Today Weather Live: उत्तर भारत भीषण गर्मी के कारण भट्टी बन चुका है. हर तरफ बस गर्म हवा और लू के थपेडे़ हैं. अब तो AC भी मानों फेल नजर आ रहा है. मौसम का ये हाल इससे पहले शायद सालों पहले भी देखा नहीं गया होगा. इंसान तो इंसान जानवर तक इस भीषण गर्मी से हलकान है. हालांकि गर्मी के बीच मौसम विभाग (IMD) ने राहत की खबर दी है. मौसम विभाग के अनुसार अधिकांश राज्यों में मौसम बदलने के कारण तापमान गिरेगा. एक तरफ जहां लू के थपेड़े लोगों को घरों में कैद करने पर मजबूर कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आसमान में घिरते बादल राहत की उम्मीद जगा रहे हैं. लेकिन यह राहत पूरी तरह सुकून देने वाली नहीं है. 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली आंधी और तेज बारिश का जो अलर्ट जारी हुआ है, वह अपने साथ खतरे की घंटी भी लेकर आया है. पेड़ों के गिरने, बिजली गिरने और ओलावृष्टि जैसी घटनाएं जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं.
मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि अगले 24 से 48 घंटे कई राज्यों के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में तेज हवाओं के साथ बारिश और आंधी का असर देखने को मिलेगा. वहीं पहाड़ी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है, इससे बर्फबारी और बारिश का दौर जारी रहेगा. दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भी प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं. यानी देश के लगभग हर हिस्से में मौसम एक बड़ा बदलाव दिखाने जा रहा है, जिसका असर तापमान से लेकर रोजमर्रा की जिंदगी तक पर पड़ेगा.
पंजाब और हरियाणा में अगले 24 घंटे के दौरान मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
- उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में गुरुवार को गर्मी अपने चरम पर रहने की संभावना है. लू और तेज धूप लोगों को बेहाल कर सकती है. हालांकि, इस भीषण गर्मी के बाद अचानक मौसम बदलने की स्थिति बन रही है, इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी. यह बदलाव कृषि, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर बड़ा असर डाल सकता है.
- मध्य और दक्षिण भारत में प्री-मानसून गतिविधियों के कारण कई क्षेत्रों में राहत भरा मौसम देखने को मिलेगा. बादलों की आवाजाही, तेज हवाएं और बारिश का दौर लोगों को गर्मी से राहत देगा, लेकिन कुछ इलाकों में तेज आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा.
दिल्ली-एनसीआर का मौसम अपडेट
IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में अगले 24 घंटे के दौरान मौसम में तेज बदलाव देखने को मिलेगा. 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने के आसार हैं, जिसके साथ हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है. मौसम के इस बदलाव से तापमान में करीब 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को भीषण लू से कुछ राहत मिलेगी. हालांकि तेज हवाओं के कारण ट्रैफिक, बिजली आपूर्ति और पेड़ों के गिरने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
उत्तर प्रदेश का मौसम बदलाव
- उत्तर प्रदेश के लगभग 50 जिलों में मौसम तेजी से करवट लेने वाला है. मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में तेज धूल भरी आंधी के साथ बारिश होगी और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है. बुंदेलखंड और पूर्वांचल के जिलों में इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है, जहां पहले से ही गर्मी और सूखे की स्थिति बनी हुई है. तेज हवाओं के साथ बादलों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे दिन के तापमान में गिरावट आएगी और रातें अपेक्षाकृत ठंडी हो सकती हैं.
- तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा, जो ग्रामीण और खुले इलाकों में ज्यादा जोखिम पैदा कर सकता है. मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर खेतों में काम कर रहे लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने की चेतावनी दी गई है. हालांकि तापमान में गिरावट से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन खराब मौसम के चलते बिजली कटौती, पेड़ों के गिरने और सड़क यातायात में बाधा जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं.
बिहार में राहत के साथ खतरा
बिहार में भीषण गर्मी के बीच मौसम अब कुछ राहत लेकर आ रहा है, लेकिन इसके साथ खतरे भी जुड़े हुए हैं. अगले दो दिनों के दौरान राज्य के 38 जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है. 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे कई इलाकों में पेड़ उखड़ने और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. मौसम विभाग ने विशेष रूप से ठनका गिरने की चेतावनी दी है, जो बिहार में हर साल जानलेवा साबित होता है. ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है. हालांकि तापमान में हल्की गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतना बेहद जरूरी होगा, ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके.
राजस्थान का बदला मिजाज
राजस्थान में फिलहाल भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के असर से कुछ इलाकों में मौसम बदलने की संभावना बनी हुई है. बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर और आसपास के क्षेत्रों में तेज धूल भरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. यह बदलाव अस्थायी राहत जरूर देगा, लेकिन पूरे राज्य में इसका असर एक जैसा नहीं रहेगा. राज्य के कई हिस्सों में अभी भी लू का असर जारी रहेगा और तापमान 40 डिग्री के पार बना रह सकता है. हालांकि जहां-जहां बारिश होगी, वहां तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में यह उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, जिससे लोगों को कभी राहत तो कभी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
बिहार में भीषण गर्मी के बीच मौसम अब कुछ राहत लेकर आ रहा है.
पंजाब-हरियाणा में राहत के आसार
पंजाब और हरियाणा में अगले 24 घंटे के दौरान मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी. कई जिलों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने का अनुमान है, जिससे दिन के तापमान में कमी आएगी. हालांकि तेज हवाओं के कारण कुछ जगहों पर नुकसान भी हो सकता है. खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है. प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान घरों में रहने की सलाह दी है.
मध्य प्रदेश का मौसम
मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं. बादल छाने, तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है. 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे वातावरण में ठंडक महसूस होगी और तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है. हालांकि, आंधी के कारण कुछ असुविधाएं भी हो सकती हैं, जैसे बिजली आपूर्ति बाधित होना या पेड़ों का गिरना. किसानों के लिए यह मौसम मिश्रित असर वाला हो सकता है, क्योंकि जहां एक तरफ गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं तेज हवाएं फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकती हैं.
पहाड़ों का मौसम
- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ दिखाई दे रहा है. उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चमोली और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि का अनुमान है. इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और मौसम सुहावना हो गया है, लेकिन अचानक मौसम बदलने से भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है.
- हिमाचल प्रदेश में शिमला, मनाली और कुल्लू जैसे क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है. इससे ठंड बढ़ गई है और पर्यटन स्थलों पर मौसम ठंडा और सुहावना हो गया है. आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसा ही बना रहने की संभावना है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की जरूरत है.
दक्षिण भारत में प्री-मानसून तेज
दक्षिण भारत में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं. केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. कमजोर चक्रवाती परिसंचरण के कारण इन राज्यों में बादल छाए रहेंगे और कई जगहों पर तेज बारिश हो सकती है. इससे गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन समुद्री तटीय इलाकों में तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण खतरा भी बढ़ सकता है. मछुआरों और समुद्र किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.
पूर्वोत्तर भारत का मौसम
पूर्वोत्तर भारत में लगातार बारिश और तूफान का सिलसिला जारी है. असम, मिजोरम, नागालैंड और सिक्किम में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. कई इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है. तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है, जिससे राहत के साथ-साथ खतरे की स्थिति भी बनी रहेगी.
क्या यह आंधी-बारिश खतरनाक हो सकती है?
हां, 50-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं सामान्य नहीं मानी जातीं और ये कई तरह के नुकसान का कारण बन सकती हैं. पेड़ों का गिरना, बिजली के खंभों का टूटना और ट्रैफिक बाधित होना आम बात हो सकती है. इसके अलावा आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि से जान-माल का खतरा भी बढ़ जाता है, इसलिए मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लेना जरूरी है.
क्या तापमान में बड़ी गिरावट आएगी?
मौसम विभाग के अनुसार तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जो इस समय के हिसाब से काफी राहत देने वाली है. हालांकि यह गिरावट अस्थायी होगी और मौसम साफ होने के बाद तापमान फिर बढ़ सकता है. फिर भी अगले 24 से 48 घंटे तक लोगों को गर्मी से राहत मिलने की पूरी संभावना है.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर होगा?
इस मौसम बदलाव का सबसे ज्यादा असर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में देखने को मिलेगा. इसके अलावा पहाड़ी राज्यों और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी तेज मौसमी गतिविधियां देखने को मिलेंगी. अलग-अलग क्षेत्रों में इसका असर अलग-अलग स्तर पर हो सकता है.
क्या इससे प्रदूषण में कमी आएगी?
हां, तेज हवाएं और बारिश हवा में मौजूद धूल और प्रदूषकों को नीचे बैठा देती हैं, जिससे एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार होता है. खासकर दिल्ली-एनसीआर जैसे इलाकों में यह बदलाव साफ नजर आ सकता है. हालांकि यह सुधार स्थायी नहीं होता और मौसम सामान्य होने पर प्रदूषण फिर बढ़ सकता है.
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
खराब मौसम के दौरान लोगों को घर के अंदर रहने की कोशिश करनी चाहिए. खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या कमजोर संरचनाओं के पास खड़े होने से बचना चाहिए. बिजली गिरने के समय मोबाइल फोन या धातु की वस्तुओं का इस्तेमाल कम करें और सुरक्षित स्थान पर रहें. इसके अलावा वाहन चलाते समय भी अतिरिक्त सतर्कता बरतनी जरूरी है, ताकि किसी दुर्घटना से बचा जा सके.


