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भारत में विदेशी फंडिंग के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जहां अमेरिकी बैंक के डेबिट कार्ड्स के जरिए करोड़ों रुपये एटीएम से निकाले गए. ईडी की जांच में छत्तीसगढ़ के कई इलाकों तक इसके तार जुड़े मिले हैं. जांच एजेंसी का आरोप है कि इन रुपयों का इस्तेमाल हवाला और टेरर फंडिंग के लिए किया गया.
ईडी ने बड़ी साजिश का खुलासा करते हुए बेंगलुरु एयरपोर्ट से मास्टरमाइंड को अरेस्ट किया है.
ED News: भारत की आर्थिक सुरक्षा में सेंध लगाने वाली एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश हुआ है. इस खुलासे के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में होने वाली संदिग्ध फंडिंग के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया है. ईडी की जांच में इस पूरे खेल के तार सीधे अमेरिका के ट्रूइस्ट बैंक और ‘द टिमोथी इनिशिएटिव’ (TTI) नामक एक मूवमेंट से जुड़े मिले हैं.
क्या है पूरा मामला?
ईडी की तफ्तीश में खुलासा हुआ है कि भारत के रेगुलेटरी सिस्टम और बैंकिंग नियमों को ठेंगा दिखाने के लिए विदेशी डेबिट कार्ड्स का हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था. इस साजिश के तहत अमेरिका से बैंक कार्ड्स भारत लाए गए और यहां के एटीएम से करोड़ों रुपये की नकदी निकाली गई. जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच महज कुछ महीनों के भीतर ही करीब 95 करोड़ रुपये इन विदेशी कार्ड्स निकाले गए हैं.
छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में फैला है जाल
इस मामले का सबसे डरावना पहलू छत्तीसगढ़ से जुड़ा है. ईडी को पुख्ता सबूत मिले हैं कि धमतरी और बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित और अन्य कई संवेदनशील इलाकों में इन अमेरिकी कार्ड्स का जमकर इस्तेमाल हुआ. पिछले कुछ सालों में इन इलाकों से करीब 6.5 करोड़ रुपये की नकद निकासी की गई है. एजेंसियों को शक है कि इस बेहिसाब नकदी का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों या धर्मांतरण जैसे संदिग्ध मिशनों के लिए किया जा रहा था. जांच में यह बात भी सामने आई है कि टीटीआई नामक संस्था विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड भी नहीं है.
बेंगलुरु एयरपोर्ट पर दबोचा गया मास्टरमाइंड
इस टेरर फंडिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ तब हुआ जब बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिकाह मार्क नामक शख्स को इमिग्रेशन ब्यूरो ने अरेस्ट किया. मिकाह मार्क की गिरफ्तारी ईडी के लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) के आधार पर हुई है. गिरफ्तारी के दौरान, इसके कब्जे से 24 विदेशी डेबिट कार्ड बरामद किए गए. इसके बाद, पूछताछ में हुए खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए. इकसे बाद, ईडी ने 18-19 अप्रैल को देश के 6 ठिकानों पर छापेमारी की.
छापेमारी में ईडी के हाथ लेग अहम दस्तावेज
इस कार्रवाई में ईडी के हाथ कई अहम दस्तावेज लगे हैं. इन दस्तावेजों में 25 विदेशी डेबिट कार्ड, 40 लाख रुपये की नकदी, डिजिटर फुटप्रिंट, और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए गए हैं. जांच में यह भी पता चला है कि इन लेन-देन का हिसाब-किताब रखने के लिए एक विदेशी ऑनलाइन बिलिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था, ताकि भारतीय एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके. ईडी का मानना है कि यह नेटवर्क देश के कई हिस्सों में फैला हुआ है.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें


