20.4 C
Munich

IPL टिकटों का ‘फ्लाइंग स्कैम’… फ्री पास 20,000 में पार! आखिर कैसे काम करता था यह गिरोह?

Must read


होमखेलक्रिकेट

IPL टिकटों का ‘फ्लाइंग स्कैम’, फ्री पास 20,000 में पार! ऐसे काम करता था गिरोह

Last Updated:

How IPL Betting and ticket gang operated in delhi: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने अरुण जेटली स्टेडियम के पास IPL टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है. ये शातिर आरोपी फ्लाइट से सफर कर देशभर के स्टेडियमों में सक्रिय रहते थे और कॉम्प्लिमेंट्री पास को 20,000 में बेचते थे.आरोपियों के पास से 54 टिकटें और नकदी बरामद हुई है. जांच जारी है कि स्टेडियम के भीतर से इन्हें ये पास कौन मुहैया करा रहा था।.

Zoom

आरोपी खुद को DDCA या इवेंट मैनेजमेंट कंपनी का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर क्रिकेट प्रेमियों का भरोसा जीतते थे.

नई दिल्ली. देश में आईपीएल के रोमांच के बीच टिकटों की कालाबाजारी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है. यह गिरोह केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि हवाई जहाज से सफर कर पूरे भारत में अपना जाल फैलाए हुए था. इस गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी. पूछताछ में सामने आया कि ये आरोपी खुद को दिल्ली डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन या इवेंट मैनेजमेंट कंपनी का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर क्रिकेट प्रेमियों का भरोसा जीतते थे. इनका मुख्य शिकार वे लोग होते थे जो मैच देखने के लिए किसी भी कीमत पर टिकट पाना चाहते थे. गिरोह के सदस्य खरीदार की प्रोफाइल और मैच की लोकप्रियता के आधार पर टिकट की दरें तय करते थे.विशेष रूप से, ये आरोपी उन सट्टेबाजों और हाई-प्रोफाइल जेबकतरों के संपर्क में रहते थे, जिन्हें स्टेडियम के अंदर से सट्टा संचालित करने या भीड़ का फायदा उठाने के लिए प्रीमियम सीटों की जरूरत होती थी.

8 मार्च को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम के पास क्राइम ब्रांच ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की. दिल्ली गेट स्थित एक पेट्रोल पंप के पास से तीन आरोपियों को रंगे हाथों दबोचा गया. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मुकीम निवासी मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश, गुफरान उर्फ साजिद निवासी जामिया नगर, दिल्ली और मोहम्मद फैसल निवासी सीलमपुर, दिल्ली के रूप में हुई है.

आरोपी खुद को DDCA या इवेंट मैनेजमेंट कंपनी का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर क्रिकेट प्रेमियों का भरोसा जीतते थे.

पुलिस ने इनके पास से 54 मैच टिकट बरामद किए हैं.चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें 33 कॉम्प्लिमेंट्री (मुफ्त) पास थे, जिन पर स्पष्ट रूप से ‘नॉट फॉर सेल’ लिखा हुआ था. ये आरोपी इन मुफ्त पासों को 20,000 प्रति पास की भारी-भरकम कीमत पर बेच रहे थे, जबकि सामान्य टिकटों को प्रिंट रेट से दो से तीन गुना दाम पर बेचा जा रहा था.

फ्लाइट से तय होता था कालाबाजारी का सफर
जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि यह गिरोह ‘फ्लाई-इन, फ्लाई-आउट’ मॉडल पर काम करता था. जैसे ही आईपीएल का शेड्यूल जारी होता, ये आरोपी उन शहरों के लिए फ्लाइट टिकट बुक कर लेते थे जहां मैच होने वाले होते थे. दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों में भी इनका नेटवर्क फैला हुआ था. क्राइम ब्रांच के मुताबिक आरोपी फैसल का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और उसके खिलाफ पंजाब में जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज है.इन तीनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी दिल्ली और पड़ोसी राज्यों में टिकट ब्लैक करने के मामले दर्ज हो चुके हैं.

पुलिस की रडार पर ‘अंदरूनी सूत्र’
DCP संजीव कुमार यादव (IPS) ने बताया कि आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया है. पुलिस अब उस ‘बैकडोर’ की तलाश कर रही है जहां से इन आरोपियों को इतनी बड़ी संख्या में कॉम्प्लिमेंट्री पास मिल रहे थे. संजीव कुमार ने कहा, ‘हम इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि क्या क्रिकेट प्रशासन या आयोजन समिति का कोई व्यक्ति इस सिंडिकेट की मदद कर रहा था. बिना किसी अंदरूनी मिलीभगत के इतनी बड़ी संख्या में ‘नॉट फॉर सेल’ पास ब्लैक मार्केट में आना संभव नहीं है.’

About the Author

authorimg

Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article