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अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर जरूर लागू हो गया है. लेकिन इजरायल ने इस बीच अपना सबसे भयानक रूप दिखाया है. इजरायल ने साफ किया कि लेबनान इस सीजफायर का हिस्सा बिल्कुल नहीं है. सीजफायर के ऐलान के तुरंत बाद इजरायल ने बहुत खौफनाक हमला किया. आईडीएफ ने सिर्फ 10 मिनट में हिजबुल्लाह के 100 ठिकानों को खाक कर दिया. नेतन्याहू ने कहा कि हिजबुल्लाह के खिलाफ यह खौफनाक एक्शन जारी रहेगा.
लेबनान में हो रही मौतों पर भारत ने चिंता जाहिर की है. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. भारत ने लेबनान में नागरिकों की मौत की खबरों पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि हालिया घटनाक्रम बेहद चिंताजनक हैं और सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने शुक्रवार को नई दिल्ली में पश्चिम एशिया के हालात पर आयोजित अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान कहा कि भारत, लेबनान में बड़ी संख्या में नागरिकों के हताहत होने की खबरों से बेहद चिंतित है. उन्होंने कहा कि भारत, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन यूनिफिल में सैनिक योगदान देने वाला देश है और लेबनान की शांति व स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है.
जायसवाल ने कहा, “नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है. अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन और देशों की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान बेहद आवश्यक है.” उन्होंने यह भी बताया कि लेबनान में भारतीय दूतावास वहां रह रहे भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क में है और उनकी सुरक्षा पर नजर बनाए हुए है.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में लेबनान में करीब 1,000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम लागू हुआ है और शांति वार्ता शनिवार से शुरू होने वाली है. हालांकि, इजरायल ने स्पष्ट किया है कि यह युद्धविराम लेबनान में उसकी सैन्य कार्रवाई पर लागू नहीं होता.
इसी बीच, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने 8 अप्रैल को अमेरिका के ईरान पर हमले रोकने के फैसले का समर्थन किया, लेकिन कहा कि यह अस्थायी समझौता लेबनान में जारी सैन्य अभियानों को शामिल नहीं करता. युद्धविराम की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद इजरायल ने दावा किया कि उसने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला करते हुए 10 मिनट में 100 लक्ष्यों को निशाना बनाया. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने दोहराया कि लेबनान इस सीजफायर का हिस्सा नहीं है.
भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अज़ार ने कहा कि ईरान की सैन्य क्षमताएं कमजोर हो चुकी हैं, लेकिन हिजबुल्लाह से खतरे के जवाब में इज़राइल अपनी कार्रवाई जारी रखेगा. वहीं, इज़रायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने कहा कि उसने ईरान के खिलाफ अभियान रोक दिया है, लेकिन लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ लक्षित जमीनी कार्रवाई जारी है. आईडीएफ ने कहा कि वह हर मोर्चे पर अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई करता रहेगा.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें


