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IPL फैंस की हुई चांदी! अब 2 महीने से ज्यादा चलेगा क्रिकेट का रोमांच, मैचों की संख्या में भारी इजाफा

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IPL फैंस की हुई चांदी! अब 2 महीने से ज्यादा चलेगा क्रिकेट का रोमांच

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आईपीएल 2026 लीग का 19वां सीजन है. टूर्नामेंट की शुरुआत 2008 में हुई थी. आईपीएल के मौजूदा चैयरमैन अरुण धूमल ने लीग के भविष्य के बारे में एक बड़ा बयान दिया है. अरुण धूमल ने बताया है कि साल 2028 में लीग को एक्सपैंड किया जा सकता है. ऐसे में आईपीएल में मैचों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे लीग स्टेज में सभी टीमों को 18-18 मैच खेलने होंगे.

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आईपीएल 2028 में बढ़ सकते मैचों की संख्या

नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी मीडिया राइट्स सायकल में महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना है. बीसीसीआई अधिकारियों ने पुष्टि की है कि टूर्नामेंट में अब 94 मैच खेले जाएंगे जिसकी शुरुआत 2028 से हो सकती है. इस तरह टूर्नामेंट की सभी टीमों को 18-18 लीग मैच खेलने होंगे. अभी एक टीम 14 लीग मैच खेलती है और चार टीमें प्लेऑफ में पहुंचती है. मौजूदा आईपीएल सरंचना में लीग और प्लेऑफ को मिलाकर सीजन में कुल 74 मैच खेले जाते हैं.

इंडियन टुडे से बात करते हुए आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने साफ किया है कि मैचों की संख्या तो बढ़ेगी, लेकिन टीमों की संख्या 10 ही रहेगी. अभी होने वाले 74 मैचों को बढ़ाकर 94 करने की योजना है ताकि हर टीम एक-दूसरे से दो बार खेल सके, जिसमें एक बार अपने घर में और एक बार विरोधी के मैदान पर. 10 टीमों के साथ ही मैचों की संख्या बढ़ाना ही फिलहाल सबसे सही विकल्प है, क्योंकि इससे ज्यादा टीमें बढ़ाने का अभी कोई मतलब नहीं है.

इंटरनेशनल कैलेंडर का भी रखा जाएगा पूरा ध्यान

आईपीएल चेयरमैन ने फ्यूचर प्लान को लेकर कहा कि मैचों की संख्या तुरंत बढ़ाना मुश्किल है क्योंकि 2027 तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का कैलेंडर पहले से तय है. 94 मैच कराने के लिए 60-65 दिनों से बड़ा समय चाहिए होगा वरना एक ही दिन में दो मैच कराने पड़ेंगे जो टीवी चैनलों के मुनाफे के लिहाज से सही नहीं है. इसलिए बीसीसीआई 2027 के बाद ढाई महीने का समय तलाश रही है ताकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को रोककर आईपीएल के लिए अलग विंडो बनाई जा सके.

बता दें कि मैचों की संख्या बढ़ाने का एक बड़ा कारण दर्शकों की रुचि बनाए रखना भी है. अभी ग्रुप सिस्टम की वजह से पॉइंट्स टेबल समझना पेचीदा हो जाता है और टूर्नामेंट के बीच में दर्शक कम होने लगते हैं. अगर हर टीम दूसरी टीम से सीधे भिड़ेगी तो रोमांच बना रहेगा. साथ ही टीमों की संख्या 10 तक सीमित रखने का फैसला खेल की गुणवत्ता को बचाने के लिए लिया गया है, क्योंकि ज्यादा टीमें होने से खिलाड़ियों का स्तर और टैलेंट बंट सकता है.

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Jitendra Kumar

जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. इस वक्त नेटवर्क 18 समूह में हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, ह…और पढ़ें



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