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एग्जिट पोल के नतीजों के बाद विजय ने अपनी पार्टी के अंदर अलर्ट जारी किया है. विजय ने सभी विजयी कैंडिडेट्स को तुरंत पार्टी हेडक्वार्टर पनैयूर पहुंचने का ऑर्डर दिया है. एक अहम मीटिंग में विजय ने मजाकिया अंदाज में कहा कि जीत के बाद कहीं मत जाना. विजय का यह बयान तमिलनाडु की नाजुक पॉलिटिकल स्थिति की गंभीरता को साफ दिखाता है. इस भारी तैयारी के साथ टीवीके ने अपनी लीगल टीम को भी पूरी तरह एक्टिव कर दिया है.
एग्जिट पोल में तमिलनाडु में डीएमके और एआईडीएमके में कांटे की टक्कर बताई जा रही है. (फाइल फोटो)
चेन्नई. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में संभावित त्रिशंकु जनादेश की आशंका को देखते हुए अभिनेता-राजनेता सी. जोसेफ विजय ने अपनी पार्टी की स्थिति मजबूत करने के लिए पहले ही कदम उठा लिए हैं. तमिलगा वेट्ट्रि कझगम (टीवीके) ने 4 मई को आने वाले परिणामों से पहले संभावित ‘रिजॉर्ट राजनीति’ की तैयारी शुरू कर दी है.
एग्जिट पोल के नतीजे परस्पर विरोधी संकेत दे रहे हैं- कुछ डीएमके नेतृत्व वाले गठबंधन के पक्ष में हैं, तो कुछ एआईएडीएमके गठबंधन की बढ़त दिखा रहे हैं, जबकि कुछ टीवीके के मजबूत पदार्पण का अनुमान लगा रहे हैं. ऐसे में विजय ने अपनी पार्टी के विजयी उम्मीदवारों को परिणाम के बाद किसी तरह के ‘टूट-फूट’ से बचाने के लिए कदम उठाए हैं.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, महाबलीपुरम के पास पूंजेरी में एक निजी रिसॉर्ट में निर्वाचित विधायकों को ठहराने की व्यवस्था की गई है. यह रिसॉर्ट 100 से अधिक लोगों को ठहरा सकता है और इसे परिणाम घोषित होते ही टीवीके के विजयी उम्मीदवारों को रखने के लिए तैयार किया जा रहा है.
अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, विजय ने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, जिससे संभावित कड़े चुनावी मुकाबले के बाद स्थिति को संभाला जा सके.
पिछले सप्ताह एग्जिट पोल जारी होने के एक दिन बाद ही विजय ने निर्देश दिया था कि सभी विजयी उम्मीदवार तुरंत पनैयूर स्थित पार्टी मुख्यालय पहुंचें. बाद की एक बैठक में उन्होंने मजाकिया अंदाज में उम्मीदवारों से कहा कि जीत के बाद “कहीं मत जाना”, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है.
लॉजिस्टिक तैयारियों के साथ-साथ विजय ने पार्टी की कानूनी टीम को भी सक्रिय कर दिया है, ताकि मतगणना के दौरान किसी भी स्थिति से निपटा जा सके. उन्होंने पार्टी के महासचिव (चुनाव अभियान प्रबंधन) आधव अर्जुना को निर्देश दिया है कि वे भारत निर्वाचन आयोग से मतगणना केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा की मांग करें ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे.
इस बीच, सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) ने खुद को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सत्ता में वापसी को लेकर भरोसा जताया है. पार्टी नेतृत्व ने अपने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने और मतगणना प्रक्रिया पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं.
राजनीतिक स्थिति बेहद नाजुक और अनिश्चित बनी हुई है. ऐसे में तमिलनाडु में चुनाव परिणामों के बाद तीव्र राजनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है, जहां सत्ता की लड़ाई में “रिसॉर्ट राजनीति” एक बार फिर अहम रणनीति बनकर उभर सकती है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें


