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ODI World Cup 2027: वनडे विश्व कप 2027 की तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है, जहां आईसीसी रैंकिंग के जरिए टॉप-9 टीमें सीधे क्वालीफाई करेंगी. इस रेस में दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज फिलहाल 10वें नंबर पर है, जिससे उस पर सीधे बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है. जून में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की घरेलू वनडे सीरीज वेस्टइंडीज के लिए करो या मरो की जंग होगी. क्या कैरेबियाई टीम बांग्लादेश को पछाड़कर डायरेक्ट एंट्री पा सकेगी? जानिए पूरा समीकरण.
वेस्टइंडीज के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप में एंट्री की राह मुश्किल.
नई दिल्ली. वर्ल्ड क्रिकेट में एक बार फिर से सबसे बड़े महाकुंभ यानी आईसीसी वनडे विश्व कप की बिसात बिछनी शुरू हो गई है. भले ही इस मेगा इवेंट के आयोजन में अभी समय है, लेकिन हर एक द्विपक्षीय सीरीज अब नॉकआउट जैसी नजर आने लगी है. आईसीसी के नए नियमों और कड़े क्वालिफिकेशन प्रोसेस ने द्विपक्षीय सीरीज के रोमांच को दोगुना कर दिया है. इसी कड़ी में आगामी जून महीना क्रिकेट फैंस के लिए जबरदस्त रोमांच लेकर आ रहा है, जहां श्रीलंका की टीम वेस्टइंडीज के दौरे पर जा रही है.यह दौरा महज एक सीरीज नहीं, बल्कि वेस्टइंडीज क्रिकेट के वजूद और उसकी साख की लड़ाई बनने वाला है.
आईसीसी ने आगामी वनडे विश्व कप के लिए सीधे तौर पर क्वालीफाई करने का जो पैमाना तय किया है, उसने निचले पायदान की टीमों की धड़कनें बढ़ा दी हैं. आईसीसी रैंकिंग के आधार पर इस बार सीधे 8 टीमों को एंट्री मिलेगी. इसके लिए आईसीसी ने 31 मार्च 2027 की कटऑफ डेट तय की है. इस तारीख तक जो टीमें तय मापदंड में फिट बैठेंगी, वे सीधे मुख्य ड्रॉ में खेलेंगी. बाकी टीमों को क्वालीफायर के बेहद कठिन और अनिश्चित रास्तों से गुजरना होगा, जहां एक भी खराब दिन किसी भी बड़ी टीम का सपना तोड़ सकता है. यही वजह है कि कोई भी देश अब क्वालीफायर के झंझट में नहीं पड़ना चाहता.
वेस्टइंडीज के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप में एंट्री की राह मुश्किल.
मेजबानों का गणित और टॉप-9 की जंग
आगामी वनडे विश्व कप की सह-मेजबानी संयुक्त रूप से साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया कर रहे हैं. आईसीसी के नियमों के मुताबिक इसमें फुल मेंबर्स टीमों को फायदा है. साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे आईसीसी के पूर्ण सदस्य हैं, इसलिए मेजबान होने के नाते उन्हें टूर्नामेंट में सीधे प्रवेश मिल चुका है. नामीबिया एक एसोसिएट नेशन है, इसलिए मेजबान होने के बावजूद उसे डायरेक्ट एंट्री नहीं मिली है. उसे क्वालीफायर खेलकर अपनी जगह बनानी होगी.
टॉप-9 का समीकरण
चूंकि साउथ अफ्रीका आईसीसी वनडे रैंकिंग में फिलहाल चौथे नंबर पर मजबूत स्थिति में है और वह पहले ही बतौर मेजबान क्वालीफाई कर चुका है, ऐसे में रैंकिंग टेबल से एक अतिरिक्त टीम को सीधे एंट्री का मौका मिलेगा. सीधे शब्दों में कहें तो कटऑफ डेट तक जो टीमें टॉप-9 में रहेंगी, वे सीधे विश्व कप का टिकट कटा लेंगी. यदि आज की तारीख में आईसीसी विश्व कप की टीमों को फाइनल कर दे, तो बांग्लादेश नंबर 9 होने के कारण सीधे क्वालीफाई कर जाएगा, जबकि वेस्टइंडीज को क्वालीफायर के दलदल में उतरना पड़ेगा. वेस्टइंडीज और बांग्लादेश के बीच पूरे 10 रेटिंग अंकों का फासला है, जिसे पाटना कैरेबियाई टीम के लिए कतई आसान नहीं होने वाला.
श्रीलंका का वेस्टइंडीज दौरा: जमैका से शुरू होगा ‘मिशन कमबैक’
इस नाजुक मोड़ पर श्रीलंका की टीम वेस्टइंडीज के दौरे पर आ रही है, जहां दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी. वेस्टइंडीज के लिए यह सीरीज अपनी किस्मत पलटने का सबसे सुनहरा और आखिरी मौका हो सकती है. इस हाई-वोल्टेज सीरीज का शेड्यूल कुछ इस तरह है. पहला वनडे 3 जून को जमैका में खेला जाएगा. यहां जीत से सीरीज की लय तय होगी. दूसरा वनडे मुकाबला 6 जून को होगा वहीं सीरीज का तीसरा और अंतिम वनडे 8 जून खेला जाएगा.
कैरेबियाई टीम के लिए समीकरण
वेस्टइंडीज को अगर आईसीसी रैंकिंग में बांग्लादेश को पछाड़कर टॉप-9 में जगह बनानी है, तो उसे श्रीलंका के खिलाफ इस घरेलू सीरीज को हर हाल में 3-0 से जीतना होगा. एक भी हार उनके अंकों को नुकसान पहुंचाएगी और डायरेक्ट एंट्री की राह को लगभग बंद कर देगी. दूसरी तरफ, श्रीलंकाई टीम रैंकिंग में छठे स्थान पर है। उसकी स्थिति काफी हद तक सुरक्षित दिखाई दे रही है, लेकिन वे भी कैरेबियाई धरती पर किसी ढिलाई के मूड में नहीं होंगे क्योंकि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है.


