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‘जिस आवाज ने दी शोहरत, उसी ने कई बार किया बेरोजगार’, रजा मुराद ने बयां किया भारी आवाज का दर्द, बोले- निर्देशकों ने छीने थे रोल

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Raza Murad: भारी-भरकम आवाज और स्क्रीन पर खूंखार विलेन की छवि रखने वाले बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता रजा मुराद आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. ‘प्रेम रोग’, ‘राम लखन’ और ‘पद्मावत’ जैसी फिल्मों में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले इस कलाकार की आवाज ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस आवाज के दुनिया दीवाने हैं, वही आवाज रजा मुराद के करियर के लिए कभी-कभी बाधा भी बनी? हाल ही में एक खास बातचीत के दौरान रजा मुराद ने अपने करियर के संघर्ष और सोशल मीडिया पर फैली अपनी मौत की झूठी अफवाहों को लेकर बेबाक खुलासे किए हैं.

Raza Murad Interview: स्क्रीन पर खूंखार विलेन की छवि रखने वाले बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता रजा मुराद अपनी दमदार आवाज और प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस के लिए पहचाने जाते हैं. 70 और 80 के दशक से लेकर आज तक उन्होंने अनगिनत फिल्मों में काम किया है. अपने खास अंदाज़ से दर्शकों के दिलों में उन्होंने एक अलग ही जगह बनाई है. उनकी गहरी और भारी आवाज उन्हें बाकी कलाकारों से एकदम अलग बनाती है. रजा मुराद ने विलेन से लेकर सपोर्टिंग और मजबूत चरित्र भूमिकाओं में हमेशा जान फूंकी है. हालांकि, रजा मुराद ने एक दिलचस्प बात साझा करते हुए बताया कि उनकी यही आवाज कई बार उनके करियर में रुकावट बन गई.

आवाज की वजह से खोए कई मौके
लोकल 18 से खास बातचीत में दिग्गज अभिनेता रजा मुराद ने बताया कि उनकी आवाज जहां उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी. वहीं कई बार यही आवाज उनके करियर में रुकावट की वजह भी बनी. रजा मुराद बताते हैं कि स्क्रीन पर उनकी एंट्री होते ही एक अलग सा दबदबा बन जाता था. लेकिन, कई निर्देशकों को लगता था कि उनकी आवाज इतनी ‘डोमिनेटिंग’ (हावी होने वाली) है कि वह बाकी कलाकारों की मौजूदगी को फीका कर देती है. उन्होंने खुलकर स्वीकार किया कि कई बड़े रोल उन्हें सिर्फ इसलिए नहीं मिले क्योंकि उनकी आवाज अन्य मुख्य कलाकारों पर भारी पड़ती थी. उन्होंने कहा, ‘लोग मेरी आवाज की तो बहुत तारीफ करते हैं, लेकिन मेरे अभिनय की गहराई पर उतना ध्यान नहीं देते.’

रजा मुराद का छलका टाइपकास्ट होने का दर्द
रजा मुराद का मानना है कि उन्होंने अपने करियर में नेगेटिव, पॉजिटिव, कॉमिक और कैरेक्टर रोल जैसे हर तरह के किरदार निभाए, लेकिन इंडस्ट्री ने उन्हें अक्सर सिर्फ एक ‘खास आवाज वाले एक्टर’ के दायरे में सीमित रखने की कोशिश की. रजा मुराद का कहना है कि एक कलाकार के लिए यह जरूरी होता है कि उसे अलग-अलग तरह के रोल मिलें ताकि वह अपनी पूरी प्रतिभा दिखा सके. लेकिन जब किसी एक खासियत के कारण उसे टाइपकास्ट कर दिया जाता है तो यह उसके लिए चुनौती बन जाता है.

मौत की झूठी अफवाहों पर जताई नाराजगी
लोकल 18 से बातचीत के दौरान रजा मुराद ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपनी मौत की उड़ती अफवाहों पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि कुछ लोग टीआरपी और लाइक्स के चक्कर में इतने गैरजिम्मेदार हो जाते हैं कि वे किसी के जीवित होने पर भी झूठी खबरें फैला देते हैं. उन्होंने बताया कि न केवल उनकी, बल्कि उनके कई साथी कलाकारों और सीनियर्स की भी ऐसी ही भ्रामक खबरें फैलाई गई हैं. शुरुआत में उन्होंने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए अंततः उन्होंने कानून का सहारा लिया.

पुलिस शिकायत और छात्र को माफी देने का किस्सा
रजा मुराद ने इस मामले में पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी. जांच के दौरान पता चला कि यह अफवाह फैलाने वाला कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि एक छात्र था. छात्र ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए रजा मुराद से माफी मांगी और भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का वादा किया. बड़े दिल का परिचय देते हुए रजा मुराद ने उस छात्र को माफ कर दिया. उनका कहना है कि अगर कोई अपनी गलती मान ले और उसमें सुधार की गुंजाइश हो, तो उसे एक मौका जरूर दिया जाना चाहिए.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें



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