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Su-57 का नया ‘प्रलयकारी’ साथी: 250 किलो का बम लेकर उड़ती है यह मिसाइल, 300 KM की रेंज, जानें कितनी है स्पीड

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नई दिल्‍ली. आधुनिक युद्ध के आसमान में जब रूस का पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर Su-57 उड़ान भरता है तो दुनिया की नजरें उसकी अदृश्य मारक क्षमता पर टिकी होती हैं. लेकिन अब इस आसमान के शिकारी को एक ऐसा प्रलयकारी साथी मिल गया है जो रडार की नजरों से बचकर दुश्मन के काल का नया नाम लिखने को तैयार है. हम बात कर रहे हैं रूस की नई एयर-लॉन्च क्रूज मिसाइल S-71K कोव्योर की जो आकार में भले ही छोटी हो लेकिन इसकी तबाही का मंजर बेहद खौफनाक है.

यह मिसाइल अपने साथ 250 किलो का घातक विस्फोटक लेकर चलती है और 300 किलोमीटर की दूरी से ही दुश्मन के ठिकानों को मटियामेट करने की शक्ति रखती है. स्टैंड-ऑफ स्ट्राइक क्षमता से लैस यह मिसाइल जब अपने पंख फैलाकर सु-57 के इंटरनल वेपन बे से बाहर निकलती है तो रडार इसे देख नहीं पाते और पलक झपकते ही 0.95 Mach की विध्वंसक रफ्तार से लक्ष्य पर काल बनकर टूट पड़ती है. युद्ध के मैदान में रूस का यह नया किफायती हथियार केवल मिसाइल नहीं बल्कि पश्चिमी डिफेंस सिस्टम के लिए एक ऐसा चक्रव्यूह है जिससे निकल पाना नामुमकिन नजर आता है. इस हथियार को पहली बार 2025 के अंत में युद्ध के मैदान में देखा गया था.

मुख्य विशेषताएं
S-71K को कम लागत में बड़े पैमाने पर उत्पादन (Mass Production) के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है ताकि दुश्मन के एयर डिफेंस को चकमा दिया जा सके.

विशेषता विवरण
मिसाइल का नाम S-71K “Kovyor” (Carpet)
प्रकार एयर-लॉन्च क्रूज मिसाइल (ALCM)
रेंज (Range) लगभग 300 किलोमीटर
पेलोड (Warhead) 250 किलोग्राम (OFAB-250-270 विस्फोटक)
अधिकतम रफ्तार 0.95 Mach (सबसोनिक)
इंजन R500 टर्बोजेट इंजन
गाइडेंस सिस्टम इनर्शियल नेविगेशन (INS) + सैटेलाइट लिंक
मुख्य प्लेटफॉर्म Su-57, Su-34, Su-35 और S-70 ड्रोन
विशेषता स्टील्थ डिजाइन और फोल्डिंग विंग्स

प्रमुख फीचर्स और डिजाइन
· स्टील्थ डिजाइन: इसका फूसलेज (बॉडी) फाइबरग्लास और कंपोजिट सामग्री से बना है, जिसका आकार ‘ट्रेपेज़ॉइडल’ (Trapezoidal) है ताकि रडार की नजर से बचा जा सके.

· फोल्डिंग विंग्स: इसके पंख मुड़ सकते हैं, जिससे इसे Su-57 के इंटरनल वेपन बे (अंदरूनी हिस्से) में ले जाया जा सकता है. इससे विमान की स्टील्थ क्षमता बनी रहती है.

· प्रैग्मैटिक अप्रोच: मिसाइल में नए वारहेड के बजाय पुराने OFAB-250 बमों को फिट किया गया है, जिससे उत्पादन तेज और सस्ता हो जाता है.

· विदेशी तकनीक का उपयोग: रिपोर्टों के अनुसार, इसमें अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों के 40 से अधिक इलेक्ट्रॉनिक घटक पाए गए हैं, जो रूस द्वारा प्रतिबंधों के बावजूद हासिल किए गए हैं.

यह क्यों खतरनाक है?
1. स्टैंड-ऑफ क्षमता: 300 किमी की रेंज का मतलब है कि रूसी विमान दुश्मन की मिसाइल रेंज में आए बिना हमला कर सकते हैं.

2. लागत और संख्या: पारंपरिक क्रूज मिसाइलों (जैसे Kh-101) के मुकाबले यह बहुत सस्ती है. रूस इसे ‘स्वार्म’ (झुंड) की तरह दागकर एयर डिफेंस को ओवरलोड कर सकता है.

3. विविध प्लेटफॉर्म: यह न केवल Su-57, बल्कि Su-34, Su-35 और S-70 Okhotnik (UCAV) से भी दागी जा सकती है.

सवाल-जवाब
1. S-71K और पुरानी मिसाइलों में क्या अंतर है?

S-71K अधिक किफायती और सरल है. जहाँ पुरानी मिसाइलें बहुत महंगी और जटिल होती हैं, S-71K को पुराने बमों और सरल नेविगेशन सिस्टम का उपयोग करके भारी मात्रा में उत्पादन के लिए बनाया गया है.

2. क्या यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जा सकती है?

कुछ रिपोर्टों (जैसे अमेरिकी दावों) के अनुसार, भविष्य में इसे परमाणु-सक्षम बनाया जा सकता है, जो इसे और भी घातक बना देगा.

3. S-71M ‘Monochrom’ क्या है?

यह S-71K का अधिक एडवांस वर्जन है, जो एक लोइटरिंग मुनिशन (आत्मघाती ड्रोन) की तरह काम करता है. इसमें ऑटोनॉमस टारगेट पहचान के लिए न्यूरल नेटवर्क का इस्तेमाल होता है.

4. इसकी कीमत कितनी है?

हालांकि सटीक कीमत सार्वजनिक नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसे “लो-कॉस्ट” क्रूज मिसाइल की श्रेणी में रखा गया है ताकि इसे भारी मात्रा में इस्तेमाल किया जा सके.



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