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Virat Kohli 800 fours in ipl: गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेलते हुए विराट कोहली ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में कगीसो रबाडा की गेंद पर चौका जड़कर कोहली आईपीएल इतिहास में 800 चौके पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं. 274 मैचों में 8900 से अधिक रन बनाने वाले कोहली ने इस मामले में शिखर धवन (768) और रोहित शर्मा को पीछे छोड़कर अपनी बादशाहत कायम रखी है.
बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की फिजाओं में शुक्रवार की शाम एक अलग ही उत्साह था. तारीख थी 24 अप्रैल, 2026 और मौका था रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) बनाम गुजरात टाइटंस के बीच खेला गया आईपीएल का एक रोमांचक मुकाबला. लेकिन इस मैच की हेडलाइन मुकाबला शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद तय हो गई, जब ‘किंग’ कोहली ने एक बार फिर क्रिकेट के इतिहास के पन्नों पर अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज कर दिया.

37 साल की उम्र में भी 18 साल के युवा जैसा जोश रखने वाले विराट कोहली (Virat Kohli) ने जैसे ही मैदान पर कदम रखा, स्टेडियम ‘कोहली-कोहली’ के नारों से गूंज उठा. दिल्ली के इस दिग्गज बल्लेबाज ने आरसीबी के लिए ओपनिंग करते हुए सधी हुई शुरुआत की. मैच के पहले ओवर की चौथी गेंद पर, जो उनके पुराने साथी मोहम्मद सिराज डाल रहे थे, कोहली ने एक सिंगल लेकर अपना खाता खोला. उस वक्त शायद ही किसी को अंदाजा था कि अगले ही ओवर में एक ऐतिहासिक कीर्तिमान बनने वाला है.

पारी का दूसरा ओवर दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज कगीसो रबाडा लेकर आए. इस ओवर की चौथी गेंद पर कोहली ने अपने सिग्नेचर स्टाइल में एक नजाकत भरा शॉट खेला और गेंद सीमा रेखा के पार जा गिरी. यह सिर्फ एक चौका नहीं था, बल्कि आईपीएल इतिहास का एक मील का पत्थर था. इस चौके के साथ विराट कोहली इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में 800 चौके जड़ने वाले पहले बल्लेबाज बन गए. कोहली ने इस दौरान आईपीएल में अपने 300 छक्के भी पूरे कर लिए. वह क्रिस गेल और रोहित शर्मा के बाद यह कारनामा करने वाले तीसरे बल्लेबाज बने. गेल ने आईपीएल में 357 छक्के जड़े हैं जबकि रोहित के नाम 310 छक्के दर्ज हैं.
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आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में, जहां गेंदबाजों की गति और कप्तानों की रणनीति हर पल बदलती है, वहां 800 बार गेंद को बाउंड्री के बाहर भेजना कोहली की निरंतरता और उनकी क्लास को दर्शाता है. 274 मैचों के अपने सफर में कोहली ने न केवल 8916 से ज्यादा रन बनाए हैं, बल्कि वह अब चौकों के मामले में भी निर्विवाद रूप से शिखर पर पहुंच गए हैं.

अगर हम इस लिस्ट पर नजर डालें, तो कोहली ने अपने समकालीन दिग्गजों को काफी पीछे छोड़ दिया है. इस फेहरिस्त में दूसरे नंबर पर ‘गब्बर’ यानी शिखर धवन का नाम आता है. धवन ने डेक्कन चार्जर्स से लेकर पंजाब किंग्स तक कई टीमों के लिए खेलते हुए 222 मैचों में 768 चौके लगाए हैं. हालांकि धवन काफी समय से कोहली के करीब रहे हैं, लेकिन कोहली की मौजूदा फॉर्म और फिटनेस ने उन्हें एक बड़ी बढ़त दिला दी है.

तीसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक बल्लेबाज डेविड वार्नर का कब्जा है, जिनके नाम 184 मैचों में 663 चौके दर्ज हैं. वहीं, मुंबई इंडियंस के पूर्व कप्तान और भारतीय दिग्गज रोहित शर्मा 276 मैचों में 653 चौकों के साथ चौथे स्थान पर काबिज हैं. यह आंकड़े बताते हैं कि कोहली ने रनों के साथ-साथ बाउंड्री मारने की कला में भी खुद को कितना अपडेट रखा है.

कोहली की इस उपलब्धि ने उन पुराने दिग्गजों की यादें भी ताजा कर दीं जिन्होंने इस लीग को खड़ा किया. अजिंक्य रहाणे, जो अब तक छह अलग-अलग टीमों का हिस्सा रह चुके हैं, 522 चौकों के साथ पांचवें स्थान पर हैं। उनके ठीक पीछे ‘मिस्टर आईपीएल’ कहे जाने वाले सुरेश रैना हैं, जिन्होंने अपने करियर में 506 चौके लगाए.

इस एलीट लिस्ट में गौतम गंभीर (492), रॉबिन उथप्पा (481), केएल राहुल (472) और सूर्यकुमार यादव (471) जैसे नाम भी शामिल हैं. लेकिन विराट की उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि वह आईपीएल के पहले सीजन (2008) से लेकर आज 2026 तक एक ही फ्रेंचाइजी, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ जुड़े हुए हैं. एक ही टीम के लिए खेलते हुए इतने रिकॉर्ड बनाना अपने आप में वफादारी और प्रदर्शन का बेजोड़ उदाहरण है.

37 साल की उम्र में जहां कई खिलाड़ी संन्यास की योजना बनाते हैं, वहीं विराट कोहली अपनी बल्लेबाजी से नए मानक स्थापित कर रहे हैं. 24 अप्रैल की यह शाम बेंगलुरु के प्रशंसकों के लिए हमेशा यादगार रहेगी. कोहली ने न केवल अपनी टीम को एक मजबूत शुरुआत दी, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में जब बात रिकॉर्ड्स की आएगी, तो ‘किंग’ का सिंहासन हमेशा सुरक्षित रहेगा. 800 चौकों का यह रिकॉर्ड आने वाले कई सालों तक युवा बल्लेबाजों के लिए एक बड़ी चुनौती बना रहेगा.


