Last Updated:
Mau Shiv Ram Janki Mandir: उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में स्थित बरहदपुर कुटी का प्राचीन शिव-राम जानकी मंदिर अपनी चमत्कारिक महिमा के लिए प्रसिद्ध है. सन 1904 में निर्मित यह मंदिर पूरी तरह पत्थरों की बेमिसाल नक्काशी से बना है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने पर निसंतान दंपतियों को पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है. अपनी ऐतिहासिक बनावट और आध्यात्मिक शक्ति के कारण इसे सरकारी पर्यटन स्थल का दर्जा भी प्राप्त है, जहां दूर-दूर से भक्त अपनी मुरादें लेकर आते हैं.
Mau Shiv Ram Janki Mandir: उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में आस्था और विश्वास का एक ऐसा केंद्र है, जिसकी महिमा सुनकर हर कोई नतमस्तक हो जाता है. बरहदपुर कुटी स्थित प्राचीन शिव-राम जानकी मंदिर केवल अपनी वास्तुकला के लिए ही नहीं, बल्कि अपने चमत्कारों के लिए भी प्रसिद्ध है. माना जाता है कि जो भी भक्त यहां सच्चे मन से मत्था टेकता है, उसकी सूनी गोद खुशियों से भर जाती है और उसे पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है. 1904 में निर्मित यह मंदिर आज भी लाखों लोगों की आस्था का संबल बना हुआ है. आइए जानते हैं क्या है इस मंदिर का इतिहास और मान्यताएं.
1904 में मल्लाह बिरादरी द्वारा बनाया गया यह मंदिर
लोकल 18 से बातचीत करते हुए बरहदपुर कुटी के पुजारी महंत बाबा राम ज्ञानी दास बताते हैं कि इस भव्य मंदिर का निर्माण सन 1904 ईस्वी में कराया गया था. इस मंदिर को एक मल्लाह बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले जमींदार रामप्रसाद चौधरी ने निर्माण करवाया था. क्योंकि उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ती नहीं हो रहे थी और वह पुत्र रत्न की प्राप्ति के लिए दूर-दूर तक भटक रहे थे. तभी उनकी मुलाकात पास ही स्थित बाबा किसुन दास से हुई.
बाबा ने दिया आशीर्वाद, कराया नौ कुंडीय कुएं का निर्माण
संतान की चाह में जब रामप्रसाद चौधरी बाबा किसुन दास की शरण में पहुंचे, तो बाबा ने उन्हें एक विशेष उपाय बताया। बाबा ने आशीर्वाद देते हुए कहा कि यदि वे यहां भगवान शिव और राम-जानकी के मंदिर की स्थापना करें और साथ ही नौ कुंडीय कुएं का निर्माण कराएं, तो उनकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होगी। बाबा के वचनों पर विश्वास कर उन्होंने सन 1904 में इस अद्भुत मंदिर का निर्माण संपन्न कराया। मान्यता है कि मंदिर निर्माण के बाद उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई और तभी से यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए “वरदान” बन गया।
सच्चे मन से पूजा करने से पुत्र रत्न की होती प्राप्ति
राम ज्ञानी दास बताते हैं कि जैसा यह मंदिर बनाया गया है पूर्वांचल में बहुत कम यह मंदिर देखने को मिलता है, क्योंकि इस मंदिर की डिजाइन पत्थर के बनाए गए हैं. सभी डिजाइन पत्थर के बनाए गए हैं जो अपने आप लोगों को अपने तरफ आकर्षित करते हैं और यहां मंदिर और मंदिर के ही ऊपर बना आठ कुंडी कुआं लोगों के लिए चमत्कार साबित होता है. क्योंकि इस मंदिर पर यदि कोई सच्चे मन से पूजा पाठ कर ले तो उसे यदि पुत्र नहीं हो रहे तो यहां दर्शन करने से पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है. यही वजह है कि इस मंदिर पर दूर-दूर से लोग आकर यहां पूजा पाठ करते हैं और दर्शन करते हैं तथा अपनी मन्नत को मानते हैं जहां उनकी मन्नत पूरी होती है.
पर्यटन स्थल में शामिल है यह मंदिर
इस मंदिर की जो ढांचा तैयार किया गया है वह पूरी तरह से पत्थर का बनाया गया है वर्तमान में देखा जाता है मंदिर लोग सीमेंट और ईट से बनाते हैं लेकिन यह मंदिर पूरी तरह से पत्थर का बनाया गया है. और ऊपर बेहतर डिजाइन तैयार किए गए हैं जो लोगों को काफी आकर्षित करता है. यह मंदिर मऊ जनपद में पर्यटन स्थल के रुप में शामिल है जहां सरकार द्वारा इस धार्मिक स्थल को पर्यटन स्थल का रूप दिया गया है जहां इस मंदिर के सामने बने सरोवर में लोग स्नान करते हैं और उसके बाद यहां पूजा पाठ करते हैं इससे उनकी हर मुराद पूरी होती है.
About the Author
राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें


