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Aaj Ka Mausam Live | Today Weather Live: UP-बिहार में 75KM की आंधी, अगले 48 घंटे बरपेगा तूफानी कहर, 15 राज्यों के लिए IMD का अलर्ट

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Today Weather Live: अप्रैल महीने में भयंकर तपिश के बाद मई के शुरुआती दिनों में ही देश के मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और इस बार बदलाव सिर्फ हल्का-फुल्का नहीं, बल्कि असरदार और थोड़ा चिंताजनक भी है. मई की शुरुआत में जहां आमतौर पर लू और तपती गर्मी का दबदबा रहता है, वहीं इस बार आसमान का मिजाज कुछ अलग ही कहानी सुना रहा है. मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे बड़े राज्यों में 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी दी है. मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं और हालात तेजी से बदल सकते हैं. ऐसे में यह सवाल भी उठता है कि क्या यह मौसम का सामान्य चक्र है या बदलते जलवायु पैटर्न की एक झलक? फिलहाल लोगों के लिए सतर्क रहना ही सबसे बड़ा उपाय है.

मौसम विभाग के ताजा अलर्ट के मुताबिक देश के करीब 15 राज्यों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है. पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से उत्तर भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक मौसम में भारी बदलाव देखने को मिल रहा है. जहां एक ओर गर्मी और लू से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर तेज हवाएं, बिजली गिरने और भारी बारिश से खतरे भी बढ़ सकते हैं. खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह समय सावधानी बरतने का है. मौसम की यह उथल-पुथल आने वाले दिनों में तापमान को भी प्रभावित करेगी और कई इलाकों में पारा 3 से 6 डिग्री तक गिर सकता है.
इस मौसम बदलाव से कुछ दिनों के लिए गर्मी जरूर कम हो जाएगी और तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी. (PTI)
  • देशभर में मौसम की यह हलचल एक बड़े सिस्टम का हिस्सा है. पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय है, जबकि बंगाल और बांग्लादेश के आसपास साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. इन दोनों सिस्टम्स के कारण उत्तर और पूर्वी भारत में आंधी-बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं. इसके अलावा दक्षिण भारत में भी एक कमजोर सिस्टम सक्रिय है, जो वहां भारी बारिश का कारण बन सकता है.
  • इन परिस्थितियों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है. जहां कुछ दिन पहले तक लोग भीषण गर्मी से परेशान थे, वहीं अब मौसम सुहावना हो गया है. हालांकि यह राहत अपने साथ खतरे भी लेकर आई है. बिजली गिरने, पेड़ गिरने और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है. इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

दिल्ली-एनसीआर में वीकेंड का मौसम

दिल्ली-एनसीआर में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम ने राहत भरा रुख दिखाया है. तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, इससे लोगों को चिलचिलाती गर्मी से काफी हद तक राहत मिली है. दिन के समय धूप जरूर निकल रही है लेकिन उसकी तीव्रता पहले के मुकाबले कम महसूस हो रही है. मौसम विभाग के अनुसार 4 और 5 मई को एक बार फिर से मौसम करवट ले सकता है और आंधी के साथ बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं. फिलहाल वीकेंड पर आसमान आंशिक रूप से साफ रहने की संभावना है, लेकिन बादलों की आवाजाही बनी रहेगी इससे उमस और हल्की ठंडक दोनों का एहसास हो सकता है. अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान में भी गिरावट बनी रह सकती है. इसके अलावा मौसमी गतिविधियों के चलते वायु गुणवत्ता (AQI) में भी सुधार देखा जा रहा है, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत है.

यूपी में मौसम का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में आने वाले 48 से 72 घंटे मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं. मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश जिलों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है. पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल सकता है. कई जिलों में अचानक तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इसके चलते पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है. अच्छी बात यह है कि तापमान में 5 से 6 डिग्री तक गिरावट आ सकती है, जिससे भीषण गर्मी और लू से राहत मिलेगी. कई शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने की संभावना जताई गई है. हालांकि, किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है.

बिहार में बारिश की चेतावनी

बिहार में भी मौसम ने करवट लेते हुए लोगों को गर्मी से राहत दी है, लेकिन इसके साथ ही खतरे के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं. पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, सीतामढ़ी समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. अगले दो दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि, इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा. ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. खेतों में काम कर रहे किसानों को मौसम खराब होने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है. साथ ही, जलभराव और सड़क पर फिसलन जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है.

राजस्थान का बदला मिजाज

राजस्थान में भी पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है. राज्य के कई जिलों में आंधी और बारिश की गतिविधियां देखी जा रही हैं, इससे गर्मी से थोड़ी राहत मिली है. जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर और कोटा समेत कई संभागों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो धूल भरी आंधी का रूप ले सकती हैं. हालांकि तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आई है, लेकिन लू की तीव्रता जरूर कम हुई है. दिन के समय गर्मी का असर बना रह सकता है, लेकिन शाम के समय मौसम सुहावना हो सकता है. इस बदलाव से जहां लोगों को थोड़ी राहत मिली है, वहीं अचानक मौसम खराब होने से जनजीवन पर असर पड़ सकता है.

