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Agriculture Growth in UP : यूपी में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 18 फीसदी के आसपास पहुंच गई है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पिछले एक दशक में इस सेक्टर में ग्रोथ रेट 8 से बढ़कर 18 फीसदी हो गई है. इंडस्ट्री की ग्रोथ रेट भी 15 फीसदी से ऊपर दिख रही है, जो 1 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के लिए बड़ा संकेत है.
यूपी में उद्योगों की ग्रोथ रेट एग्रीकल्चर सेक्टर से कम है.
नई दिल्ली. यूपी के किसानों ने तो कमाल कर दिया है. यहां बीते एक दशक से भी कम समय में एग्रीकल्चर ग्रोथ बढ़कर 18 फीसदी हो गई है. यह ग्रोथ प्रदेश में इंडस्ट्रियल सेक्टर की ग्रोथ से भी कहीं ज्यादा है. प्रदेश में हुए कृषि सम्मेलन में यह आंकड़े पेश किए गए. इसमें बताया गया है कि प्रदेश में अब किसानों को मिट्टी जांच की बेहतर सुविधा मिल रही है और सिंचाई की व्यवस्था होने से प्रति हेक्टेअर पैदावार में भी बंपर उछाल आया है. यही वजह है कि राज्य के कृषि उत्पादन की वृद्धि दर एक दशक में दोगुने से भी ज्यादा हो गई है.
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि राज्य की कृषि वृद्धि दर लगभग 8 फीसदी से बढ़कर 18 फीसदी हो गई है, जिसका श्रेय वैज्ञानिकों एवं किसानों के बीच बेहतर समन्वय और ‘लैब’ (प्रयोगशाला) से ‘लैंड’ (खेत) तक प्रौद्योगिकी के ट्रांसफर को जाता है. उन्होंने कहा कि सरकार की ‘लैब टू लैंड’ पहल के तहत विकसित तकनीकों और शोध को प्रभावी तरीके से खेतों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे उत्पादकता में सुधार हुआ है. सीएम ने कहा कि जब साल 2017 में उनकी सरकार बनी थी, तब कई कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) निष्क्रिय स्थिति में थे, लेकिन अब वे शोध और किसानों तक प्रौद्योगिकी पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.
धान की पैदावार में बड़ा उछाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में धान की पैदावार 50-60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 100 क्विंटल तक पहुंच गई है. बेहतर सिंचाई, बिजली आपूर्ति और संपर्क सुविधाओं के कारण कई जिलों में किसान साल में एक या दो फसल के बजाय तीन फसलें उगा रहे हैं, जिससे आय में वृद्धि हुई है. गेहूं का उत्पादन भी लगभ ग 425 लाख टन, चावल का 211 लाख टन और आलू का 245 लाख टन तक पहुंच गया है. तिलहन उत्पादन करीब 48 लाख टन है, जबकि सब्जियों, दलहन और मोटे अनाज की उपज में भी वृद्धि दर्ज की गई है.
ज्यादातर जमीनों तक पहुंचा पानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 85-86 फीसदी कृषि भूमि सिंचित है और किसानों को 10-12 घंटे बिजली आपूर्ति मिल रही है, जिससे उत्पादन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हैं. गौरतलब है कि सरकार ने यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए इंडस्ट्री के साथ एग्रीकल्चर ग्रोथ पर भी फोकस किया जा रहा है. आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में इंडस्ट्री की ग्रोथ जहां 15 फीसदी के आसपास रखी गई है, वहीं एग्रीकल्चर ग्रोथ 18 फीसदी तक पहुंच गई है.
यूपी में इंडस्ट्री की क्या स्थिति
यूपी सरकार लगातार औद्योगिक विकास को बढ़ावा दे रही है. यहां 2023-24 तक सालाना करीब 16 फीसदी की ग्रोथ के साथ फैक्ट्रियों की संख्या 22,141 पहुंच गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.7 फीसदी है. प्रदेश का निर्यात भी सालाना 18 फीसदी की दर से ग्रोथ कर रहा है. सरकार का मानना है कि साल 2030 तक यूपी 1 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के काफी करीब पहुंच जाएगा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें


