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गुमनामी के अंधेरे में आईपीएल का पहला ‘पर्पल’ हीरो… शेन वॉर्न का वो सबसे घातक हथियार, जिसके करियर को खा गई ‘सरहदों की आग’

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गुमनामी के अंधेरे में IPL का पहला ‘पर्पल’ हीरो, करियर को खा गई ‘सरहदों की आग’

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Sohail Tanvir lost in the darkness: आईपीएल 2008 के पहले ‘पर्पल कैप’ धारी सोहेल तनवीर आज गुमनामी के अंधेरे में हैं. राजस्थान रॉयल्स को चैंपियन बनाने वाले इस पाकिस्तानी गेंदबाज ने सीएसके के खिलाफ 14 रन देकर 6 विकेट लेकर इतिहास रचा था. हालांकि, मुंबई हमलों के बाद लगे प्रतिबंध ने उनके आईपीएल करियर को समय से पहले खत्म कर दिया. घरेलू क्रिकेट में 904 विकेट लेने वाले तनवीर अपनी घातक गेंदबाजी के साथ-साथ मैदान पर बेन कटिंग के साथ हुए ‘मिडल फिंगर’ विवाद के लिए भी चर्चा में रहे.

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सोहेल तनवीर ने आईपीएल के पहले एडिशन में सबसे ज्याादा 22 विकेट लिए थे.

नई दिल्ली. क्रिकेट की दुनिया में अक्सर ऐसे खिलाड़ी आते हैं जो अपनी चमक से पूरी दुनिया को चकाचौंध कर देते हैं. लेकिन वक्त का पहिया ऐसा घूमता है कि वे इतिहास के पन्नों में कहीं दबकर रह जाते हैं. एक ऐसा ही नाम है पाकिस्तान के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सोहेल तनवीर. वह गेंदबाज जिसका ‘रॉन्ग फुट’ एक्शन बल्लेबाजों के लिए किसी पहेली से कम नहीं था, और जिसने आईपीएल के पहले ही सीजन में अपनी गेंदबाजी से कोहराम मचा दिया था. साल 2008 में जब आईपीएल का आगाज हुआ, तब किसी ने नहीं सोचा था कि राजस्थान रॉयल्स जैसी ‘अंडरडॉग’ टीम खिताब जीतेगी. लेकिन शेन वॉर्न की कप्तानी में राजस्थान ने इतिहास रचा, और इस जीत के सबसे बड़े नायक थे सोहेल तनवीर.

सोहेल तनवीर (Sohail Tanvir) ने उस सीजन में अपनी धारदार गेंदबाजी से बल्लेबाजों की नाक में दम कर दिया था. उन्होंने 11 मैचों में 22 विकेट झटककर आईपीएल इतिहास की पहली पर्पल कैप अपने नाम की. उनका सबसे यादगार प्रदर्शन 4 मई 2008 को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ आया, जहां उन्होंने सिर्फ 14 रन देकर 6 विकेट झटके. यह रिकॉर्ड 11 सालों तक आईपीएल के इतिहास का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन रहा, जिसे बाद में अल्जारी जोसेफ ने तोड़ा. आज भी यह आईपीएल का दूसरा सबसे बेहतरीन स्पेल है.

सोहेल तनवीर ने आईपीएल के पहले एडिशन में सबसे ज्याादा 22 विकेट लिए थे.

एक आतंकी हमले ने छीन लिया करियर
तनवीर का आईपीएल करियर जितना शानदार शुरू हुआ, उसका अंत उतना ही अचानक और दुखद रहा. 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक रिश्ते बिगड़ गए, जिसका सीधा असर क्रिकेट पर पड़ा. आईपीएल से पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया. तनवीर, जो उस समय टी20 के सबसे घातक गेंदबाज बनकर उभरे थे, फिर कभी आईपीएल का हिस्सा नहीं बन सके. अगर वे बैन न होते तो शायद आज उनके नाम आईपीएल के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में दर्ज होते.

904 विकेटों का विशाल साम्राज्य, फिर भी गुमनामी
भले ही इंटरनेशनल मंच पर तनवीर की चर्चा कम हुई हो, लेकिन उनके आंकड़े उनकी महानता की गवाही देते हैं. पाकिस्तान की डोमेस्टिक क्रिकेट (फर्स्ट क्लास, लिस्ट-ए और टी20) में तनवीर ने कुल 904 विकेट हासिल किए हैं. यह संख्या किसी भी गेंदबाज के लिए एक सपने जैसी है. तनवीर ने वनडे इंटरनेशनल में 62 मैचों में 71 विकेट लिए हैं जबकि 57 टी20 मैचों में उनके नाम 54 विकेट दर्ज हैं. दो टेस्ट मैचों में 5 विकेट उनके नाम दर्ज हैं जबकि 11 आईपीएल मैचों में उन्होंने 22 विकेट लिए. मार्च 2023 में उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया, लेकिन तब तक वे मुख्यधारा की क्रिकेट से दूर हो चुके थे.

विवादों से पुराना नाता
तनवीर जितने अपनी गेंदबाजी के लिए मशहूर थे, उतने ही अपने आक्रामक और कभी-कभी विवादित व्यवहार के लिए भी चर्चा में रहे. उनका सबसे बड़ा विवाद 2018 की कैरेबियन प्रीमियर लीग (CPL) के दौरान हुआ. गुयाना अमेजन वॉरियर्स और सेंट किट्स एंड नेविस पैट्रियट्स के बीच मैच चल रहा था। सेंट किट्स की पारी के 17वें ओवर में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बेन कटिंग ने तनवीर की गेंद पर एक लंबा छक्का जड़ा. गेंदबाज के तौर पर तनवीर को यह रास नहीं आया। अगली ही गेंद पर तनवीर ने कटिंग को क्लीन बोल्ड कर दिया। विकेट लेने के जोश और गुस्से में तनवीर अपना आपा खो बैठे और उन्होंने बेन कटिंग को मैदान पर ही दोनों हाथों की बीच वाली उंगलियां (Middle Fingers) दिखाईं.इस अश्लील इशारे की पूरी दुनिया में आलोचना हुई और उन पर जुर्माना भी लगाया गया.

अजीबोगरीब एक्शन और अधूरा सफर
सोहेल तनवीर की सबसे बड़ी ताकत उनका ‘यूनिक’ गेंदबाजी एक्शन था. वे अपने गलत पैर (Wrong foot) पर लैंड करते थे, जिससे बल्लेबाजों के लिए गेंद की दिशा और गति को भांपना नामुमकिन हो जाता था. वे बाएं हाथ के उन गेंदबाजों में से थे जो नई गेंद को अंदर और पुरानी गेंद को घातक यॉर्कर में तब्दील करना जानते थे. क्रिकेट के गलियारों में आज तनवीर का नाम शायद ही कहीं सुनाई देता हो, लेकिन 2008 की वो रात कोई नहीं भूल सकता जब उन्होंने राजस्थान को चैंपियन बनाया था. आज सोहेल तनवीर गुमनामी के अंधेरे में हैं, लेकिन क्रिकेट के इतिहास में उनका नाम एक ऐसे योद्धा के रूप में दर्ज रहेगा, जिसका करियर सरहदों की राजनीति और अपनी ही कुछ गलतियों की भेंट चढ़ गया.

About the Author

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें



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