वाले दिनों में इसका असर और गहरा होने की संभावना है. कांगड़ा, कुल्लू, चंबा और मंडी जैसे जिलों में घने बादलों की आवाजाही देखी जा रही है. कई स्थानों पर बारिश और बर्फबारी की शुरुआत हो चुकी है, जो अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है.
- मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम और बिगड़ सकता है. इससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं. स्थानीय प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है. साथ ही, ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है क्योंकि अचानक मौसम बदलने से स्थिति खतरनाक हो सकती है.
राजस्थान में धूल भरी आंधी
राजस्थान में भी मौसम ने अपना रंग बदलना शुरू कर दिया है. जयपुर, बीकानेर, जोधपुर और आसपास के इलाकों में तेज हवाएं चलने की संभावना है. धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है, जिससे मौसम में ठंडक महसूस होगी. हालांकि यह बदलाव पूरी तरह राहत देने वाला नहीं है. धूल भरी आंधी के कारण दृश्यता कम हो सकती है और सड़क हादसों का खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा, तेज हवाएं पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है.
गुजरात और महाराष्ट्र का हाल
- गुजरात में मौसम अपेक्षाकृत गर्म बना रहेगा और यहां तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर सकती हैं. हालांकि, कुछ इलाकों में हल्की बादल छाए रहने की संभावना भी है.
- वहीं महाराष्ट्र में मौसम का मिजाज थोड़ा अलग नजर आ रहा है. यहां कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है. मुंबई में उमस बढ़ेगी, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है. विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल सकता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.
दक्षिण भारत में दोहरा असर
दक्षिण भारत में मौसम दो अलग-अलग रूप दिखा रहा है. केरल, कोंकण और गोवा में गर्मी और उमस लगातार बढ़ रही है. वहीं कर्नाटक और तेलंगाना में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है, जो फसलों के लिए नुकसानदायक हो सकती है. साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से मौसम में यह अस्थिरता बनी हुई है. आने वाले दिनों में भी यह स्थिति जारी रह सकती है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है.
नॉर्थ ईस्ट में भारी बारिश
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मौसम और ज्यादा खराब हो सकता है. असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं. भारी बारिश के कारण जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं. इससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ सकता है. प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी है.
मौसम में अचानक इतना बड़ा बदलाव क्यों आया है?
इस बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिणी हवाओं का संयुक्त प्रभाव है. पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में ठंडी और नमी वाली हवाएं लाता है, जबकि दक्षिण से आने वाली गर्म हवाएं टकराकर अस्थिरता पैदा करती हैं. यही टकराव आंधी, बारिश, बर्फबारी और बिजली गिरने जैसी घटनाओं को जन्म देता है.
अगले 72 घंटे सबसे ज्यादा संवेदनशील क्यों माने जा रहे हैं?
क्योंकि इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ अपने चरम पर रहेगा. इसके प्रभाव से कई राज्यों में एक साथ अलग-अलग मौसम घटनाएं देखने को मिलेंगी. तेज हवाएं, भारी बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं ज्यादा होंगी, जिससे जोखिम बढ़ जाता है.
क्या इससे गर्मी पूरी तरह खत्म हो जाएगी?
नहीं, यह बदलाव अस्थायी है. तापमान में थोड़ी गिरावट जरूर आएगी और लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन अप्रैल के साथ ही गर्मी फिर तेजी से बढ़ेगी. यह केवल एक अस्थायी मौसमीय उतार-चढ़ाव है.
किसानों के लिए यह मौसम कितना खतरनाक है?
यह मौसम किसानों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण है. ओलावृष्टि, तेज हवाएं और बारिश रबी की फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. खासकर गेहूं की फसल कटाई के करीब है, ऐसे में नुकसान की आशंका ज्यादा है.
आम लोगों को किन सावधानियों का पालन करना चाहिए?
लोगों को खराब मौसम के दौरान घर के अंदर रहना चाहिए. बिजली गिरने के समय खुले मैदान और पेड़ों से दूर रहें. तेज हवाओं के दौरान कमजोर ढांचे से दूर रहें. साथ ही मौसम विभाग के अलर्ट और अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखें.





