Today Weather News Live: इन दिनों देश के कई राज्यों में मौसम ने कंफ्यूज कर के रखा है. कभी धूल भरी आंधी, कभी बिजली की तेज गड़गड़ाहट और कभी कुछ ही मिनटों में सड़कों को भिगो देने वाली बारिश. उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक मौसम के इस रुख से हैरान हैं. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक इसके पीछे कई वेदर सिस्टम एक साथ सक्रिय हो गई हैं. भूमध्य सागर से उठा पश्चिमी विक्षोभ अब उत्तर भारत की तरफ बढ़ रहा है. दूसरी तरफ मन्नार की खाड़ी और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहा दबाव मौसम को और जटिल बना रहा है. यही वजह है कि दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पहाड़ी राज्यों में अगले 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह कोई बेहद खतरनाक सिस्टम नहीं है, लेकिन इसकी वजह से तेज आंधी, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और अचानक बारिश जैसी घटनाएं कई राज्यों में परेशानी बढ़ा सकती हैं.
दिल्ली-एनसीआर में दिन की गर्मी के बाद शाम को अचानक बदलते मौसम ने लोगों को पहले ही संकेत दे दिए हैं कि आने वाले घंटे आसान नहीं रहने वाले. मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी हवाओं की टक्कर उत्तर भारत में तेज गतिविधियां पैदा कर सकती है. इसका असर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी यूपी, बिहार और राजस्थान के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा. वहीं दक्षिण भारत में बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी के ऊपर बन रही प्रणाली भारी बारिश की वजह बन सकती है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम कमजोर जरूर है, लेकिन कई छोटे सिस्टम जब एक साथ सक्रिय होते हैं तो स्थानीय स्तर पर बड़ा असर छोड़ सकते हैं. यही कारण है कि कई राज्यों में येलो और रेड अलर्ट जारी किए गए हैं. किसानों, यात्रियों और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. अगले कुछ दिनों में कहीं बारिश राहत देगी तो कहीं तेज गर्मी और उमस लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं.
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है. (AI-PHOTO)
- मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय स्तरों पर असर दिखा रहा है. इसके साथ ही दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश के आसपास साइक्लोनिक सर्कुलेशन बने हुए हैं. इन दोनों प्रणालियों के बीच बनी गर्त रेखा मौसम को अस्थिर बना रही है. यही वजह है कि कई राज्यों में अचानक तेज हवाएं और गरज-चमक की घटनाएं बढ़ रही हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि 11 से 14 मई के बीच उत्तर भारत के कई हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा.
- दूसरी तरफ दक्षिण भारत में मन्नार की खाड़ी और श्रीलंका के आसपास बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन बंगाल की खाड़ी में नए निम्न दबाव क्षेत्र को जन्म दे सकता है. इसके असर से तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है. वहीं महाराष्ट्र और मध्य भारत के कई हिस्सों में उमस और गर्मी के बीच हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि मई के महीने में इस तरह की प्री-मानसून गतिविधियां सामान्य मानी जाती हैं, लेकिन इस बार कई सिस्टम एक साथ सक्रिय होने से असर ज्यादा व्यापक दिख रहा है.
दिल्ली-NCR में आंधी और बारिश का डबल असर
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में अगले 48 घंटों के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है. मौसम विभाग ने हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है. हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. दिन में गर्मी बनी रहेगी, लेकिन शाम और रात के समय मौसम अचानक करवट ले सकता है. कई इलाकों में धूल भरी आंधी के बाद तेज बारिश होने के संकेत हैं. इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है. हालांकि खुले इलाकों और ऊंची इमारतों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
यूपी में बिजली और बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में मौसम सक्रिय बना रहेगा. लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बरेली, प्रयागराज, वाराणसी और आसपास के जिलों में बादल छाने, गरज-चमक और बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने कई जिलों में बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया है. किसानों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से बचें. पश्चिमी यूपी में तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चल सकती है, जबकि पूर्वी यूपी में गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है.
बिहार में रेड अलर्ट ने बढ़ाई चिंता
बिहार में प्री-मानसून गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं. पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के 19 जिलों के लिए येलो अलर्ट और 9 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक तेज आंधी, बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना बनी रहेगी. पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा समेत कई जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है. लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है. लगातार बदलते मौसम ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है.
राजस्थान में लू और तूफान दोनों का खतरा
राजस्थान में मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल सकता है. पश्चिमी राजस्थान में 11 से 15 मई तक लू चलने की संभावना है, जबकि पूर्वी राजस्थान में भीषण गर्मी के साथ आंधी और बारिश का असर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग ने बताया कि कुछ इलाकों में गर्म रातें भी दर्ज की जा सकती हैं. जयपुर, बीकानेर, जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है. कई जगहों पर धूल भरी आंधी चल सकती है, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है.
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है. (AI-PHOTO)
मध्य प्रदेश में बढ़ेगी गर्मी, फिर बदलेगा मौसम
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत कई जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 और 13 मई को लू चलने की आशंका है. वहीं मध्य भारत में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है. दिन में तेज गर्मी और शाम के समय अचानक मौसम बदलने का सिलसिला जारी रह सकता है.
पंजाब-हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ का असर
- पंजाब और हरियाणा में अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर बना रहेगा. कई जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. चंडीगढ़, अंबाला, लुधियाना और अमृतसर समेत कई शहरों में मौसम अचानक बदल सकता है. दिन के समय गर्मी रहेगी, लेकिन शाम के बाद आंधी और बारिश राहत दे सकती है.
- हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं. किसानों को फसल और पशुओं की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है. अगले कुछ दिनों में तापमान धीरे-धीरे बढ़ने की भी संभावना है.
उत्तराखंड में चारधाम यात्रियों के लिए चेतावनी
हिमाचल में ओलावृष्टि और तेज हवाओं का खतरा
हिमाचल प्रदेश में 12 और 13 मई को कई जगहों पर गरज-चमक और ओलावृष्टि हो सकती है. शिमला, मनाली, कुल्लू और धर्मशाला में मौसम अचानक बदल सकता है. मौसम विभाग ने तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है.
जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी के आसार
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है. श्रीनगर, गुलमर्ग और पहलगाम में तेज हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने यात्रियों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है. 11 और 12 मई को कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है.
पूर्वोत्तर राज्यों में गरज-चमक और भारी बारिश
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में भारी बारिश की संभावना है. कई इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा भी बना रहेगा. मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव की आशंका जताई है.
दक्षिण भारत में खाड़ी का दबाव बढ़ाएगा बारिश
तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मन्नार की खाड़ी और बंगाल की खाड़ी में बन रही प्रणाली के कारण कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है. चेन्नई, बेंगलुरु, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है. मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है. कोंकण और गोवा में उमस भरा मौसम बना रह सकता है.
पश्चिमी विक्षोभ क्या होता है और इसका असर क्यों पड़ता है?
पश्चिमी विक्षोभ एक एक्स्ट्रा ट्रॉपिकल स्टॉर्म सिस्टम होता है जो भूमध्य सागर क्षेत्र से उठता है और पाकिस्तान होते हुए भारत पहुंचता है. यह सिस्टम अपने साथ नमी लेकर आता है. जब यह उत्तर भारत की गर्म हवाओं से टकराता है तो बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और बर्फबारी जैसी घटनाएं होती हैं. गर्मियों में यह सिस्टम तेज गर्मी से राहत देता है, लेकिन कई बार अचानक मौसम खराब भी कर देता है.
क्या यह वेदर सिस्टम खतरनाक चक्रवात जैसी है?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह कोई बड़ा चक्रवात नहीं है. यह एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ और कुछ स्थानीय चक्रवाती परिसंचरणों का संयुक्त असर है. हालांकि स्थानीय स्तर पर तेज आंधी, बिजली गिरने और भारी बारिश जैसी घटनाएं नुकसान पहुंचा सकती हैं. इसलिए सतर्क रहना जरूरी है.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा?
दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और पहाड़ी राज्यों में अगले 48 घंटे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. वहीं दक्षिण भारत में तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है. बिहार में कई जिलों के लिए रेड अलर्ट भी जारी किया गया है.
लोगों को किन सावधानियों का पालन करना चाहिए?
खराब मौसम के दौरान खुले मैदान में जाने से बचना चाहिए. बिजली चमकने के समय पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. तेज हवाओं के दौरान कमजोर ढांचों और होर्डिंग्स के पास खड़े न हों. किसानों को मौसम अपडेट देखते रहना चाहिए और यात्रा करने वाले लोगों को पहले मौसम की जानकारी लेनी चाहिए.
क्या इससे गर्मी कम होगी?
कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की वजह से तापमान में अस्थायी गिरावट आ सकती है. दिल्ली, यूपी और पंजाब-हरियाणा में लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है. लेकिन राजस्थान, गुजरात और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में लू का असर जारी रह सकता है. यानी देशभर में मौसम का असर अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा.


