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नोएडा एयरपोर्ट जाने वालों के लिए गुड न्यूज़! तिलपता गोलचक्कर के जाम से मिलेगा छुटकारा, बनेगा 5km लंबा 6-लेन एलिवेटेड रोड

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Greater Noida News: अगर आप भी ग्रेटर नोएडा और दादरी के बीच सफर करते समय तिलपता गोलचक्कर के भारी जाम में फंसकर परेशान होते हैं, तो यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ला देगी. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहर के सबसे बड़े ट्रैफिक ‘हॉटस्पॉट’ यानी तिलपता क्षेत्र को जाम मुक्त बनाने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्राधिकरण अब यहां करीब 5 किलोमीटर लंबा और 6-लेन चौड़ा शानदार एलिवेटेड रोड बनाने जा रहा है. यह प्रोजेक्ट न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं होगा.

क्या है प्रोजेक्ट और कहां से कहां तक बनेगा?
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, प्रस्तावित एलिवेटेड रोड दादरी-सूरजपुर-छलेरा मार्ग पर बनाया जाएगा. इसका निर्माण सूरजपुर की ओर से तिलपता गोलचक्कर से लगभग 500 मीटर पहले शुरू होगा और यह सीधे दादरी रेलवे ओवरब्रिज के पास जाकर जुड़ेगा. 5 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को 6-लेन का बनाने का प्रस्ताव है, ताकि भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक को भी यह आसानी से झेल सके. इस सड़क के बनने से दादरी नगर, जीटी रोड-91 और आसपास के दर्जनों गांवों के लाखों लोगों का सफर मिनटों में पूरा हो सकेगा.

क्यों पड़ी एलिवेटेड रोड की जरूरत?
तिलपता क्षेत्र में मौजूदा सड़क को चौड़ा करना प्राधिकरण के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. सड़क किनारे बड़े पैमाने पर हुए अवैध निर्माण और स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के कारण करीब एक साल पहले टेंडर जारी होने के बाद भी सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका है.

हालात इतने संवेदनशील हैं कि पिछले दिनों जब प्राधिकरण की टीम काम करने पहुंची, तो उन पर हमला तक कर दिया गया. चूंकि जमीन पर सड़क चौड़ी करना मुमकिन नहीं हो पा रहा, इसलिए प्राधिकरण ने अब हवा में यानी ‘एलिवेटेड रोड’ बनाकर समाधान निकालने का फैसला किया है.

नोएडा एयरपोर्ट का सफर होगा आसान, तिलपता में 5km एलिवेटेड रोड को हरी झंडी

नोएडा एयरपोर्ट और फ्रेट कॉरिडोर का ‘प्रेशर’
आने वाले कुछ महीनों में जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू होने वाली हैं. इसके साथ ही, 130 मीटर चौड़ी सड़क पर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के ऊपर बना फ्लाईओवर भी जल्द चालू हो जाएगा. इन दोनों ही बड़े प्रोजेक्ट्स के चालू होते ही तिलपता गोलचक्कर पर ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ जाएगा.

अगर समय रहते यह एलिवेटेड रोड नहीं बना, तो तिलपता गोलचक्कर ग्रेटर नोएडा का सबसे बड़ा जाम पॉइंट बन जाएगा. इसी भविष्य की चुनौती को देखते हुए सीईओ रवि कुमार एनजी ने इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए हैं.

यूपी सेतु निगम तैयार करेगा रिपोर्ट
परियोजना विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की ‘फिजिबिलिटी रिपोर्ट’ (व्यवहार्यता अध्ययन) उत्तर प्रदेश सेतु निगम से तैयार कराई जाएगी. इस रिपोर्ट में यह देखा जाएगा कि तकनीकी रूप से यहां पिलर खड़े करना और रैंप बनाना कितना आसान होगा. जैसे ही उच्चाधिकारियों से हरी झंडी मिलेगी, इसका विस्तृत सर्वे शुरू होगा और फिर डीपीआर तैयार कर निर्माण शुरू किया जाएगा.

जब तक रोड नहीं बनती, तब तक क्या?
एक एलिवेटेड रोड को बनाने में कम से कम 2 से 3 साल का समय लगता है. ऐसे में प्राधिकरण ने तत्काल राहत के लिए भी योजना बनाई है. तिलपता के पास 130 मीटर चौड़ी सड़क पर नए ‘यू-टर्न’ बनाए जा रहे हैं. इससे वाहनों को बिना रुके मोड़ने की सुविधा मिलेगी और गोलचक्कर पर दबाव कम होगा.

अधर में लटका तिलपता बाईपास
यहां यह भी जानना ज़रूरी है कि पहले प्राधिकरण ने तिलपता में एक बाईपास रोड की योजना बनाई थी, लेकिन खोदना कलां, श्यौराजपुर और कैलाशपुर जैसे गांवों में ज़मीन न मिल पाने के कारण वह योजना ठंडे बस्ते में चली गई है. अब सारा फोकस इसी 6-लेन एलिवेटेड रोड पर है.

जानें क्या कहा प्राधिकरण के सीईओ ने?
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने बताया, ‘ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट में भविष्य की जाम की समस्या को देखते हुए हम मुख्य सड़कों को चौड़ा कर रहे हैं. तिलपता में एलिवेटेड रोड एक गेम-चेंजर प्रोजेक्ट होगा. हम जल्द ही इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट मंगाकर काम को गति देंगे.’



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