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प्रचार से बनाई दूरी, पर ममता बनर्जी की हार के बाद अब अखिलेश यादव क्यों जा रहे पश्चिम बंगाल?

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UP Politics: चुनाव प्रचार से दूर रहने वाले समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव बुधवार को पश्चिम बंगाल जा रहे हैं. वे वहां ममता बनर्जी से मुलाक़ात करेंगे. कहा जा रहा है कि बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद अखिलेश यादव यूपी को लेकर स्ट्रेटेजी पर चर्चा कर सकते हैं.

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ममता बनर्जी से मिलने अखिलेश यादव जा रहे पश्चिम बंगाल

लखनऊ. पश्चिम बंगाल में करारी हार के बाद ममता बनर्जी ने बिना कुर्सी के दिल्ली यानी केंद्र सरकार से लड़ने का ऐलान कर दिया है. कोलकाता में प्रेस कांफ्रेंस के दौराम उन्होंने कहा कि वह चुनाव नहीं हारी हैं. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि इलेक्शन कमीशन की मदद से बीजेपी ने 100 से अधिक सीटों की चोरी की है. इसी के साथ ममता बनर्जी ने कहा कि इंडी गठबंधन के नेताओं का उन्होंने सपोर्ट मिल रहा है. उन्होंने कहा कि अब वे इंडी गठबंधन को मजबूत करेंगी. ममता बनर्जी ने कहा कि बुधवार को समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव उनसे मिलने आ रहे हैं. इंडी गठबंधन के अन्य नेता भी पश्चिम बंगाल आएंगे. हालांकि, उन्होंने इंडी गठबंधन के साथ अपनी स्ट्रेटेजी का खुलासा नहीं किया.

अब अखिलेश यादव का बुधवार को पश्चिम बंगाल का दौरा यूपी के सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. कहा जा रहा है कि बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद विपक्ष एक बार फिर नए सिरे से इंडी गठबंधन को मजबूत करने में जुटेगा. पॉलिटिकल पंडितों का कहना है कि 2027 में यूपी चुनाव को देखते हुए अखिलेश नए सिरे से स्ट्रेटेजी बनाना चाहते हैं. इसके लिए इंडी गठबंधन को यूपी में एकजुट करना चाहते हैं, ताकि बीजेपी को टक्कर दी जा सके. क्योंकि पश्चिम बंगाल में इंडी गठबंधन में तालमेल नहीं था. कांग्रेस और लेफ्ट अलग अलग लड़े.

ममता को मिलेगा इंडी गठबंधन का कमान 

जानकार तो यह भी कह रहे हैं कि इंडी गठबंधन के नेतृत्व को लेकर भी अखिलेश ममता बनर्जी से चर्चा कर सकते हैं. नए नेतृत्व के साथ यूपी और पंजाब चुनाव में प्रयोग किया जा सकता है. अगर रिजल्ट पॉजिटिव रहा तो 2029 के चुनाव में इसका फायदा मिल सकता है.  बता दें कि 2022 के चुनाव में अखिलेश यादव ने टीएमसी को यूपी दो सीट दी थीं. अब राज्यों में भी इंडी गठबंधन के एकजुट होने का संदेश लेकर ही अखिलेश पश्चिम बंगाल जा रहे हैं. दरअसल, कहा जा रहा है कि इंडी गठबंधन के अलग-अलग लड़ने से बीजेपी क्षत्रिय क्षत्रपों को एक एक कर उनका सफाया कर रही है. दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की हार के बाद, बीजेपी ने ममता का किला फतह किया है. बीजेपी की इस जीत ने इंडी गठबंधन हलचल मचा दी है.

विपक्ष की क्या प्रतिक्रिया

गौरतलब है कि हार के बाद से इंडी गठबंधन के कई नेताओं ने बीजेपी की जीत को लोकतंत्र की चोरी और सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग बताया है. राहुल गांधी ने भी कहा कि बंगाल में टीएमसी की हार पर खुश नहीं होना है. यह लोकतंत्र पर हमला है. हमें भारत को बचाना है. उधर अखिलेश यादव ने भी ममता बनर्जी की हार पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि, “सच यह है कि बंगाल चुनाव में पुलिस के इस्तेमाल के जरिए बड़े पैमाने पर धांधली की गई है, ऐसे आरोप लगे हैं. उत्तर प्रदेश में भी पुलिस बल की तैनाती कर उपचुनाव जीतने का काम किया गया.” बता दें कि अखिलेश यादव ने नतीजों से पहले ममता बनर्जी के ऐतिहासिक जीत का दवा किया था.

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Amit Tiwariवरिष्ठ संवाददाता

अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें



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