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Arvind Kejriwal on NEET Paper Leak। इस घिनौने खेल को बंद करने के लिए जेन-जी सड़कों पर उतर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें: केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर बुधवार को देश के युवाओं (जेन-जी) से सीधा वर्चुअल संवाद किया. उन्होंने जेन-जी का आह्वान करते हुए कहा कि बहुत हुआ पेपर लीक, अब इस घिनौने खेल को बंद करने के लिए देश के जेन-जी को सड़कों पर उतर कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना पड़ेगा. उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए युवाओं से कहा कि जब वहां जेन-जी अपनी सरकार बदल सकते हैं तो हमारे देश का जेन-जी पेपर लीक कराने में शामिल मंत्रियों-नेताओं को जेल क्यों नहीं भिजवा सकता? हर बार पेपर लीक की जांच सीबीआई को सौंप दी जाती है, लेकिन आजतक किसी को सजा नहीं मिली. इस बार भी कुछ नहीं होने वाला है.

अरविंद केजरीवाल ने सवाल किया कि ज्यादातर पेपर लीक भाजपा शासित राज्यों में क्यों होते हैं, क्या इस घिनौने खेल में भाजपा के नेता सीधे तौर पर शामिल हैं? कुछ लोग सिस्टम फेल होने की बात करते हैं, लेकिन वे लोग ऐसा कहकर अनजाने में पेपर लीक में शामिल टॉप पर बैठे व्यक्ति को बचा रहे हैं. केजरीवाल ने कहा कि यह देश युवाओं का है. इन नेताओं को इस देश में कोई दिलचस्पी नहीं. इनके बच्चे तो विदेशों में पढ़ते हैं. उन्होंने याद दिलाया कि देश के एक बड़े नेता ने कभी कहा था कि जरूरत पड़ी तो झोला उठाकर चला जाऊंगा, लेकिन हम कहां जाएंगे? हमारा परिवार तो इसी देश में रहता है. इसलिए हमें और युवाओं को मिलकर ही इस देश को बचाना होगा.

बुधवार को ‘‘आप’’ मुख्यालय पर सांसद संजय सिंह और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के साथ प्रेसवार्ता कर अरविंद केजरीवाल ने देश के युवाओं से कहा कि नीट का पेपर लीक हुआ है. हर बार की तरह इस बार भी जांच सीबीआई को सौंप दी गई है, हर बार की तरह इस बार भी सीबीआई ने 10-15 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. हर बार की तरह इस बार भी सभी आरोपी तीन से चार महीने में जमानत पर बाहर आ जाएंगे और हर बार की तरह इस बार भी ये सारे जेल से छूटे हुए बदमाश फिर से अगले साल पेपर लीक करने की तैयारी शुरू कर देंगे.

अरविंद केजरीवाल ने युवाओं से पूछा कि क्या आप पेपर लीक के मामले सुन-सुन कर थक नहीं गए हैं. पेपर लीक की बड़ी घिसी-पिटी सी स्क्रीप्ट है. क्या सीबीआई पर भरोसा बचा है? क्या इस बार सीबीआई कुछ करेगी? 2017 में भी नीट के पेपर लीक हुए, जांच सीबीआई को सौंप दी गई. क्या आज तक उस मामले में सीबीआई ने कुछ किया? फिर 2021 में पेपर लीक हुए और जांच सीबीआई को सौंप दी गई, क्या आज तक सीबीआई ने कुछ किया? 2024 में भी नीट के पेपर लीक हुए और जांच सीबीआई को सौंप दी गई, इसमें भी सीबीआई ने कुछ नहीं किया. अब 2026 में नीट के पेपर लीक हुए हैं और एक बार फिर जांच सीबीआई को सौंप दी गई है. क्या देश के युवाओं को उम्मीद है कि इस बार भी सीबीआई कुछ करेगी?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2024 में नीट के पेपर लीक में तो हद ही हो गई. पेपर लीक के मास्टर माइंड को सीबीआई ने गिरफ्तार किया. कानून के मुताबिक, गिरफ्तारी के 90 दिन के अंदर चार्जशीट फाइल होनी होती है, अन्यथा आरोपी को जमानत मिल जाती है. सीबीआई ने तथाकथित मास्टर माइंड को गिरफ्तार किया और 90 दिन के अंदर चार्जशीट फाइल नहीं की. इसीलिए मास्टर माइंड को जमानत मिल गई. शायद देश के युवाओं ये लगा रहा होगा कि सीबीआई ने इसलिए चार्जशीट फाइल नहीं कर पाई, क्योंकि वह अक्षम है. ऐसा नहीं है, सीबीआई अक्षम नहीं है. सीबीआई में बहुत अच्छे- अच्छे अफसर हैं. सीबीआई चार्जशीट इसलिए फाइल नहीं कर पाई, क्योंकि सीबीआई उन्हीं लोगों को रिपोर्ट करती हैं, जो लोग देश में पेपर लीक करवाते हैं. सीबीआई किसी को सजा दिलवा ही नहीं सकती.

अरविंद केजरीवाल ने देश के कुछ उदाहरण देकर युवाओं को समझाते हुए कहा कि 2014 में जब से देश में मोदी सरकार आई है, तब से लेकर अब तक 93 पेपर लीक हुए हैं. इसमें अधिकतर भाजपा के डबल और ट्रिपल इंजन की सरकारों में पेपर लीक हुए हैं. इन 93 पेपर में देश के लगभग 6 करोड़ युवाओं का भविष्य बंद था. पेपर लीक होने से 6 करोड़ युवाओं का भविष्य बर्बाद हो गया. सबसे ज्यादा पेपर लीक राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात में हुए हैं. इन चारों राज्यों में भाजपा की सरकार है. यह कोई इत्तेफाक नहीं है कि इन चारों राज्यों और केंद्र में भाजपा की सरकार है और पेपर लीक हो गया. अभी जो नीट का पेपर लीक हुआ है, उसका केंद्र भी राजस्थान है. पेपर लीक में जिन दो-चार लोगों पर संदेह की सुई गई है, वो भी भाजपा के नेता हैं.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन घटनाओं से शक तो पैदा होता है कि क्या इन सारे पेपर लीक में भाजपा के नेता शामिल हैं या इनकी पार्टी और सरकारों का पेपर लीक माफिया को संरक्षण मिला है. या फिर सीधे-सीधे भाजपा के नेता ही पेपर लीक करवा रहे हैं. पेपर लीक कराना ही उनका धंधा है. अगर ऐसा है तो इसमें सीबीआई भी जांच करके क्या कर लेगी? मेरा युवाओं (जे-जी) से सीधा सवाल है कि क्या यह ऐसे ही पेपर लीक होता रहेगा या युवाओं को कुछ करना है. 2017 में नीट के पेपर लीक हुए, फिर चार साल बाद 2021 में पेपर लीक हुए, फिर 3 साल बाद 2024 में हुए और अब दो साल बाद 2026 में हुए और एक बाद 2027 में फिर पेपर लीक होंगे. अगर युवाओं ने अब कुछ नहीं किया तो ऐसे ही अब हर साल पेपर लीक होंगे.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर नेपाल और बांग्लादेश का जेन-जी सड़कों पर उतर कर अपनी सरकारों को बदल सकता है तो हमारे देश का जेन-जी पेपर लीक कराने वाले मंत्रियों को जेल नहीं भेज सकता? मुझे अपने देश के जेन-जी पर पूरा भरोसा है कि वह भी मंत्रियों को जेल भेज सकता है. यह देश युवाओं का है. इस देश के नेताओं को इस देश में कोई रूची नहीं है. इस देश के नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं. हमार देश के एक बहुत बड़े नेता ने कहा था कि जरूरत पड़ी तो झोला उठा कर चला जाउंगा. मैं और युवा झोला उठा कर तो नहीं जा सकते. हमारे बीबी-बच्चे तो इसी देश में रहते हैं. हम तो इसी देश की पैदाइश हैं, इसी देश की मिट्टी के हैं. हमें तो इसी देश में रहना है. इस देश को हमें और युवाओं को मिल कर ही इस देश को बचाना होगा.

अरविंद केजरीवाल ने सिस्टम फेल होने की दुहाई देने वालों से कहा कि ऐसा कहने वालों की भावनाओं को समझता हूं, लेकिन जो लोग सिस्टम की बातें करते हैं, वो अनजाने में उन नेताओं को बचा रहे हैं, जो नेता इस पूरे घिनौने खेल में शामिल हैं. अगर साल-दर-साल नीट के पेपर लीक हो रहे हैं तो पैसा सबसे टॉप पर पहुंच रहा है. नीट जैसे पेपर ऐसे ही लीक नहीं हो जाते हैं. जो लोग सिस्टम फेल होने की बात करते हैं, तो फिर वे लोग अनजाने में टॉप पर बैठे उस व्यक्ति को बचा रहे हैं जो इस घिनौने खेल में शामिल हैं. यह सिस्टम को काल्पनिक और हवा में नहीं होता है. सिस्टम के पीछे लोग हैं. इसलिए इस खेल में जो लोग शामिल हैं, उन पर सीधे आरोप लगाइए और उनको जेल भेजिए. इसके लिए सड़कों पर उतर कर आंदोलन कीजिए और इस घिनौते खेल को बंद कीजिए.



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