17.8 C
Munich

SACHIN BIRTHDAY SPECIAL: अंजलि नहीं था सचिन का पहला प्यार, रेस्टोरेंट के उस ऑर्डर ने खोल दी पोल पट्टी

Must read


होमखेलक्रिकेट

अंजलि नहीं था सचिन का पहला प्यार, रेस्टोरेंट के उस ऑर्डर ने खोल दी पोल पट्टी

Last Updated:

सचिन को खाने का बेहद शौक है, और ये कोई छुपी हुई बात नहीं है एक इंटरव्यू में सचिन ने बताया कि वो एक बार वह अंजलि के साथ बाहर खाने गए और एक साथ कई डिश ऑर्डर कर दीं. अंजलि ने सोचा कि सचिन ने दोनों के लिए खाना मंगाया है, इसलिए उन्होंने कुछ ऑर्डर नहीं किया. लेकिन उन्हें हैरानी तब हुई जब सचिन ने उनसे कहा कि वो भी अपना खाना ऑर्डर करें, क्योंकि जो कुछ उन्होंने मंगाया है, वो सब वो खुद ही खाने वाले हैं.

Zoom

सचिन के बर्थडे पर उनके पहले प्यार की कहानी, एक रेस्टोरेंट में हुआ था खुलासा

नई दिल्ली. सचिन तेंदुलकर के जन्मदिन पर क्या लिखा जाए? यही पहला ख्याल मन में आता है. क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले इस खिलाड़ी पर लगभग हर कहानी, हर उपलब्धि और हर रिकॉर्ड पहले ही शब्दों में ढल चुका है. फिर लगा, क्यों न आज उनके एक अलग पहलू की बात की जाए एक ऐसा पहलू जो मैदान से बाहर है, लेकिन उतना ही दिलचस्प है. ये कहानी है सचिन और उनके खाने के प्यार की, जो उन्हें और भी इंसानी, और भी करीब बना देती है.

सचिन को खाने का बेहद शौक है, और ये कोई छुपी हुई बात नहीं है एक इंटरव्यू में सचिन ने बताया कि वो एक बार वह अंजलि के साथ बाहर खाने गए और एक साथ कई डिश ऑर्डर कर दीं. अंजलि ने सोचा कि सचिन ने दोनों के लिए खाना मंगाया है, इसलिए उन्होंने कुछ ऑर्डर नहीं किया. लेकिन उन्हें हैरानी तब हुई जब सचिन ने उनसे कहा कि वो भी अपना खाना ऑर्डर करें, क्योंकि जो कुछ उन्होंने मंगाया है, वो सब वो खुद ही खाने वाले हैं.

ब्राजील के बीच पर आमलेट

खाने से जुड़ा सबसे मजेदार किस्सा 2016 के रियो ओलंपिक्स के दौरान हुआ. उस समय सचिन के पैर में फ्रैक्चर था और उनके पैर पर प्लास्टर चढ़ा था तब उनके एक नजदीकी दोस्त ने कहा कि ब्राजील में उन्हें भीड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा, तो वो हमारे साथ बीच पर चल सकते हैं और वहां किसी बीच शैक पर नाश्ता कर सकते हैं. सचिन को ये आइडिया बहुत पसंद आया और उन्होंने तुरंत हामी भर दी. सचिन के दोस्त ने बताया कि जब हम बीच पर पहुंचे, तो हम सिर्फ ऑमलेट सैंडविच और नारियल पानी चाहते थे लेकिन मेन्यू में हर चीज में मांस का जिक्र था और दुकानदार को ये समझाना मुश्किल हो रहा था कि हमें बिना मांस वाला नाश्ता चाहिए. तभी मुझे एक शख्स मिला जिसे अंग्रेजी समझ आती थी तो उससे मदद मांगी गई. वो हमें ध्यान से देख रहा था और शायद उसे अंदाजा हो गया था कि मेरे साथ जो व्यक्ति है, वो कोई खास है.

दो पेले के बराबर सचिन!

उस शक्स ने सचिन के दोस्त से पूछा कि ये सचिन कौन हैं तो जवाब आया कि वो दुनिया के सबसे महान क्रिकेटर हैं लेकिन उसे क्रिकेट में दिलचस्पी नहीं थी, इसलिए वो बात उसे समझ नहीं आई. तब उससे पूछा गया कि क्या वो फुटबॉल देखता है उसने हां कहा और बताया कि वो मेसी का बहुत बड़ा फैन है, भले ही वो रियो से हो. फिर उससे अगला सवाल पूछा गया कि क्या वो पेले को जानता है? ये सुनते ही उसकी आंखें चमक उठीं. पेले उसने कहा, “पेले भगवान हैं. बस यही मौका था जब सचिन के दोस्त ने कहा कि भारत में सचिन दो पेले के बराबर हैं. वो भी करोड़ों लोगों के लिए भगवान हैं. वो ज्यादा कुछ नहीं बोला, बस सिर हिलाया और फिर उसने दुकानदार को समझाया कि हमें क्या चाहिए, और हमें बेहद स्वादिष्ट ऑमलेट सैंडविच परोसे गए.

जब हम खाना खत्म करने वाले थे, तो सबने देखा कि वहां एक छोटी-सी भीड़ जमा हो रही है. हमें समझ नहीं आया कि क्या हो रहा है। तभी मैंने देखा कि वही शख्स लोगों को लाइन में खड़ा कर रहा है. जब उससे पूछा कि क्या हुआ तो वो बोला आपने कहा था कि ये दो पेले के बराबर हैं, तो मैंने अपने परिवार और दोस्तों को बुला लिया उन्हें दो पेले के साथ फोटो लेने का मौका कहां मिलेगा. ये हारीन करने वाला लम्हां था सचिन के चेहरे पर मुस्कान थी और उन्होंने वहां मौजूद हर व्यक्ति के साथ फोटो खिंचवाई. आज भी सचिन की दो पेले वाली बात याद करके आज भी हमारे चेहरे पर मुस्कान ले आती है.

About the Author

authorimg

राजीव मिश्रAssociate editor

मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article