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Mani Shankar Slams Rahul Gandhi: ‘राहुल गांधी पद छोड़ें, ममता-स्टालिन संभालें कमान’, मणिशंकर अय्यर का कांग्रेस पर हमला

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‘राहुल पद छोड़ें, ममता-स्टालिन संभालें कमान’, मणिशंकर का कांग्रेस पर हमला

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Mani Shankar Slams Rahul Gandhi: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाकर सियासी हलचल बढ़ा दी है. अय्यर ने कहा कि INDIA गठबंधन की कमान अब ममता बनर्जी, एमके स्टालिन, अखिलेश यादव या तेजस्वी यादव जैसे क्षेत्रीय नेताओं को मिलनी चाहिए. उन्होंने तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा DMK का साथ छोड़कर विजय की TVK को समर्थन देने के फैसले को ‘घटिया राजनीतिक अवसरवाद’ बताया. अय्यर ने चेतावनी दी कि अगर इस फैसले से BJP को तमिलनाडु में फायदा मिलता है तो यह कांग्रेस के इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक ‘ओन गोल’ साबित होगा. उनके बयान से कांग्रेस और INDIA गठबंधन की अंदरूनी राजनीति पर नए सवाल खड़े हो गए हैं.

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नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिसने विपक्षी राजनीति में हलचल मचा दी है. तमिलनाडु की राजनीति में कांग्रेस द्वारा DMK का साथ छोड़कर विजय की TVK को समर्थन देने के फैसले पर अय्यर ने खुलकर नाराजगी जताई है. उन्होंने इसे ‘लो पॉलिटिकल ऑपर्च्युनिज्म’ यानी घटिया राजनीतिक अवसरवाद बताया. इतना ही नहीं उन्होंने सीधे तौर पर राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि INDIA गठबंधन की कमान अब क्षेत्रीय नेताओं को सौंप देनी चाहिए. अय्यर का मानना है कि लगातार चुनावी झटकों के बाद कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए. उन्होंने ममता बनर्जी, एम.के. स्टालिन, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं का नाम आगे बढ़ाते हुए कहा कि ये नेता गठबंधन को ज्यादा समय और मजबूती दे सकते हैं.

तमिलनाडु में कांग्रेस का TVK के साथ जाना पहले ही विवादों में था. DMK ने इसे ‘पीठ में छुरा घोंपना’ कहा, जबकि अब मणिशंकर अय्यर ने भी इसे गांधीवादी राजनीति के खिलाफ बताया है. अय्यर ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों पुराने सहयोगी DMK को उस वक्त छोड़ा जब पार्टी मुश्किल दौर से गुजर रही थी. उन्होंने इसे राजनीतिक नैतिकता के खिलाफ करार दिया. अय्यर ने अपने लेख और इंटरव्यू में साफ कहा कि अगर इस फैसले से BJP को तमिलनाडु में ‘बैकडोर एंट्री’ मिलती है तो यह कांग्रेस के इतिहास का सबसे बड़ा ‘ओन गोल’ साबित होगा. उन्होंने महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू की राजनीति का हवाला देते हुए कहा कि सत्ता के लिए सिद्धांतों से समझौता कांग्रेस की परंपरा नहीं रही है. ऐसे में पार्टी को तुरंत अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना चाहिए.

कांग्रेस के फैसले पर बढ़ा सियासी विवाद

तमिलनाडु में कांग्रेस का TVK को समर्थन देना अब सिर्फ राज्य की राजनीति तक सीमित नहीं रह गया है. इस फैसले ने INDIA गठबंधन के अंदर भरोसे और नेतृत्व पर नई बहस छेड़ दी है. कांग्रेस जहां विजय की पार्टी के साथ सरकार बनाने की संभावनाएं तलाश रही है, वहीं DMK इसे विश्वासघात मान रही है. मणिशंकर अय्यर ने भी यही सवाल उठाया कि आखिर कांग्रेस उस पार्टी के साथ क्यों गई जिसने चुनाव में उसके खिलाफ लड़ाई लड़ी थी.

अय्यर ने कहा कि कांग्रेस की पांच सीटें भी DMK गठबंधन की वजह से आई थीं. ऐसे में अचानक गठबंधन बदलना राजनीतिक जल्दबाजी और अवसरवाद जैसा दिखता है. उन्होंने चेतावनी दी कि इससे कांग्रेस की विश्वसनीयता कमजोर होगी और भविष्य में सहयोगी दल उस पर भरोसा करने से बचेंगे. उनका बयान ऐसे वक्त आया है, जब विपक्ष पहले ही नेतृत्व संकट और रणनीतिक भ्रम से जूझ रहा है.

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Sumit KumarSenior Sub Editor

सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें



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