लोगों को मौसम खराब होने के दौरान घर के अंदर ही रहने की कोशिश करनी चाहिए. (PTI)

पंजाब में बारिश-आंधी का असर

पंजाब में 2 मई को मौसम के अचानक बदलने की संभावना जताई गई है. राज्य के कई जिलों जैसे अमृतसर, लुधियाना, मोहाली, बठिंडा और पठानकोट में मध्यम बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है. हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, इससे खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है. इसके अलावा आंधी के कारण बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है और पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं. मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और सतर्क रहने की सलाह दी है. यह मौसम जहां गर्मी से राहत देगा, वहीं सावधानी न बरतने पर नुकसान भी पहुंचा सकता है.

मध्य प्रदेश में मौसम का असर

मध्य प्रदेश में 2 से 5 मई के बीच मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. कई जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. भिंड, शिवपुरी, छतरपुर, पन्ना और सतना जैसे इलाकों में तेज बारिश हो सकती है. भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में तापमान फिलहाल 39 डिग्री सेल्सियस तक बना रह सकता है, लेकिन बारिश के बाद इसमें गिरावट आएगी. तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, इससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. इस मौसम बदलाव से किसानों को मिश्रित असर देखने को मिल सकता है, क्योंकि जहां बारिश फायदेमंद हो सकती है, वहीं तेज हवाएं और ओलावृष्टि नुकसान पहुंचा सकती हैं.

उत्तराखंड और हिमाचल में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर

  • उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम पूरी तरह से बदला हुआ है. बागेश्वर, चमोली, पिथौरागढ़, नैनीताल और देहरादून जैसे जिलों में लगातार बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है. तापमान में गिरावट के कारण पहाड़ी इलाकों में ठंड का एहसास बढ़ गया है. यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बना हुआ है.
  • हिमाचल प्रदेश में भी इसी तरह के हालात बने हुए हैं. शिमला, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा और सोलन में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है. ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है, जिससे ठंड बढ़ेगी. मौसम विभाग ने अगले 5 से 6 दिनों तक ऐसे ही हालात बने रहने की संभावना जताई है. पर्यटन स्थलों पर जाने वाले लोगों को मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है.

पूर्वोत्तर भारत में प्री-मानसून का असर

पूर्वोत्तर भारत में प्री-मानसून की गतिविधियां अपने चरम पर हैं. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा में तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. कई इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. लगातार बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.

दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत में भी मौसम ने करवट ली है. केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 2 से 4 मई के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है. साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि कुछ स्थानों पर जलभराव और ट्रैफिक की समस्या भी देखने को मिल सकती है. किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा नुकसान भी पहुंचा सकती है.

क्या यह मौसम बदलाव सामान्य है?

मई के महीने में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव आना सामान्य माना जाता है, खासकर उत्तर भारत में. लेकिन इस बार जिस तरह से एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हुई हैं, वह थोड़ा असामान्य जरूर है. लगातार बदलता मौसम और अचानक तेज आंधी-बारिश की घटनाएं जलवायु परिवर्तन की ओर भी इशारा करती हैं. इसलिए इसे पूरी तरह सामान्य कहना सही नहीं होगा, बल्कि यह बदलते मौसम पैटर्न का संकेत भी हो सकता है.

किन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा है?

उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में इस समय सबसे ज्यादा खतरा बना हुआ है. इन इलाकों में तेज आंधी, भारी बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की संभावना ज्यादा है. इसके अलावा, पहाड़ी राज्यों जैसे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और बर्फबारी का खतरा भी बना हुआ है, जो स्थिति को और गंभीर बना सकता है.

लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

लोगों को मौसम खराब होने के दौरान घर के अंदर ही रहने की कोशिश करनी चाहिए. खुले स्थानों, खेतों या ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए. बिजली गिरने की संभावना के चलते मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सावधानी से उपयोग करना चाहिए. यात्रा पर निकलने से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें.

क्या इससे गर्मी खत्म हो जाएगी?

इस मौसम बदलाव से कुछ दिनों के लिए गर्मी जरूर कम हो जाएगी और तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी. लेकिन यह स्थायी राहत नहीं है. जैसे ही मौसम प्रणाली कमजोर होगी, तापमान फिर से बढ़ सकता है. इसलिए इसे केवल अस्थायी राहत के रूप में ही देखा जाना चाहिए.

किसानों पर इसका क्या असर पड़ेगा?

किसानों के लिए यह मौसम दोधारी तलवार की तरह है. जहां बारिश फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, वहीं तेज आंधी और ओलावृष्टि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है. खासकर खड़ी फसलों के गिरने और खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए और मौसम की जानकारी पर नजर बनाए रखनी चाहिए.



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