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2016 का इंडियन प्रीमियर लीग सीज़न, जब गुजरात लायंस ने कौशिक नाम के अनजान से गेंदबाज़ को मौका दिया. लंबे बाल, अजीब रन-अप और कलाई के अनोखे इस्तेमाल के साथ गेंदबाज़ी करने वाले शिविल कौशिक को देखकर हर कोई चौंक गया.
2016-17 में IPL खेलने वाला चाइनामैन गेंदबाज आज गुजारे के लिए चलाते है कोचिंग
नई दिल्ली. आईपीएल की चमक-दमक के पीछे कई ऐसी कहानियां छिपी होती हैं, जो उतनी ही चौंकाने वाली होती हैं जितनी दिलचस्प. एक ऐसी ही कहानी है रहस्यमयी “चाइनामैन” गेंदबाज़ शिविल कौशिक की. जिसने अपने अजीबोगरीब एक्शन से बल्लेबाज़ों को हैरान किया, लेकिन उतनी ही तेजी से क्रिकेट की दुनिया से गायब भी हो गया.
2016 का इंडियन प्रीमियर लीग सीज़न, जब गुजरात लायंस ने कौशिक नाम के अनजान से गेंदबाज़ को मौका दिया. लंबे बाल, अजीब रन-अप और कलाई के अनोखे इस्तेमाल के साथ गेंदबाज़ी करने वाले शिविल कौशिक को देखकर हर कोई चौंक गया. “चाइनामैन” स्टाइल यानी लेफ्ट-आर्म अनऑर्थोडॉक्स स्पिन जो वैसे भी क्रिकेट में कम ही देखने को मिलती है उसे शिविल ने एक अलग ही अंदाज़ में पेश किया. अपने डेब्यू सीज़न में उन्होंने कुछ मैचों में शानदार प्रदर्शन किया और बड़े-बड़े बल्लेबाज़ों को परेशान किया. ऐसा लग रहा था कि भारतीय क्रिकेट को एक नया रहस्यमयी स्पिनर मिल गया है लेकिन क्रिकेट की दुनिया में जितनी जल्दी पहचान मिलती है, उतनी ही जल्दी परीक्षा भी होती है.
दो सीजन में खेल खत्म
2017 का सीज़न शिविल के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ एक मैच में उनका सामना हुआ दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाज़ों में से एक विराट कोहली से. उस मैच में कोहली ने शिविल के एक ओवर में ताबड़तोड़ 30 रन ठोक दिए. यह ओवर न सिर्फ मैच का रुख बदल गया, बल्कि शायद शिविल के करियर का भी. कहते हैं कि उस एक ओवर के बाद टीमों का भरोसा उन पर से उठ गया. आईपीएल की नीलामी में उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला और धीरे-धीरे वह क्रिकेट के बड़े मंच से गायब हो गए. यह कहानी सिर्फ एक खराब ओवर की नहीं, बल्कि उस दबाव की भी है जो इस लीग में हर खिलाड़ी पर होता है जहां एक गलती पूरे करियर पर भारी पड़ सकती है.
गुमनामी की जिंदगी जी रहा गेंदबाज
आज शिविल कौशिक बैंगलुरु में क्रिकेट कोचिंग देकर अपना गुज़ारा कर रहे हैं. जिस खिलाड़ी को कभी बड़े मंच पर भविष्य का सितारा माना जा रहा था, वह अब युवा खिलाड़ियों को वही खेल सिखा रहा है, जिसमें कभी उसने खुद पहचान बनाई थी. हालांकि यह कहना कि सिर्फ विराट कोहली ने उनका करियर खत्म कर दिया थोड़ा अतिशयोक्ति हो सकता है. असलियत यह है कि आईपीएल में निरंतर प्रदर्शन ही खिलाड़ी को टिकाए रखता है एक या दो अच्छे सीज़न काफी नहीं होते. शिविल की कहानी हमें यह सिखाती है कि क्रिकेट सिर्फ प्रतिभा का खेल नहीं है, बल्कि निरंतरता, मानसिक मजबूती और सही मौके का भी खेल है और कभी-कभी, एक ओवर ही पूरी कहानी बदल देता है.
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मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें


