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Greater Noida News : आजकल लोग लोग फिट और हेल्दी रहने के लिए कई तरह की डाइट फॉलो करते हैं, लेकिन अक्सर कैलोरी गिनने तक ही सीमित रह जाते हैं, जबकि शरीर को सही पोषण देने के लिए केवल कैलोरी नहीं, बल्कि भोजन का पूरा न्यूट्रिशन समझना जरूरी है. लोकल 18 से त्रिशिता बताती हैं कि उनका ऐप ‘फूड इज मेडिसिन’ यानी भोजन ही दवा है की सोच पर आधारित है. यूजर अपने खाने की फोटो ऐप में स्कैन कर सकता है और कुछ ही सेकंड में उसे उस भोजन की पूरी जानकारी मिल जाएगी. कुछ लोग नहीं जानते कि उबले हुए आलू को रातभर फ्रिज में रखने से उसमें बनने वाला रेजिस्टेंट स्टार्च शरीर पर अलग असर डाल सकता है. त्रिशिता के मुताबिक, ये ऐप सबकुछ बताएगा.
ग्रेटर नोएडा. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग फिट और हेल्दी रहने के लिए कई तरह की डाइट फॉलो करते हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि सही जानकारी हर किसी तक नहीं पहुंच पाती. कौन-सा खाना शरीर के लिए कितना फायदेमंद है, किस समय क्या खाना चाहिए और कितनी मात्रा में खाना चाहिए. इन सवालों के जवाब आसानी से नहीं मिलते. इसी समस्या का समाधान निकालने के लिए ग्रेटर नोएडा की छात्रा त्रिशिता ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक खास AI आधारित ऐप तैयार किया है, जिसका नाम आरोग्य AI रखा गया है. लोकल 18 से त्रिशिता बताती हैं कि यह ऐप ‘फूड इज मेडिसिन’ यानी भोजन ही दवा है की सोच पर आधारित है. आजकल लोग कैलोरी गिनने तक ही सीमित रह जाते हैं, जबकि शरीर को सही पोषण देने के लिए केवल कैलोरी नहीं, बल्कि भोजन का पूरा न्यूट्रिशन समझना जरूरी है. इसी उद्देश्य से इस ऐप को डिजाइन किया गया है ताकि लोग अपनी डाइट को बेहतर तरीके से समझ सकें और हेल्दी लाइफस्टाइल अपना सकें.
आरोग्य AI की सबसे खास बात इसका रियल-टाइम फूड स्कैन फीचर है. यूजर अपने खाने की फोटो ऐप में स्कैन कर सकता है और कुछ ही सेकंड में उसे उस भोजन की पूरी जानकारी मिल जाएगी. ऐप केवल यह नहीं बताएगा कि खाने में कितनी कैलोरी है, बल्कि यह भी बताएगा कि उसमें कितने ग्राम प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, फाइबर और अन्य पोषक तत्व मौजूद हैं. इससे लोगों को अपने शरीर की जरूरत के अनुसार सही भोजन चुनने में मदद मिलेगी. त्रिशिता के मुताबिक, कई बार लोगों को खाने से जुड़े जरूरी फैक्ट्स की जानकारी नहीं होती. कुछ लोग नहीं जानते कि उबले हुए आलू को रातभर फ्रिज में रखने से उसमें बनने वाला रेजिस्टेंट स्टार्च शरीर पर अलग असर डाल सकता है.
इसी तरह कई फलों और खाद्य पदार्थों का ब्लड शुगर पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है. आरोग्य AI ऐसे ही न्यूट्रिशन फैक्ट्स को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाने का काम करेगा. इस ऐप में यूजर को बार-बार मैन्युअली जानकारी भरने की जरूरत नहीं होगी. AI तकनीक अपने आप भोजन को पहचानकर उसका पूरा न्यूट्रिशन ब्रेकडाउन तैयार कर देगी. इससे समय की बचत होगी और लोग आसानी से अपनी डेली डाइट ट्रैक कर सकेंगे.
रोगों को रोकेगा
त्रिशिता का कहना है कि आरोग्य AI केवल भोजन की जानकारी देने तक सीमित नहीं है. यह ऐप यूजर्स को रोजाना हेल्थ इनसाइट्स भी देगा. यानी व्यक्ति पूरे दिन क्या खा रहा है, उसके शरीर को कितना प्रोटीन या कार्बोहाइड्रेट मिल रहा है और उसकी डाइट कितनी बैलेंस है. इनका विश्लेषण ऐप करेगा. इससे लोग अपनी खानपान की आदतों को सुधार पाएंगे और भविष्य में होने वाली कई स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकते हैं. आने वाले समय में इस ऐप में और भी कई फीचर्स जोड़ने की योजना है, ताकि यह पर्सनल हेल्थ असिस्टेंट की तरह काम कर सके.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें


