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‘ये सलाह नहीं, सरकार की नाकामी का सबूत’, PM मोदी के वर्क फ्रॉम होम अपील पर बोले राहुल गांधी

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‘ये सरकार की नाकामी का सबूत’, PM मोदी के WFH अपील पर राहुल गांधी का हमला

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Rahul Gandhi Attacks PM Modi On Fuel Saving Appeal: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेताओं ने पीएम मोदी की ईंधन बचत, वर्क फ्रॉम होम और विदेश यात्रा टालने की अपील को सरकार की आर्थिक नाकामी और कमजोर ऊर्जा सुरक्षा का सबूत बताया है. उन्होंने कहा कि 12 साल की सत्ता के बाद सरकार जनता पर जिम्मेदारी डालकर खुद को बचा रही है.

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राहुल गांधी ने पीएम मोदी के वर्क फ्रॉम होम अपील पर तीखा वार किया है.

Rahul Gandhi Attacks PM Modi On Fuel Saving Appeal: पश्चिम एशिया में जारी तनाव, ईरान-अमेरिका संघर्ष और वैश्विक सप्लाई चेन पर बढ़ते दबाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील पर विपक्ष ने तीखा हमला बोला है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की अपील को सरकार की नाकामी का सबूत बताया, जबकि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के अन्य नेताओं ने भी सरकार की आर्थिक तैयारी और ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल उठाए. राहुल गांधी ने कहा कि सरकार अपनी कमी छिपाने के लिए जनता पर जिम्मेदारी डाल रही है.

राहुल गांधी ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जनता से त्याग की मांग कर रहे हैं. उन्होंने लिखा कि लोगों से कहा जा रहा है कि सोना मत खरीदिए, विदेश यात्रा टाल दीजिए, पेट्रोल कम इस्तेमाल कीजिए, खाना पकाने के तेल और उर्वरकों की खपत घटाइए, मेट्रो का इस्तेमाल कीजिए और वर्क फ्रॉम होम अपनाइए. राहुल गांधी ने कहा कि ये उपदेश नहीं, बल्कि विफलता के प्रमाण हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि 12 वर्षों के शासन के बाद सरकार देश को ऐसी स्थिति में ले आई है जहां आम जनता को बताया जा रहा है कि क्या खरीदना है, कहां जाना है और क्या नहीं करना है. कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि हर बार सरकार जिम्मेदारी जनता पर डालकर खुद जवाबदेही से बचने की कोशिश करती है.

कांग्रेस ने ऊर्जा सुरक्षा पर उठाए सवाल

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि ईरान-अमेरिका युद्ध के तीन महीने बाद भी सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है. उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक, लापरवाह और अनैतिक है कि सरकार आम नागरिकों से कठिनाइयां झेलने की अपेक्षा कर रही है, जबकि उसे पहले से वैकल्पिक इंतजाम करने चाहिए थे. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता चुनाव और राजनीति बन चुकी है, जबकि आर्थिक तैयारी और संकट प्रबंधन पीछे छूट गया है. उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार तुरंत पर्याप्त ईंधन भंडारण और सप्लाई सुनिश्चित करे ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

कार्ति चिदंबरम ने संसद सत्र बुलाने की मांग की

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी प्रधानमंत्री कार्यालय की अपीलों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अगर स्थिति इतनी गंभीर है कि जनता से ईंधन बचाने और विदेश यात्राएं टालने की अपील करनी पड़ रही है, तो सरकार को संसद का विशेष सत्र बुलाकर देश को वास्तविक स्थिति से अवगत कराना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार को देश को विश्वास में लेकर बताना चाहिए कि आखिर ऐसे हालात क्यों पैदा हुए हैं कि इस तरह की अपीलें करनी पड़ रही हैं.

समाजवादी पार्टी ने भी साधा निशाना

समाजवादी पार्टी के नेता आईपी सिंह ने भी प्रधानमंत्री की अपील पर तंज कसा. उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता से पेट्रोल-डीजल बचाने को कहा जा रहा है, जबकि राजनीतिक रैलियों और रोड शो पर भारी संसाधन खर्च किए जाते हैं. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में हजारों सुरक्षाकर्मी, बसें और सरकारी संसाधन लगाए जाते हैं, जिन पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं. आईपी सिंह ने कहा कि सरकार जनता से बचत की अपील कर रही है, लेकिन खुद बड़े पैमाने पर खर्च जारी है.

आखिर पीएम मोदी ने क्या कहा था?

प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद में आयोजित भाजपा की एक रैली को संबोधित करते हुए देशवासियों से ईंधन बचाने और विदेशी मुद्रा की बचत के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की थी. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है, जिससे पेट्रोल और उर्वरकों की कीमतों पर असर पड़ रहा है. प्रधानमंत्री ने लोगों से जहां संभव हो वहां मेट्रो रेल का इस्तेमाल करने, कार पूलिंग अपनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और रेलवे के जरिए पार्सल ट्रांसपोर्ट बढ़ाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर विदेशी मुद्रा बचानी होगी. पीएम मोदी ने लोगों से एक साल तक विदेशी यात्राएं और सोने की खरीद टालने की भी अपील की. साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना काल में अपनाए गए वर्क फ्रॉम होम, वर्चुअल मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसे तरीकों को फिर से अपनाने की जरूरत है.

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संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें



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